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टैक्स चोरी का खुलासा: बिरयानी बेच रहे 1.77 लाख रेस्टोरेंट की करतूत, AI ने पकड़ी 70 हजार करोड़ की काली कमाई
Fri, 20 Feb 2026 04:26 AM IST
लव गौर
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: लव गौर
Updated Fri, 20 Feb 2026 04:26 AM IST
सार
देशभर के रेस्टोरेंट्स से टैक्स चोरी घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। बिरयानी बेच रहे 1.77 लाख रेस्तरां में एआई ने 70 हजार करोड़ की काली कमाई पकड़ी है। जानें पूरा मामला
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बिरयानी (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : Instagram
विस्तार
एआई की मदद से आयकर विभाग ने खाद्य बाजार में अब तक की सबसे बड़ी 70 हजार करोड़ रुपये की काली कमाई पकड़ी है। देशभर में हैदराबादी बिरयानी बेचने वाले करीब 1.77 लाख रेस्तरां ने पांच वर्षों में सॉफ्टवेयर बिलों में फर्जीवाड़ा कर अपनी कमाई छिपाई और उस पर कर नहीं चुकाया।
आयकर विभाग की हैदराबाद इकाई ने एक लाख से अधिक रेस्तरां में इस्तेमाल किए जाने वाले बिलिंग सॉफ्टवेयर के 60 टेराबाइट लेनदेन डाटा का विश्लेषण कर यह खुलासा किया है। जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से अब तक इन रेस्तरां ने 70,000 करोड़ रुपये के बिक्री कारोबार को छिपाया। अधिकारियों ने इस पर जुर्माने समेत कर की गणना नहीं की है।
हालांकि उन्होंने बताया कि जिस सॉफ्टवेयर पर उन्होंने नजर रखी है, वह कुल रेस्तरां बिलिंग सॉफ्टवेयर बाजार के 10% हिस्से को नियंत्रित करता है। जांच में 1.77 लाख रेस्तरां आईडी के डाटा का विश्लेषण करने के लिए बिग डाटा विश्लेषण और जनरेटिव एआई समेत कई टूल्स का इस्तेमाल किया गया।
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कर्नाटक में सबसे अधिक कर चोरी
जांच में पाया गया कि सबसे अधिक चोरी कर्नाटक में हो रही थी। उसके बाद तेलंगाना और तमिलनाडु का स्थान रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ रेस्तरां मालिकों ने बिल मिटाने की जहमत तक नहीं उठाई। अधिकारियों का मानना है कि रेस्तरां की कुल बिक्री का लगभग एक चौथाई हिस्सा कर चोरी किया गया था।
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भुगतान के बाद सिस्टम से हटा देते थे बिल
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आयकर विभाग की हैदराबाद इकाई ने एक लाख से अधिक रेस्तरां में इस्तेमाल किए जाने वाले बिलिंग सॉफ्टवेयर के 60 टेराबाइट लेनदेन डाटा का विश्लेषण कर यह खुलासा किया है। जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से अब तक इन रेस्तरां ने 70,000 करोड़ रुपये के बिक्री कारोबार को छिपाया। अधिकारियों ने इस पर जुर्माने समेत कर की गणना नहीं की है।
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हालांकि उन्होंने बताया कि जिस सॉफ्टवेयर पर उन्होंने नजर रखी है, वह कुल रेस्तरां बिलिंग सॉफ्टवेयर बाजार के 10% हिस्से को नियंत्रित करता है। जांच में 1.77 लाख रेस्तरां आईडी के डाटा का विश्लेषण करने के लिए बिग डाटा विश्लेषण और जनरेटिव एआई समेत कई टूल्स का इस्तेमाल किया गया।
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कर्नाटक में सबसे अधिक कर चोरी
जांच में पाया गया कि सबसे अधिक चोरी कर्नाटक में हो रही थी। उसके बाद तेलंगाना और तमिलनाडु का स्थान रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ रेस्तरां मालिकों ने बिल मिटाने की जहमत तक नहीं उठाई। अधिकारियों का मानना है कि रेस्तरां की कुल बिक्री का लगभग एक चौथाई हिस्सा कर चोरी किया गया था।
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भुगतान के बाद सिस्टम से हटा देते थे बिल
- आयकर टीम ने जांच में पाया कि ग्राहकों के भुगतान करने के बाद, कई बिल सिस्टम से हटा दिए गए या बदल दिए गए।
- पूरे भारत में, 70,000 करोड़ रुपये में से 13,317 करोड़ के बिल भुगतान के बाद हटाए गए।
- महज आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में छिपाई गई बिक्री 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की थी।
- इसकी दोबारा जांच के लिए अधिकारियों ने 40 रेस्तरां का दौरा किया और वास्तविक बिक्री की तुलना कंप्यूटर रिकॉर्ड से की।
- इस छोटी सी जांच में भी लगभग 400 करोड़ रुपये की अघोषित बिक्री का पता चला।
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