Agnipath Protest: सिकंदराबाद स्टेशन पर हुई हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, कोचिंग बंद होने के डर से आंदोलनकारियों को भड़काया गया
आरपीएफ ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट एक वीडियो शेयर किया। वीडियो 17 जून का बताया जा रहा है। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के इस वीडियो में एक व्यक्ति ट्रेन के अंदर बैठकर आग लगाता दिख रहा है। आरपीएफ ने बताया कि हिंसा में शामिल 60 से अधिक लोगों में से दो आरोपियों को जीआरपी/आरपीएफ ने आईपीसी, पीडीपीपी अधिनियम और रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया है।
विस्तार
केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई सेनाभर्ती योजना 'अग्निपथ' के विरोध के नाम पर सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर 17 जून को हुई हिंसा और आगजनी की साजिश रचने वाले एक पूर्व सैनिक को गिरफ्तार किया गया है। तेलंगाना रेलवे पुलिस ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है। गौरतलब है कि 17 जून को यहां रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे।
पुलिस ने जारी किया बयान
तेलंगाना पुलिस ने गिरफ्तारी को लेकर बयान जारी किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुब्बा राव और उनके तीन साथियों को हिंसा फैलाने और साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अवुला सुब्बा राव पहले सेना में नर्सिंग सहायक थे। वर्तनाम में वे आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के नरसरावपेटा में साई रक्षा अकादमी चलाते हैं।
पुलिस ने अपने बयान में बताया है कि अग्निपथ योजना के कारण आरोपियों को अपनी कोचिंग बंद हो जाने का डर था। इस कारण आरोपी अवुला सुब्बा राव और उसके अन्य सहयोगियों ने कई व्हाट्सएप समूह बनाकर सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पहुंचने का संदेश फैलाया और कहा कि सरकार की योजना वापसी के लिए हिंसा का सहारा लें।
पुलिस के बयान में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने कथित तौर पर उन लोगों से से तीन लाख रुपये का बांड भी लिया था, जो उसकी कोचिंग में सेना भर्ती की तैयारी के लिए आना चाहते थे। इसके अलावा पुलिस ने यह भी कहा कि अग्निपथ योजना के संबंध में केंद्र की घोषणा और बाद में सेना में पूर्ण भर्ती के लिए लिखित परीक्षा रद्द होने के बाद, कई उम्मीदवार एआरओ (सेना भर्ती कार्यालय) में एक रैली निकालना चाहते थे।
कोचिंग बंद होने का था डर
पुलिस ने अपने बयान में बताया है कि अग्निपथ योजना के कारण आरोपियों को अपनी कोचिंग बंद हो जाने का डर था। इसके कारण आरोपियों ने प्लान बनाकर सेना भर्ती के उम्मीदवारों को उकसाया। जानकारी के अनुसार अग्निपथ योजना को वापस करवाने के लिए और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलनकारियों को हिंसा के लिए भड़काया।
वायरल वीडियो को लेकर आरपीएफ ने दी जानकारी
वहीं, ट्रेन के कोच में आग लगाते हुए एक युवक के वायरल वीडियो को लेकर आरपीएफ ने जानकारी दी है। आरपीएफ ने अपने आधिकारिक ट्वीटर एकाउंट पर बताया कि वीडियो 17 जून के सिकंदराबाद स्टेशन का है। वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान संतोष और प्रुडवी के रूप में हुई है। आरपीएफ ने बताया कि हिंसा में शामिल 60 से अधिक लोगों में से दो आरोपियों को जीआरपी/आरपीएफ ने आईपीसी, पीडीपीपी अधिनियम और रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया है। आरपीएफ ने आगे बताया कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होंगी।
This video is of Secunderabad station on 17th June. Persons in the video identified as Santosh and Prudvi, 2 of more than 60 arrested by GRP/RPF in criminal cases registered under various section of IPC, PDPP Act and Railways Act. More arrests will follow. https://t.co/hC5bh0w2oV
— RPF INDIA (@RPF_INDIA) June 24, 2022