Aniruddhacharya: अनिरुद्धाचार्य बोले- दुनिया में 52 मुस्लिम देश, भारत हिंदू राष्ट्र बने तो किसी को एतराज न हो
अमर उजाला के मंच पर गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक डॉ अनिरुद्धाचार्य ने ''सनातन धर्म और आध्यात्म' के विषय पर बेबाकी से अपने विचार रखे। उन्होंने संवाद की शुरुआत श्रीमदभगवतगीता के 18वें अध्याय के 66वें श्लोक से की। उन्होंने कहा कि दुनिया में 52 मुस्लिम देश हैं, ऐसे में भारत के हिंदू राष्ट्र बनने पर किसी को एतराज नहीं होना चाहिए। उन्होंने नारी उत्पीड़न के खिलाफ सख्ती को लेकर भी अपनी बात रखी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वो कौन सा क्षण था, जब लगा कि अध्यात्म की ओर जाना है?
अनिरुद्धाचार्य: एक बार गांव में भागवत की कथा हुई। मां मुझे लेकर गईं। उन्होंने मेरे लिए आशीर्वाद मांगा कि मन्नू भी भागवत सुनाए। मैंने भी मां की इच्छा पूरी की और भागवत सुनाने वाला बन गया।
संत बनना आजकल पैशन के साथ-साथ फैशन भी हो गया है, आप इससे सहमत हैं?
अनिरुद्धाचार्य: लोग क्या करते हैं, हमें इससे मतलब नहीं। हमने केवल समाज की सेवा की है। आज मेरी आयु 34 साल है। इस उम्र के लड़के शराब पीकर क्लबों में घूम रहे हैं। इस उम्र में हमने पढ़ाई की और पढ़कर समाज सेवा की। आज 290 वृद्ध मांओं का बेटा बनने का मौका मिला। मैंने गौरी-गोपाल गुरुकुल की स्थापना की और बच्चों को वहां नि:शुल्क पढ़ा रहे हैं। 400 गोमाता और 125 नंदी की सेवा करते हैं। जब बच्चे अपने माता-पिता से पैसे मांगकर शौक पूरा कर रहे हैं, वहां हम यह काम कर रहे हैं। बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।
हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर आजकल कई संत बात कर रहे हैं, उस पर आपकी क्या राय है?
अनिरुद्धाचार्य: लगभग 52 देश मुस्लिम देश हैं। अगर उससे हमें कोई एतराज नहीं है तो भारत हिंदू राष्ट्र हो जाए तो उससे किसी को एतराज नहीं होना चाहिए। हिंदू राष्ट्र होने का यह मतलब नहीं कि मुसलमान यहां नहीं रहेंगे। मुसलमान यहां थे, हैं और रहेंगे। यहां हिंदू राष्ट्र बनेगा तो गाय राष्ट्रमाता बनेगी। महाराष्ट्र में गोमाता को राज्यमाता का दर्जा मिला है। हिंदू राष्ट्र होगा तो इसका यह मतलब है कि हिंदुओं का पक्ष मजबूत होगा। अभी हमारे सामने गाय काट दी जाती है, हमारी आस्था का सम्मान नहीं होता। इंदिरा गांधी जी स्वामी करपात्री के पास समर्थन मांगने गई थीं। तब स्वामी जी ने कहा था कि क्या आप गोहत्याओं पर प्रतिबंध लगाएंगी? जब वे प्रधानमंत्री बन गईं, तब स्वामी जी ने दिल्ली तक यात्रा निकाली और वहां इंदिरा जी से सवाल पूछा तो सरकार ने उनके समर्थकों पर गोलियां चलवा दीं
क्या देश में बदलाव महसूस होता है?
अनिरुद्धाचार्य: बहुत कुछ तो नहीं बदला है, फिर भी मेरा मानना है कि मोदी जी अगर हजार-पांच सौ का नोट बंद कर सकते हैं तो गोहत्या भी बंद कर सकते हैं। वे रात आठ बजे देश के सामने आकर कहें तो गोहत्या बंद हो जाए। जैसे नया वक्फ कानून गरीब मुसलमानों को अधिकार देने के लिए है। जैसे प्रयागराज के महाकुंभ क्षेत्र पर भी वक्फ बोर्ड ने दावा कर दिया था। गंगा मैया ने इस बात का इलाज कर दिया।
क्या दूसरे समुदाय को लेकर कोई खटास है?
अनिरुद्धाचार्य: हम किसी से नफरत नहीं करते। हम ही हैं, जो कहते हैं कि ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम। कहीं और से तो आज तक ऐसी आवाज नहीं आई। हमारे मन में कोई खटास नहीं है। सर्वधर्म की अवधारणा ही गलत है। धर्म एक ही है सनातन। इस्लाम मजहब है, सिख पंथ है। गंगा और गंगा की नहर है। नदी से निकली धारा का नाम नहर है। एक सनातन धर्म से बाकी मजहब और पंथ निकले हैं। अगर मजहब और धर्म में फर्क नहीं होता तो सभी धर्म में लोग पत्नी को धर्मपत्नी कहते। धर्म कोई सब्जी नहीं। मूल में तो सनातन ही रहेगा।