Amit Shah: 'हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटें....', शााह ने पूर्वोत्तर के उग्रवादियों से की आत्मसमर्पण की अपील
Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्तर के उग्रवादियों से हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने की अपील की और कहा कि देश की विकास यात्रा में उनके योगदान का स्वागत किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में हिंसा में 10,000 से अधिक उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पूर्वोत्तर क्षेत्र के उग्रवादियों से अपील कि वे अपने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि भारत के विकास में उनके योगदान का स्वागत किया जाएगा। शाह असम राइफल्स की ओर से आयोजित 'एकता उत्सव: एक आवाज, एक देश' कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि पूर्वोत्तर शांति और विकास चाहता है और भारत के आंतरिक हिस्से के रूप में काम करना चाहता है।
'हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटें'
गृह मंत्री ने कहा, मैं उन सभी उग्रवादियों से अपील करता हूं, जिन्होंने अब तक आत्मसमर्पण नहीं किया है कि वे अपने हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों। भारत की विकास यात्रा में आपकी भागदारी का स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों पूर्वोत्तर में हिंसा में 70 फीसदी कमी आई है, सुरक्षा बलों में मौते 70 फीसदी कम हुई हैं और नागरिकों की मौत में 85 फीसदी की कमी आई है।
'पांच वर्षों में 10 हजार उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण'
शाह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 10 हजार से अधिक उग्रवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। विभिन्न संगठनों के साथ 12 शांति समझौते किए गए हैं और राज्यों के बीच दो सीमा समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा, पूर्वोत्तर क्षेत्र शांति चाहता है, विकास चाहता है और भारत का एक अभिन्न हिस्सा रहकर काम करना चाहता है।
'पूर्वोत्तर की समृद्ध परंपरा पर देश को गर्व'
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पूर्वोत्त के युवा भारत के विकास में योगदान देने के लिए एक कदम बढ़ाते हं, तो पूरा देश खुले दिल से चार कदम बढ़ाकर उनका स्वागत करेगा। देश के हर कोने के दिल में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक खास स्थान है। शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर पर देश गर्व महसूस करता है। पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक धरोहर के बिना भारत अधूरा है।
'पीएम ने पूर्वोत्तर की पहचान को दिया नया आयाम'
शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर की पहचान को नया आयाम देते हुए इसे अष्टलक्ष्मी नाम दिया है, जो आठ राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम का सम्मिलित रूप है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर के युवाओं के लिए अनगिनत अवसरों के रास्ते खोलने के लिए आर्थिक, सांस्कृतिक, खेल, शिक्षा, कृषि और उद्यमिता जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है।
कार्यक्रम में 212 टीमों और 1500 छात्रों ने लिया भाग
गृह मंत्री ने कहा, असम राइफल्स की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 212 टीमों और 1,500 छात्रों ने भाग लिया। मैं मणिपुर को बधाई देना चाहता हूं, क्योंकि वहां के छात्रों को सबसे ज्यादा पुरस्कार मिले। इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी ने फैसला लिया है कि देश का पहला खेल विश्विद्यालय मणिपुर में बनेगा।
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