{"_id":"68c7e1aa9787aba48104ab0c","slug":"vimal-negi-death-case-cbi-team-presented-asi-pankaj-in-special-court-know-the-whole-case-in-detail-2025-09-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Vimal Negi Death Case: एएसआई पंकज पुलिस रिमांड पर, मंगलवार को जमानत अर्जी पर भी सुनवाई; जानें पूरी टाइमलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Vimal Negi Death Case: एएसआई पंकज पुलिस रिमांड पर, मंगलवार को जमानत अर्जी पर भी सुनवाई; जानें पूरी टाइमलाइन
Mon, 15 Sep 2025 03:21 PM IST
अंकेश डोगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 15 Sep 2025 03:21 PM IST
सार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को विमल नेगी मौत मामले में पहली गिरफ्तारी की है। सोमवार यानि आज पंकज शर्मा को सीबीआई अदालत में पेश करने ले गई है।
विज्ञापन
विशेष न्यायालय में ASI पंकज को पेश करने ले जाती सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत के मामले में सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार एएसआई पंकज शर्मा को सोमवार को सीबीआई ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग की अदालत में पेश किया। सीबीआई ने अदालत से 5 दिन की पुलिस रिमांड मांगी, लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एक दिन का अतिरिक्त रिमांड दिया। अब इस मामले में मंगलवार दोपहर 3 बजे फिर सुनवाई होगी। साथ ही पंकज शर्मा की जमानत अर्जी पर भी अदालत फैसला लेगी।
सीबीआई ने रविवार देर रात भी पंकज को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आधिकारिक आवास में पेश किया था और 24 घंटे का रिमांड हासिल किया था। आरोपी पंकज शर्मा के वकील पीयूष वर्मा ने सीबीआई की रिमांड याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि पंकज पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रहा है और अचानक गिरफ्तारी का कोई औचित्य नहीं है। सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए पीयूष वर्मा ने कहा कि पंकज को सीबीआई ने रविवार दोपहर करीब 12:00 बजे गिरफ्तार किया और देर रात कोर्ट में पेश कर एक दिन का रिमांड हासिल किया। सोमवार को सीबीआई ने फिर से रिमांड मांगा, जिसका हमने विरोध किया और साथ ही बेल एप्लीकेशन भी दायर की।
पंकज शर्मा की पत्नी ने पहले ही हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में एक क्रिमिनल रिट पिटीशन दाखिल कर रखी है, जिसमें प्रदेश पुलिस और सीबीआई पर पंकज शर्मा को 23 मई से गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने और उनकी आवाजाही पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाया गया है। हाईकोर्ट ने 5 सितंबर को आदेश दिया था कि शर्मा को स्वतंत्र किया जाए और उन्हें मुक्त आवाजाही की अनुमति दी जाए। अदालत में सीबीआई और प्रदेश पुलिस ने पंकज शर्मा की स्वतंत्र रूप से आवाजाही के खिलाफ एतराज नहीं जताया था। अब जबकि पंकज शर्मा जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं तो सीबीआई को उनकी कस्टडी की क्या आवश्यकता है।
विज्ञापन
पंकज ने लगाया था गलत तरीके से निगरानी में रखने का आरोप
एएसआई पंकज ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। इसमें कहा था कि उसे गलत तरीके से लगातार निगरानी में रखा जा रहा है और सरकारी आवास में रहने की अनुमति नहीं दी जा रही, जो अधिकारों का उल्लंघन है। 5 सितंबर को हाईकोर्ट ने एएसआई पंकज को अपने घर जाने की अनुमति दे दी थी। उसकी पत्नी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह छूट दी गई। सुनवाई के दौरान सीबीआई और राज्य सरकार ने बताया था कि पंकज शर्मा को किसी प्रकार का खतरा नहीं है और वह स्वतंत्र रूप से कहीं भी जा सकते हैं।
हाईकोर्ट ने भी सीबीआई पर जताया था भरोसा
अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा था कि एसआईटी ने दो महीने से अधिक समय से इस संबंध में कोई ठोस जांच नहीं की है, जबकि मृतक का परिवार शुरू से ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की शिकायत कर रहा है। कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि सीबीआई निष्पक्ष और शीघ्रता से जांच पूरी करेगी। मामला आत्महत्या से जुड़ा है या हत्या से, सीबीआई इसके बारे में सच्चाई सामने आएगी। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी और एसआईटी के बीच जांच को लेकर मतभेद के चलते मामला सीबीआई को सौंपा जा रहा है। अदालत ने एसीएस और डीजीपी की रिपोर्ट के आधार पर एसपी शिमला की एसआईटी की जांच पर भी प्रश्नचिह्न लगाए हैं।
विज्ञापन
सीबीआई ने रविवार देर रात भी पंकज को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आधिकारिक आवास में पेश किया था और 24 घंटे का रिमांड हासिल किया था। आरोपी पंकज शर्मा के वकील पीयूष वर्मा ने सीबीआई की रिमांड याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि पंकज पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रहा है और अचानक गिरफ्तारी का कोई औचित्य नहीं है। सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए पीयूष वर्मा ने कहा कि पंकज को सीबीआई ने रविवार दोपहर करीब 12:00 बजे गिरफ्तार किया और देर रात कोर्ट में पेश कर एक दिन का रिमांड हासिल किया। सोमवार को सीबीआई ने फिर से रिमांड मांगा, जिसका हमने विरोध किया और साथ ही बेल एप्लीकेशन भी दायर की।
विज्ञापन
पंकज शर्मा की पत्नी ने पहले ही हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में एक क्रिमिनल रिट पिटीशन दाखिल कर रखी है, जिसमें प्रदेश पुलिस और सीबीआई पर पंकज शर्मा को 23 मई से गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने और उनकी आवाजाही पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाया गया है। हाईकोर्ट ने 5 सितंबर को आदेश दिया था कि शर्मा को स्वतंत्र किया जाए और उन्हें मुक्त आवाजाही की अनुमति दी जाए। अदालत में सीबीआई और प्रदेश पुलिस ने पंकज शर्मा की स्वतंत्र रूप से आवाजाही के खिलाफ एतराज नहीं जताया था। अब जबकि पंकज शर्मा जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं तो सीबीआई को उनकी कस्टडी की क्या आवश्यकता है।
विज्ञापन
पंकज ने लगाया था गलत तरीके से निगरानी में रखने का आरोप
एएसआई पंकज ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। इसमें कहा था कि उसे गलत तरीके से लगातार निगरानी में रखा जा रहा है और सरकारी आवास में रहने की अनुमति नहीं दी जा रही, जो अधिकारों का उल्लंघन है। 5 सितंबर को हाईकोर्ट ने एएसआई पंकज को अपने घर जाने की अनुमति दे दी थी। उसकी पत्नी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह छूट दी गई। सुनवाई के दौरान सीबीआई और राज्य सरकार ने बताया था कि पंकज शर्मा को किसी प्रकार का खतरा नहीं है और वह स्वतंत्र रूप से कहीं भी जा सकते हैं।
हाईकोर्ट ने भी सीबीआई पर जताया था भरोसा
अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा था कि एसआईटी ने दो महीने से अधिक समय से इस संबंध में कोई ठोस जांच नहीं की है, जबकि मृतक का परिवार शुरू से ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की शिकायत कर रहा है। कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि सीबीआई निष्पक्ष और शीघ्रता से जांच पूरी करेगी। मामला आत्महत्या से जुड़ा है या हत्या से, सीबीआई इसके बारे में सच्चाई सामने आएगी। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी और एसआईटी के बीच जांच को लेकर मतभेद के चलते मामला सीबीआई को सौंपा जा रहा है। अदालत ने एसीएस और डीजीपी की रिपोर्ट के आधार पर एसपी शिमला की एसआईटी की जांच पर भी प्रश्नचिह्न लगाए हैं।
टाइमलाइन : कब क्या हुआ
10 मार्च 2025 : चीफ इंजीनियर विमल नेगी शिमला से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुए।
11 मार्च : पत्नी किरण नेगी की शिकायत पर थाना सदर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
15 मार्च : डीजीपी ने एडीजीपी हेडक्वार्टर ज्ञानेश्वर सिंह की निगरानी में डीएसपी अमित कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई।
18 मार्च : विमल नेगी का शव जिला बिलासपुर में थाना तलाई के अंतर्गत गाह धनीपखर में गोबिंद सागर झील से बरामद।
19 मार्च : एम्स बिलासपुर में पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
19 मार्च : शाम को परिजनों ने शव एचपीपीसीएल मुख्यालय बीसीएस शिमला में रखकर चक्का जाम और प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉरपोरेशन के उच्च अधिकारियों पर प्रताड़ित और गलत काम करने के लिए नेगी पर दबाव बनाने के आरोप लगाए।
19 मार्च : किरण नेगी की शिकायत पर थाना न्यू शिमला में कॉरपोरेशन के निदेशक देशराज, एमडी हरिकेश मीणा और निदेशक शिवम प्रताप सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।
19 मार्च : प्रदेश सरकार ने निदेशक देशराज को सस्पेंड किया और आईएएस व एमडी पावर कॉरपोरेशन हरिकेश मीणा को पद से हटाया।
19 मार्च : प्रदेश सरकार ने हाई पावर कमेटी का गठन किया गया। इसका जिम्मा अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को सौंपा गया।
20 मार्च : एसपी शिमला ने एएसपी नवदीप सिंह की अध्यक्षता में विमल नेगी के मौत के कारणों की जांच के लिए एसआईटी गठित की।
26 मार्च : प्रदेश उच्च न्यायालय ने देशराज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।
4 अप्रैल : देशराज को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली।
7 अप्रैल : आईएएस हरिकेश मीणा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली।
21 अप्रैल : विमल नेगी की पत्नी ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
21 मई : हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपने की याचिका का फैसला सुरक्षित रखा।
23 मई : हाईकोर्ट ने विमल नेगी मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए।
14 सितंबर: सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में निलंबित एएसआई पंकज शर्मा गिरफ्तार।
15 सितंबर: निलंबित एएसआई विशेष न्यायालय में पेश।
10 मार्च 2025 : चीफ इंजीनियर विमल नेगी शिमला से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुए।
11 मार्च : पत्नी किरण नेगी की शिकायत पर थाना सदर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
15 मार्च : डीजीपी ने एडीजीपी हेडक्वार्टर ज्ञानेश्वर सिंह की निगरानी में डीएसपी अमित कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई।
18 मार्च : विमल नेगी का शव जिला बिलासपुर में थाना तलाई के अंतर्गत गाह धनीपखर में गोबिंद सागर झील से बरामद।
19 मार्च : एम्स बिलासपुर में पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
19 मार्च : शाम को परिजनों ने शव एचपीपीसीएल मुख्यालय बीसीएस शिमला में रखकर चक्का जाम और प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉरपोरेशन के उच्च अधिकारियों पर प्रताड़ित और गलत काम करने के लिए नेगी पर दबाव बनाने के आरोप लगाए।
19 मार्च : किरण नेगी की शिकायत पर थाना न्यू शिमला में कॉरपोरेशन के निदेशक देशराज, एमडी हरिकेश मीणा और निदेशक शिवम प्रताप सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।
19 मार्च : प्रदेश सरकार ने निदेशक देशराज को सस्पेंड किया और आईएएस व एमडी पावर कॉरपोरेशन हरिकेश मीणा को पद से हटाया।
19 मार्च : प्रदेश सरकार ने हाई पावर कमेटी का गठन किया गया। इसका जिम्मा अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को सौंपा गया।
20 मार्च : एसपी शिमला ने एएसपी नवदीप सिंह की अध्यक्षता में विमल नेगी के मौत के कारणों की जांच के लिए एसआईटी गठित की।
26 मार्च : प्रदेश उच्च न्यायालय ने देशराज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।
4 अप्रैल : देशराज को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली।
7 अप्रैल : आईएएस हरिकेश मीणा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली।
21 अप्रैल : विमल नेगी की पत्नी ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
21 मई : हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपने की याचिका का फैसला सुरक्षित रखा।
23 मई : हाईकोर्ट ने विमल नेगी मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए।
14 सितंबर: सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में निलंबित एएसआई पंकज शर्मा गिरफ्तार।
15 सितंबर: निलंबित एएसआई विशेष न्यायालय में पेश।