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Una News: अस्थायी रेडियोग्राफर के सहारे चल रही एक्स-रे व्यवस्था
Wed, 23 Sep 2026 04:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 23 Sep 2026 04:39 AM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में स्थायी तैनाती नहीं, क्रस्ना लैब के रेडियोग्राफर से ली जा रही अस्थायी सेवाएं
रोजाना 600 से 700 मरीजों की ओपीडी, अस्पताल प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों से मांगा स्थायी स्टाफ
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में एक्स-रे जांच के लिए स्थायी रेडियोग्राफर की तैनाती नहीं हो पा रही है। मरीजों को एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए फिलहाल क्रस्ना लैब के रेडियोग्राफर की सेवाएं अस्थायी तौर पर ली जा रही हैं। स्थायी रेडियोग्राफर नहीं होने के कारण अस्पताल प्रबंधन को वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे एक्स-रे सेवाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। प्रबंधन ने मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाकर स्थायी रेडियोग्राफर की तैनाती की मांग की है।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना जिले का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। यहां जिला सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार और जांच के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में रोजाना औसतन 600 से 700 मरीजों की ओपीडी रहती है। एक्स-रे सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए फिलहाल क्रस्ना लैब के रेडियोग्राफर की मदद ली जा रही है। यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर की गई है, ताकि मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े।
दुर्घटना, हड्डियों से संबंधित परेशानी, छाती सहित कई चिकित्सकीय जांचों के लिए चिकित्सक मरीजों को एक्स-रे की सलाह देते हैं। ऐसे में स्थायी रेडियोग्राफर नहीं होने से अस्पताल प्रबंधन के सामने एक्स-रे सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है। प्रबंधन का कहना है कि स्थायी रेडियोग्राफर की तैनाती से एक्स-रे सेवाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
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कोट
क्षेत्रीय अस्पताल में स्थायी रूप से रेडियोग्राफर की तैनाती को लेकर मांग उच्च अधिकारियों के समक्ष रखी गई है। उच्च अधिकारियों ने स्टाफ की तैनाती करने के लिए आश्वासन दिया है। -डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना
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रोजाना 600 से 700 मरीजों की ओपीडी, अस्पताल प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों से मांगा स्थायी स्टाफ
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में एक्स-रे जांच के लिए स्थायी रेडियोग्राफर की तैनाती नहीं हो पा रही है। मरीजों को एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए फिलहाल क्रस्ना लैब के रेडियोग्राफर की सेवाएं अस्थायी तौर पर ली जा रही हैं। स्थायी रेडियोग्राफर नहीं होने के कारण अस्पताल प्रबंधन को वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे एक्स-रे सेवाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। प्रबंधन ने मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाकर स्थायी रेडियोग्राफर की तैनाती की मांग की है।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना जिले का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। यहां जिला सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार और जांच के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में रोजाना औसतन 600 से 700 मरीजों की ओपीडी रहती है। एक्स-रे सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए फिलहाल क्रस्ना लैब के रेडियोग्राफर की मदद ली जा रही है। यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर की गई है, ताकि मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े।
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दुर्घटना, हड्डियों से संबंधित परेशानी, छाती सहित कई चिकित्सकीय जांचों के लिए चिकित्सक मरीजों को एक्स-रे की सलाह देते हैं। ऐसे में स्थायी रेडियोग्राफर नहीं होने से अस्पताल प्रबंधन के सामने एक्स-रे सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है। प्रबंधन का कहना है कि स्थायी रेडियोग्राफर की तैनाती से एक्स-रे सेवाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
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कोट
क्षेत्रीय अस्पताल में स्थायी रूप से रेडियोग्राफर की तैनाती को लेकर मांग उच्च अधिकारियों के समक्ष रखी गई है। उच्च अधिकारियों ने स्टाफ की तैनाती करने के लिए आश्वासन दिया है। -डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना