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Pawan Kalya: 'जो पाकिस्तान को पसंद करते हैं, वे मुझे धमकी दे रहे', हैदराबाद में कांग्रेस पर गरजे पवन कल्याण
Tue, 02 Jun 2026 06:11 PM IST
नवीन पारमुवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Tue, 02 Jun 2026 06:11 PM IST
सार
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने हैदराबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस कर तेलंगाना के विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तेलंगाना के कुछ नेताओं की धमकियों का कड़ा जवाब दिया।
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आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Pawan Kalyan in Telangana: आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने तेलंगाना में विपक्ष के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। हैदराबाद के जुबली हिल्स स्थित अपने आवास पर एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने उन नेताओं को आड़े हाथों लिया जो उनके हैदराबाद आने पर सवाल उठा रहे थे। पवन कल्याण ने कहा कि वह तेलंगाना से प्यार करते हैं और उन्हें किसी को अपना प्यार साबित करने की जरूरत नहीं है।
पवन कल्याण ने गुस्से में कहा, "कुछ नेता कह रहे हैं कि मैं हैदराबाद में कैसे प्रवेश करूंगा। क्या तेलंगाना आपके पिता का है? मुझे धमकी देने वाले आप कौन होते हो?" उन्होंने आगे कहा कि उन्हें किसी से डर नहीं लगता और वह जहां चाहें वहां जा सकते हैं।
पवन कल्याण ने उदाहरण देते हुए आगे कहा, "सूरत और महाराष्ट्र में भी बड़ी संख्या में तेलुगु लोग रहते हैं। अगर वहां के लोग कहने लगें कि तेलुगु लोग यहां नहीं रह सकते, तो क्या यह सही होगा?" उन्होंने इस तरह की क्षेत्रवादी राजनीति की कड़ी निंदा की।
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तेलंगाना से प्यार साबित करने की जरूरत नहीं
उन्होंने कहा, "मैंने तेलंगाना का दौरा वोटों के लिए नहीं किया है, बल्कि इसलिए किया है क्योंकि मैं तेलंगाना से प्यार करता हूं। मुझे विपक्षी नेताओं को यह साबित करने की जरूरत नहीं है कि मैं तेलंगाना को कितना पसंद करता हूं।"
पवन कल्याण ने कहा कि जनसेना पार्टी कभी भी तेलंगाना के खिलाफ नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल उस तरीके का विरोध किया था जिस तरह से राज्य का बंटवारा हुआ था। उन्होंने याद दिलाया कि जब पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने आंध्र प्रदेश में उनकी रैली को रोका था, तब नलगोंडा और कोडाद के लोग उनके समर्थन में आए थे।
उप मुख्यमंत्री ने उन नेताओं की आलोचना की जो आज उनका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साल 2007 में ये नेता कहीं नहीं थे। इन नेताओं ने कभी नक्सल प्रभावित इलाकों का दौरा नहीं किया, जबकि वह आदिलाबाद जिले के टांडा तक जा चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
पवन कल्याण ने कहा, "आप उन सीपीएम और एआईएमआईएम के बारे में क्यों नहीं बोलते जिन्होंने तेलंगाना का विरोध किया था। एक कांग्रेस नेता ने कहा था कि वह पाकिस्तान को पसंद करते हैं और वही नेता अब कह रहे हैं कि अगर मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा तो शांति भंग हो जाएगी। जब पहलगाम में लोग मारे गए थे, तब इस कांग्रेस नेता ने आवाज क्यों नहीं उठाई थी?" इस मौके पर पवन कल्याण ने तेलंगाना के सभी लोगों को तेलंगाना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
यह भी पढ़ें: Jana Sena Hyderabad Rally: पवन कल्याण की हैदराबाद सभा को नहीं मिली पुलिस की अनुमति, हाईकोर्ट पहुंची जनसेना
पवन कल्याण ने कहा, ''कांग्रेस के नेताओं को हमसे लाखों बार माफी मांगनी चाहिए। मेरा मतलब कभी गलत तरीके से नहीं था, मैं सिर्फ उन बातों का जिक्र कर रहा था जो उनके द्वारा कही गई थीं। यह मेरी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है। उनकी अनगिनत टिप्पणियों और गालियों की तुलना में उन्हें खेद व्यक्त करना चाहिए। जिन भी कांग्रेस नेताओं ने ऐसा कहा है, उन्हें माफी मांगनी होगी।''
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ''तेलंगाना में भाजपा सबसे गहरी पैठ वाली पार्टी है। भाजपा को तेलंगाना में जनसेना के समर्थन की जरूरत नहीं है क्योंकि यह एक बहुत मजबूत दल है और इनका कैडर बहुत प्रतिबद्ध है। वे जनसेना पर सबसे कम निर्भर हैं।''
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पवन कल्याण ने गुस्से में कहा, "कुछ नेता कह रहे हैं कि मैं हैदराबाद में कैसे प्रवेश करूंगा। क्या तेलंगाना आपके पिता का है? मुझे धमकी देने वाले आप कौन होते हो?" उन्होंने आगे कहा कि उन्हें किसी से डर नहीं लगता और वह जहां चाहें वहां जा सकते हैं।
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पवन कल्याण ने उदाहरण देते हुए आगे कहा, "सूरत और महाराष्ट्र में भी बड़ी संख्या में तेलुगु लोग रहते हैं। अगर वहां के लोग कहने लगें कि तेलुगु लोग यहां नहीं रह सकते, तो क्या यह सही होगा?" उन्होंने इस तरह की क्षेत्रवादी राजनीति की कड़ी निंदा की।
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तेलंगाना से प्यार साबित करने की जरूरत नहीं
उन्होंने कहा, "मैंने तेलंगाना का दौरा वोटों के लिए नहीं किया है, बल्कि इसलिए किया है क्योंकि मैं तेलंगाना से प्यार करता हूं। मुझे विपक्षी नेताओं को यह साबित करने की जरूरत नहीं है कि मैं तेलंगाना को कितना पसंद करता हूं।"
पवन कल्याण ने कहा कि जनसेना पार्टी कभी भी तेलंगाना के खिलाफ नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल उस तरीके का विरोध किया था जिस तरह से राज्य का बंटवारा हुआ था। उन्होंने याद दिलाया कि जब पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने आंध्र प्रदेश में उनकी रैली को रोका था, तब नलगोंडा और कोडाद के लोग उनके समर्थन में आए थे।
उप मुख्यमंत्री ने उन नेताओं की आलोचना की जो आज उनका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साल 2007 में ये नेता कहीं नहीं थे। इन नेताओं ने कभी नक्सल प्रभावित इलाकों का दौरा नहीं किया, जबकि वह आदिलाबाद जिले के टांडा तक जा चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
पवन कल्याण ने कहा, "आप उन सीपीएम और एआईएमआईएम के बारे में क्यों नहीं बोलते जिन्होंने तेलंगाना का विरोध किया था। एक कांग्रेस नेता ने कहा था कि वह पाकिस्तान को पसंद करते हैं और वही नेता अब कह रहे हैं कि अगर मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा तो शांति भंग हो जाएगी। जब पहलगाम में लोग मारे गए थे, तब इस कांग्रेस नेता ने आवाज क्यों नहीं उठाई थी?" इस मौके पर पवन कल्याण ने तेलंगाना के सभी लोगों को तेलंगाना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
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पवन कल्याण ने कहा, ''कांग्रेस के नेताओं को हमसे लाखों बार माफी मांगनी चाहिए। मेरा मतलब कभी गलत तरीके से नहीं था, मैं सिर्फ उन बातों का जिक्र कर रहा था जो उनके द्वारा कही गई थीं। यह मेरी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है। उनकी अनगिनत टिप्पणियों और गालियों की तुलना में उन्हें खेद व्यक्त करना चाहिए। जिन भी कांग्रेस नेताओं ने ऐसा कहा है, उन्हें माफी मांगनी होगी।''
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ''तेलंगाना में भाजपा सबसे गहरी पैठ वाली पार्टी है। भाजपा को तेलंगाना में जनसेना के समर्थन की जरूरत नहीं है क्योंकि यह एक बहुत मजबूत दल है और इनका कैडर बहुत प्रतिबद्ध है। वे जनसेना पर सबसे कम निर्भर हैं।''