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Una News: काला पड़ने लगा गेहूं का दाना किसानों को नुकसान का खतरा
Fri, 10 Apr 2026 12:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 10 Apr 2026 12:18 AM IST
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ऊना। जिला ऊना में लगातार हो रही बारिश अब किसानों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल पर मौसम की मार पड़ने लगी है।
कई इलाकों में गेहूं का दाना काला पड़ना शुरू हो गया है जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। लगातार बारिश के कारण खेतों में जरूरत से कई गुना अधिक नमी हो गई है और किसान चाहकर भी कटाई का काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
जिले के अधिकांश क्षेत्रों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार हो चुकी है। बीते कुछ दिनों से मौसम खराब होने और रुक-रुक कर बारिश होने से खेतों में पानी भर गया है। इससे फसल पूरी तरह भीग चुकी है। किसानों का कहना है कि यदि एक-दो दिन और बारिश जारी रही तो गेहूं का दाना पूरी तरह खराब हो सकता है।
किसानों में अमृतलाल, हरप्रीत सिंह, श्याम कुमार, कुलदीप सिंह, राजकुमार के अनुसार अधिक नमी के कारण बालियों में मौजूद दाने का रंग बदलने लगा है। कई स्थानों पर गेहूं का दाना काला पड़ गया है जबकि कुछ खेतों में दाने अंकुरित होने की भी आशंका बढ़ गई है।
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इससे मंडियों में फसल का दाम कम मिलने का डर बना हुआ है। किसानों का कहना है कि कई महीनों की मेहनत पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है। किसानों ने प्रशासन और सरकार से मांग उठाई है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे करवाया जाए। जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
बता दें कि जिले में 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल तैयार हो रही है। उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर का कहना है कि गेहूं की फसल पकने के बाद अधिक समय तक नमी रहने से दाने की चमक और गुणवत्ता प्रभावित होती है। लगातार भीगने पर दाना काला पड़ने लगता है जिससे उसकी बाजार में कीमत कम हो जाती है।
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कई इलाकों में गेहूं का दाना काला पड़ना शुरू हो गया है जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। लगातार बारिश के कारण खेतों में जरूरत से कई गुना अधिक नमी हो गई है और किसान चाहकर भी कटाई का काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
जिले के अधिकांश क्षेत्रों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार हो चुकी है। बीते कुछ दिनों से मौसम खराब होने और रुक-रुक कर बारिश होने से खेतों में पानी भर गया है। इससे फसल पूरी तरह भीग चुकी है। किसानों का कहना है कि यदि एक-दो दिन और बारिश जारी रही तो गेहूं का दाना पूरी तरह खराब हो सकता है।
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किसानों में अमृतलाल, हरप्रीत सिंह, श्याम कुमार, कुलदीप सिंह, राजकुमार के अनुसार अधिक नमी के कारण बालियों में मौजूद दाने का रंग बदलने लगा है। कई स्थानों पर गेहूं का दाना काला पड़ गया है जबकि कुछ खेतों में दाने अंकुरित होने की भी आशंका बढ़ गई है।
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इससे मंडियों में फसल का दाम कम मिलने का डर बना हुआ है। किसानों का कहना है कि कई महीनों की मेहनत पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है। किसानों ने प्रशासन और सरकार से मांग उठाई है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे करवाया जाए। जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
बता दें कि जिले में 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल तैयार हो रही है। उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर का कहना है कि गेहूं की फसल पकने के बाद अधिक समय तक नमी रहने से दाने की चमक और गुणवत्ता प्रभावित होती है। लगातार भीगने पर दाना काला पड़ने लगता है जिससे उसकी बाजार में कीमत कम हो जाती है।