{"_id":"67474da31cfed7e78b0c7bf5","slug":"acting-chief-minister-eknath-shinde-achieved-his-goal-very-gracefully-announced-support-2024-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: बहुत शालीनता से अपना लक्ष्य साध गए कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, ऐसे किया समर्थन का ऐलान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: बहुत शालीनता से अपना लक्ष्य साध गए कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, ऐसे किया समर्थन का ऐलान
सार
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी से मिलकर बनी महायुति का मुकाबला कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एससीपी) से मिलकर बने विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी से था। राज्य में सभी 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को एक चरण में वोट डाले गए थे। चुनाव आयोग के अनुसार राज्य विधानसभा चुनाव में कुल 65.11 फीसदी वोटिंग हुई थी।
विज्ञापन
एकनाथ शिंदे, कार्यवाहक मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी प्रेसवार्ता के अंत में जो कहा वह होना ही था। उनकी पार्टी भाजपा के मुख्यमंत्री और सरकार बनाने के प्ररुप का समर्थन करेगी। एकनाथ शिंदे ने प्रेसवार्ता में यह घोषणा प्रस्तावित समय से करीब एक घंटे देर से की। इससे पहले शिवसेना (शिंदे) के सांसद संसद भवन परिसर में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले। बंद कमरे में चर्चा भी हुई। खबर है कि अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिंदे को फोन किया, बात की और इसके बाद शिंदे प्रेसवार्ता में दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया।
जमीन से उठे नेता हैं एकनाथ शिंदे- अरुण सावंत
शिवसेना के नेता अरुण सावंत कहते हैं कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुरू आनंद दिघे थे। शिंदे जमीन से उठे नेता हैं। उनको अपना लक्ष्य हमेशा याद रहता है। महाराष्ट्र की राजनीति को समझने वाले बीडी चतुर्वेदी का कहना है कि बहुत चतुराई और शालीनता से मुख्यमंत्री शिंदे अपना और पार्टी का लक्ष्य साध गए। दिल्ली और महाराष्ट्र की मीडिया इसमें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुख्यमंत्री शिंदे की डील का सूत्र खोज रही है।
'शिंदे ने अपने स्तर से दिखाई पूरी समझदारी'
इस बारे में लोकमत अखबार के पूर्व सहयोगी कहते हैं कि शिंदे जमीनी नेता हैं। जमीनी नेता हार्ड पॉलिटिकल बार्गेनर होता है। आखिर उसके भी भविष्य, पार्टी और पार्टी के नेताओं का सवाल है। दूसरे शिंदे जैसा नेता, जिसके सामने अभी शिवसेना (यूबीटी) है और वह उससे बगावत करके आए हैं। बसंत पाटील महाराष्ट्र का चुनाव नतीजा आने के बाद से दावे के साथ कह रहे थे कि शिंदे मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। न ही उनकी पार्टी का कोई नेता बनेगा। बसंत ने कहा कि इसमें अचंभित होने की जरूरत नहीं है। यह तो शिंदे भी जानते हैं कि 145 विधायकों की संख्या होने पर कोई भी पार्टी महाराष्ट्र में सरकार बना सकती है। इसमें भाजपा के विधायकों की संख्या 132 है। महायुति के कुल 235 उम्मीदवार जीते हैं। 57 उम्मीदवारों की जीत के साथ उनकी पार्टी है और 41 के साथ अजीत पवार की एनसीपी। इसलिए शिंदे ने अपने स्तर से पूरी समझदारी दिखाकर पद से इस्तीफा भी दिया और घोषणा भी की।
विज्ञापन
अब आगे क्या होगा?
महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री की घोषणा ने सरकार के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने का संदेश दे दिया है। शिंदे की घोषणा के बाद तमाम सवाल के जवाब अपने आप आ गए हैं। समझा जा रहा है कि जल्द ही भाजपा का शीर्ष नेतृत्व राज्य में अपना पर्यवेक्षक भेजने की घोषणा करेगा। पार्टी विधायक दल की बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा। महायुति के सहयोगी दल भी विधायक दल का नेता चुनने की तेजी दिखाएंगे और भाजपा विधायक दल का नेता राज्यपाल के पास समर्थन पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा। समझा जा रहा है कि इस बार ताज पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के सिर पर सज सकता है। भाजपा के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी सहयोगियों को उचित सम्मान देती है। उनके कहने के अंदाज से साफ है कि महायुति के तीनों दल मिलकर सरकार बनाएंगे। तीनों की सरकार में भागीदारी रहेगी।
विज्ञापन
जमीन से उठे नेता हैं एकनाथ शिंदे- अरुण सावंत
शिवसेना के नेता अरुण सावंत कहते हैं कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुरू आनंद दिघे थे। शिंदे जमीन से उठे नेता हैं। उनको अपना लक्ष्य हमेशा याद रहता है। महाराष्ट्र की राजनीति को समझने वाले बीडी चतुर्वेदी का कहना है कि बहुत चतुराई और शालीनता से मुख्यमंत्री शिंदे अपना और पार्टी का लक्ष्य साध गए। दिल्ली और महाराष्ट्र की मीडिया इसमें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुख्यमंत्री शिंदे की डील का सूत्र खोज रही है।
विज्ञापन
'शिंदे ने अपने स्तर से दिखाई पूरी समझदारी'
इस बारे में लोकमत अखबार के पूर्व सहयोगी कहते हैं कि शिंदे जमीनी नेता हैं। जमीनी नेता हार्ड पॉलिटिकल बार्गेनर होता है। आखिर उसके भी भविष्य, पार्टी और पार्टी के नेताओं का सवाल है। दूसरे शिंदे जैसा नेता, जिसके सामने अभी शिवसेना (यूबीटी) है और वह उससे बगावत करके आए हैं। बसंत पाटील महाराष्ट्र का चुनाव नतीजा आने के बाद से दावे के साथ कह रहे थे कि शिंदे मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। न ही उनकी पार्टी का कोई नेता बनेगा। बसंत ने कहा कि इसमें अचंभित होने की जरूरत नहीं है। यह तो शिंदे भी जानते हैं कि 145 विधायकों की संख्या होने पर कोई भी पार्टी महाराष्ट्र में सरकार बना सकती है। इसमें भाजपा के विधायकों की संख्या 132 है। महायुति के कुल 235 उम्मीदवार जीते हैं। 57 उम्मीदवारों की जीत के साथ उनकी पार्टी है और 41 के साथ अजीत पवार की एनसीपी। इसलिए शिंदे ने अपने स्तर से पूरी समझदारी दिखाकर पद से इस्तीफा भी दिया और घोषणा भी की।
विज्ञापन
अब आगे क्या होगा?
महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री की घोषणा ने सरकार के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने का संदेश दे दिया है। शिंदे की घोषणा के बाद तमाम सवाल के जवाब अपने आप आ गए हैं। समझा जा रहा है कि जल्द ही भाजपा का शीर्ष नेतृत्व राज्य में अपना पर्यवेक्षक भेजने की घोषणा करेगा। पार्टी विधायक दल की बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा। महायुति के सहयोगी दल भी विधायक दल का नेता चुनने की तेजी दिखाएंगे और भाजपा विधायक दल का नेता राज्यपाल के पास समर्थन पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा। समझा जा रहा है कि इस बार ताज पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के सिर पर सज सकता है। भाजपा के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी सहयोगियों को उचित सम्मान देती है। उनके कहने के अंदाज से साफ है कि महायुति के तीनों दल मिलकर सरकार बनाएंगे। तीनों की सरकार में भागीदारी रहेगी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन