Andaman-Nicobar: अंडमान-निकोबार में पर्यटन पर सरकार करेगी पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन, जानें क्या है योजना?
अंडमान और निकोबार सरकार नई द्वीपों को खोलने और बढ़ते पर्यटन के असर का अध्ययन कर रही है, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे और पर्यटन संतुलित रूप से बढ़े। कोविड से पहले की तुलना में पर्यटन में तेजी आई है। पर्यटन सचिव ज्योति कुमारी ने बताया कि पिछले साल चार लाख आबादी वाले द्वीप पर 7.2 लाख पर्यटक आए, जबकि इस साल सितंबर तक छह लाख आ चुके हैं।
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अंडमान और निकोबार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वहां की सरकार ने अहम कदम उठाया है। इसके तहत सरकार नई द्वीपों को खोलने और बढ़ते पर्यटन के असर का अध्ययन कर रही है, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे और पर्यटन संतुलित ढंग से बढ़े। इस बात की जानकारी इन विभागों से जुड़े अधिकारियों ने दी।
बता दें कि संघ राज्य क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सफेद रेत और मैंग्रोव कयाकिंग टूर के लिए जाना जाता है। कोविड से पहले के मुकाबले यहां घरेलू पर्यटन में काफी बढ़ोतरी हुई है। पर्यटन सचिव ज्योति कुमारी ने कहा कि पिछले साल चार लाख की आबादी वाले द्वीप पर 7.2 लाख पर्यटक आए थे। इस साल सितंबर तक छह लाख पर्यटक आ चुके हैं और अक्तूबर-नवंबर उनका पीक सीजन है।
नई द्वीपों को धीरे-धीरे खोला जा रहा- ज्योति कुमारी
कुमारी ने कहा कि द्वीपों की सहन क्षमता सीमित है और फ्लाइट्स के जरिए पहुंच प्रतिबंधित होने से पर्यटकों की संख्या नियंत्रित रहती है। अक्सर जाने वाले द्वीपों पर असर कम है। नई द्वीपों को धीरे-धीरे खोला जा रहा है। हाल ही में नॉर्थ सिंक द्वीप, जॉली बॉय और रेड स्किन द्वीप खोले गए हैं, जिनमें 200 लोगों की सीमा तय की गई है। उन्होंने बताया कि इस तरह सरकार पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन दोनों को बढ़ावा दे रही है। अब तक 21 द्वीप खोले जा चुके हैं और उनका प्रभाव लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।
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पर्यटन में विविधता और नए अनुभव
पर्यटन सचिव कुमारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि अब पर्यटन में बर्डवॉचिंग और एस्ट्रो-टूरिज्म (खगोल पर्यटन) पर ध्यान दिया जा रहा है। अंडमान में 32 तरह के स्थानीय पक्षी पाए जाते हैं, इसलिए कई लोग एक ही दिन में पक्षियों की संख्या बढ़ाने आते हैं।
पर्यटकों को देखने को मिलेगा दोनों गोलार्धों की तारामंडल
ऐसे में एस्ट्रो-टूरिज्म के तहत पर्यटकों को रात के आकाश और दोनों गोलार्धों की तारामंडल देखने का अवसर मिलेगा। सरकार ने गाइड्स को प्रशिक्षित और प्रमाणित करने के लिए नीति बनाई है। इसके अलावा स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पर्यटक पंजीकरण कर आने वाले खगोलीय कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा अंडमान में मछली पकड़ना और वाटर स्पोर्ट्स भी पर्यटकों में काफी लोकप्रिय हैं। कुमारी ने कहा कि नई द्वीपों को खोलते समय सरकार पर्यावरण और पर्यटन का संतुलन बनाए रखने पर खास ध्यान दे रही है, ताकि द्वीप प्राकृतिक रूप से सुरक्षित और सुंदर बने रहें।
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