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ADR: 'वित्त वर्ष 23-24 में 40 क्षेत्रीय दलों ने घोषित की 2532 करोड़ की आय...', एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा

Wed, 10 Sep 2025 05:17 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 10 Sep 2025 05:17 PM IST
सार

ADR: एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, 40 क्षेत्रीय दलों ने 2023-24 में 2,532 करोड़ रुपये की आय घोषित की, जिसमें से 70 फीसदी से ज्यादा चुनावी चंदे से मिला। भारत राष्ट्र समिति, टीएमसी और बीजद जैसी पांच पार्टियों ने कुल आय का 83% हिस्सा घोषित किया, जबकि कई दलों ने अपनी आय से ज्यादा खर्च किया।

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40 regional parties declare Rs 2,532 crore income in FY 23-24: ADR
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) - फोटो : आधिकारिक वेबसाइट/एडीआर इंडिया

विस्तार

चुनाव सुधारों पर काम करने वाली संस्था 'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (एडीआर) ने अपने विश्लेषण में बताया है कि करीब 40 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 2,532.09 करोड़ रुपये की आय घोषित की है। इस कुल आय का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा चुनावी चंदे (इलेक्टोरल बॉन्ड) के जरिए आया है।
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भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने सबसे ज्यादा 685.51 करोड़ रुपये की आय घोषित की। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 646.39 करोड़ रुपये, बीजू जनता दल (बीजद) ने 297.81 करोड़ रुपये, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने 285.07 करोड़ रुपये और वाईएसआर कांग्रेस ने 191.04 करोड़ रुपये की आय घोषित की। इन शीर्ष पांच दलों की आय कुल 40 क्षेत्रीय दलों की घोषित आय का 83.17 फीसदी हिस्सा बनती है।
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किस दल की आय में कितनी वृद्धि हुई?
एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 40 क्षेत्रीय दलों की कुल आय 2,532.096 करोड़ रुपये रही। इस आय का 70 फीसदी से ज्यादा यानी 1,796.024 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए दान के रूप में मिला। एडीआर ने बताया कि 40 में से 20 क्षेत्रीय दलों की ऑडिट रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं थीं, जबकि जमा करने की आखिरी तारीख के 313 दिन बाद तक भी ये रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई थीं।

बाकी 20 दलों की ऑडिट रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर 12 दिन से लेकर 216 दिन की देरी से अपलोड की गईं। एडीआर ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय दलों की कुल आय में पिछले वर्ष की तुलना में 45.77 फीसदी की भारी वृद्धि हुई है। 2022-23 में यह आय 1,736.85 करोड़ रुपये थी। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की आय में सबसे ज्यादा 312.93 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जबकि तेतेपा और बीजद की आय में भी अच्छी खासी वृद्धि हुई।


राजनीतिक दलों ने कितना खर्च किया
रिपोर्ट में बताया गया कि 27 क्षेत्रीय दलों ने कहा कि उनकी आय का कुछ हिस्सा खर्च नहीं हुआ। वहीं, 12 दलों ने अपनी आय से ज्यादा खर्च किया। बीआर ने अपनी आय में से 430.60 करोड़ रुपये खर्च नहीं किए, टीएमसी ने 414.92 करोड़ रुपये और बीजद ने 253.79 करोड़ रुपये बचा लिए। इसके विपरीत, वाईएसआर कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक), समाजवादी पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) जैसे 12 राजनीतिक दलों ने अपनी घोषित आय से ज्यादा खर्च किया। वाईएसआर कांग्रेस ने तो करीब 55 फीसदी ज्यादा खर्च कर दिया। गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने कोई आय घोषित नहीं की, लेकिन 1.56 लाख रुपये खर्च दिखाए।

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सारी घोषित आय में से 2,117.85 करोड़ रुपये यानी 83.64 फीसदी स्वैच्छिक योगदान (दान) से आए। इन स्वैच्छिक योगदानों में से 1,796.02 करोड़ रुपये (70.93 प्रतिशत) केवल इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से प्राप्त हुए। ये राशि केवल 10 दलों ने घोषित की, जिनमें बीआरएस, टीएमसी, बीजद, तेदेपा, वाईएसआर और द्रमुक शामिल हैं। इसके मुकाबले, अन्य प्रकार के दान और योगदान से 321.82 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि ब्याज से होने वाली आय 274.90 करोड़ रुपये (10.86 फीसदी) रही।


 
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