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Air India Crash: दोनों इंजन फेल होने से हुआ विमान हादसा? फ्लाइट सिमुलेटर पर जांच से तह तक पहुंचने की कवायद
Wed, 02 Jul 2025 12:54 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:54 PM IST
सार
फ्लाइट सिमुलेटर एक डिवाइस या सॉफ्टवेयर है, जिसमें विमान की उड़ान जैसी स्थिति बनाई जाती है। फ्लाइट सिमुलेटर का इस्तेमाल पायलटों की ट्रेनिंग, विमान के डिजाइन और रिसर्च आदि में इस्तेमाल किया जाता है।
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एअर इंडिया विमान हादसे की तस्वीर
- फोटो : PTI
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विस्तार
अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान हादसे को दो हफ्ते से ज्यादा का समय बीत चुका है और जांचकर्ता इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि इस हादसे की वजह क्या रही। एअर इंडिया के पायलटों ने हादसे की वजह जानने के लिए फ्लाइट सिमुलेटर पर भी जांच की। इस जांच में पता चला है कि संभवत: विमान के दोनों इंजन फेल होने की वजह से विमान क्रैश हुआ होगा।
तकनीकी खराबी का अंदेशा
जांच के दौरान एयरलाइन के पायलटों ने फ्लाइट सिमुलेटर में विमान के उड़ान के दौरान के विभिन्न पैरामीटर्स को फिर से दोहराया, जिसमें लैंडिंग गियर की स्थिति और विंग फ्लैप को वापस खींचना शामिल था। इस जांच में पाया गया कि केवल इन सेटिंग्स की वजह से हादसा नहीं हुआ। पिछली कुछ जांच में पता चला है कि विमान के क्रैश होने से कुछ सेकंड पहले ही आपातकालीन पावर टरबाइन भी चालू की गई थी, जिससे पता चलता है कि तकनीकी खराबी के चलते विमान क्रैश हुआ। हादसे की आधिकारिक जांच चल रही है, जिसका नेतृत्व विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो या एएआईबी द्वारा की जा रही है। फ्लाइट सिमुलेटर जांच आधिकारिक जांच से अलग हुई। इस जांच में हादसे के संभावित कारण जानने की कोशिश की गई।
ये भी पढ़ें- Air India: टोक्यो के हनेडा एयरपोर्ट से दिल्ली आने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट कोलकाता डायवर्ट, सामने आई ये वजह
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क्या होता है फ्लाइट सिमुलेटर
फ्लाइट सिमुलेटर एक डिवाइस या सॉफ्टवेयर है, जिसमें विमान की उड़ान जैसी स्थिति बनाई जाती है। फ्लाइट सिमुलेटर का इस्तेमाल पायलटों की ट्रेनिंग, विमान के डिजाइन और रिसर्च आदि में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एयरक्राफ्ट कंट्रोल सिस्टम, फ्लाइट डायनामिक्स और विमान उड़ाने जैसा अनुभव होता है, जिससे सुरक्षित तरीके से विमान उड़ाने की ट्रेनिंग की जा सकती है।
जांच विमान के दोनों इंजनों की खराबी की तरफ कर रही इशारा
दोनों इंजन एक साथ कैसे फेल हो गए, ये अभी भी पहेली बना हुआ है। जांचकर्ता फ्लाइट रिकॉर्डर के डेटा की जांच में जुटे हैं। विमान हादसे की फुटेज की जांच कर रहे पायलटों ने बताया है कि लैंडिंग गियर आगे की तरफ झुका हुआ था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कॉकपिट क्रू ने उसे वापस खींचने की कोशिश की थी। उसी समय लैंडिंग गियर के दरवाजे भी नहीं खुले। जांच कर रहे पायलटों का मानना है कि दरवाजे नहीं खुलने का मतलब है कि विमान में बिजली नहीं थी या हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हो गया था। मतलब विमान के दोनों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया था।
ये भी पढ़ें- Plane Crash: टाटा संस पीड़ित परिवारों के लिए 500 करोड़ का ट्रस्ट बनाएगा, टाटा ट्रस्ट भी इतने का ही देगा योगदान
आपातकालीन पावर टरबाइन विमान के पिछले हिस्से में होता है, जो विमान में इलेक्ट्रिकल फेलियर की स्थिति में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि पावर टरबाइन विमान को बिजली तो देते हैं, लेकिन विमान को ऊपर उठाने के लिए ये पावर बेहद कम होती है।
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तकनीकी खराबी का अंदेशा
जांच के दौरान एयरलाइन के पायलटों ने फ्लाइट सिमुलेटर में विमान के उड़ान के दौरान के विभिन्न पैरामीटर्स को फिर से दोहराया, जिसमें लैंडिंग गियर की स्थिति और विंग फ्लैप को वापस खींचना शामिल था। इस जांच में पाया गया कि केवल इन सेटिंग्स की वजह से हादसा नहीं हुआ। पिछली कुछ जांच में पता चला है कि विमान के क्रैश होने से कुछ सेकंड पहले ही आपातकालीन पावर टरबाइन भी चालू की गई थी, जिससे पता चलता है कि तकनीकी खराबी के चलते विमान क्रैश हुआ। हादसे की आधिकारिक जांच चल रही है, जिसका नेतृत्व विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो या एएआईबी द्वारा की जा रही है। फ्लाइट सिमुलेटर जांच आधिकारिक जांच से अलग हुई। इस जांच में हादसे के संभावित कारण जानने की कोशिश की गई।
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क्या होता है फ्लाइट सिमुलेटर
फ्लाइट सिमुलेटर एक डिवाइस या सॉफ्टवेयर है, जिसमें विमान की उड़ान जैसी स्थिति बनाई जाती है। फ्लाइट सिमुलेटर का इस्तेमाल पायलटों की ट्रेनिंग, विमान के डिजाइन और रिसर्च आदि में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एयरक्राफ्ट कंट्रोल सिस्टम, फ्लाइट डायनामिक्स और विमान उड़ाने जैसा अनुभव होता है, जिससे सुरक्षित तरीके से विमान उड़ाने की ट्रेनिंग की जा सकती है।
जांच विमान के दोनों इंजनों की खराबी की तरफ कर रही इशारा
दोनों इंजन एक साथ कैसे फेल हो गए, ये अभी भी पहेली बना हुआ है। जांचकर्ता फ्लाइट रिकॉर्डर के डेटा की जांच में जुटे हैं। विमान हादसे की फुटेज की जांच कर रहे पायलटों ने बताया है कि लैंडिंग गियर आगे की तरफ झुका हुआ था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कॉकपिट क्रू ने उसे वापस खींचने की कोशिश की थी। उसी समय लैंडिंग गियर के दरवाजे भी नहीं खुले। जांच कर रहे पायलटों का मानना है कि दरवाजे नहीं खुलने का मतलब है कि विमान में बिजली नहीं थी या हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हो गया था। मतलब विमान के दोनों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया था।
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आपातकालीन पावर टरबाइन विमान के पिछले हिस्से में होता है, जो विमान में इलेक्ट्रिकल फेलियर की स्थिति में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि पावर टरबाइन विमान को बिजली तो देते हैं, लेकिन विमान को ऊपर उठाने के लिए ये पावर बेहद कम होती है।