आंध्र प्रदेश : एआईएमआईएम विधायक मुमताज खान ने पड़ोसी को जड़ा थप्पड़, केस दर्ज, पढ़ें देश की महत्वपूर्ण खबरें
आंध्र प्रदेश में एक पड़ोसी पर हमला करने और धमकी देने का मामल में एआईएमआईएम विधायक मुमताज खान पर उनके पड़ोसी ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अभिवादन नहीं करने पर विधायक ने उनके साथ मारपीट की और धमकी भी दी।
विस्तार
आंध्र प्रदेश में एआईएमआईएम विधायक मुमताज खान पर कथित तौर पर एक पड़ोसी पर हमला करने और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार शिकायत एआईएमआईएम चारमीनार विधायक मुमताज के आवास के सामने रहने वाले उनके पड़ोसी ने दर्ज कराया है।
लगा पड़ोसी से मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अभिवादन नहीं करने पर विधायक ने उनके साथ मारपीट की और धमकी भी दी। पुलिस ने एआईएमआईएम विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 341, 323 और 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। आइए जानते हैं देश की महत्वपूर्ण खबरों के बारें...
जयपुर में महिला के पेट से 17 किलो का ट्यूमर निकाला
जयपुर के चिकित्सकों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। करीब चार घंटे चली सर्जरी में एक 55 वर्षीय महिला के पेट से 23 से.मी. बड़ी और 16.8 किलो वजनी गांठ निकाली गई है।
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डॉ प्रशांत शर्मा ने बताया कि सर्जरी गांठ के आकार और वजन की वजह से काफी चुनौतीपूर्ण थी। मरीज करीब तीन साल से इससे पीड़ित थी और पांच महीने पहले हॉस्पिटल आई थी।
जनजातीय कार्यक्रम में विषैला खाना खाने से चार की मौत
गुजरात के आदिवासी बहुल क्षेत्र दाहोद जिले के एक गांव के धार्मिक कार्यक्रम में विषाक्त भोजन खाने से चार लोगों की मौत हो गई और करीब बारह लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि इनमें से दो की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने बताया कि लोगों ने संभवत: जहरीला खाना खाया या कोई नशीला पदार्थ पीया हो सकता है। मौत के असली कारणों की जांच की जा रही है।
चार देशों के राजदूतों ने राष्ट्रपति कोविंद को परिचय पत्र प्रस्तुत किए
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में मंगोलिया, घाना, क्यूबा और सिएरा लियोन गणराज्य के राजदूतों व उच्चायुक्तों के परिचय पत्र स्वीकार किए। आधिकारिक बयान में बताया गया कि क्यूबा गणराज्य के राजदूत एच.ई. अलेजांद्रो सिमंकास मारिन, घाना गणराज्य के उच्चायुक्त एच.ई. क्वाकू असोमाह-चेरेमेह, मंगोलिया के राजदूत गणबोल्ड डंबजाव और सिएरा लियोन गणराज्य के उच्चायुक्त राशिद सेसे से राष्ट्रपति ने अलग-अलग से बातचीत की और उनकी नियुक्तियों पर बधाई दी।
देशमुख और वझे चांदीवाल आयोग के समक्ष हुए पेश
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वझे सोमवार को चांदीवाल आयोग के समक्ष पेश हुए। आयोग अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहा है। देशमुख पर मुंबई के होटल और रेस्टोरेंट से हर महीने 100 करोड़ वसूली को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। फिलहाल देशमुख और वझे दोनों अलग मामलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में हैं।
कितने जनप्रतिनिधियों के केस हटाए, बताए सरकार : हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि उसने 16 सितंबर 2020 के बाद कितने सांसदों व विधायकों के आपराधिक मुकदमे वापस लिए हैं? उनसे यह केस वापस लेने की वजह भी बताने को कहा है। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी राज्यों की हाईकोर्ट को जारी निर्देश के आधार पर दिए गए। हाईकोर्ट ने सरकार से बयान दाखिल करने को कहा है।
इसमें पूर्व या मौजूदा जनप्रतिनिधियों से हटाए सभी मुकदमों की जानकारी, ऐसा करने की वजह देने होंगे। मामले की अगली सुनवाई 5 जनवरी को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष10 अगस्त को कहा था कि संबंधित हाईकोर्ट की अनुमति लिए बिना जनप्रतिनिधियों पर दर्ज आपराधिक मुकदमे वापस नहीं लिए जा सकते।
नरवणे व ओमान के सेना प्रमुख के बीच सैन्य सहयोग पर चर्चा
सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने सोमवार को ओमान के अपने समकक्ष मेजर जनरल मत्तर बिन सलीम राशीद अल बलूशी के साथ सैन्य सहयोग को लेकर फोन पर बात की। भारतीय सेना ने ट्वीट कर ये जानकारी दी। सेना ने बताया कि मई में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने के साथ पनडुब्बी को लेकर चल रहे गतिरोध पर भी एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था। दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर संबंध के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
दस लाख की फर्जी निकासी के आरोपी बैंक कर्मी को सुप्रीम कोर्ट ने किया रिहा
सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख रुपये की फर्जी निकासी के मामले में आरोपी बैंक कर्मी को रिहा कर दिया। साथ ही सीबीआई को जांच में लापरवाही बरतने पर फटकार भी लगाई। मामला ग्रामीण बैंक से 1994-95 में हुई निकासी का है। सीजेआई एनवी रमण, जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के 2009 में आए फैसले के खिलाफ शाखा प्रबंधक एन राघवेंद्र की अर्जी स्वीकार करते हुए कहा, या तो इस मामले में सीबीआई ने लापरवाही की है या फिर कोई ऐसा दबाव था जिस कारण निष्पक्ष जांच नहीं र्हुई।
हाईकोर्ट ने 2002 के विशेष सीबीआई जज के फैसले के खिलाफ आपराधिक अपील को खारिज कर दिया था। सीबीआई जज ने राघवेंद्र को धोखाधड़ी और विभिन्न अन्य अपराधों का दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी, जबकि दो अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।