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Una News: एमबीबीएस दाखिला प्रक्रिया में बदलाव का स्वागत
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योग्य और वास्तविक हिमाचली छात्रों को मिलेगा न्यायपूर्ण लाभ : लखनपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से एमबीबीएस कोर्स में स्टेट कोटे की पात्रता को लेकर किए गए अहम बदलावों का निजी स्कूल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा ने स्वागत किया है। कहा कि इस निर्णय से वह छात्र जो वास्तव में हिमाचल प्रदेश से संबंधित हैं और यहां की शैक्षणिक व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं, उन्हें न्याय मिलेगा। साथ ही यह सुधार मेडिकल सीटों पर अनावश्यक बाहरी दबाव को भी कम करेगा। कोटे के लिए अब कम से कम दो कक्षाएं (8वीं, 10वीं, 11वीं या 12वीं) हिमाचल में पढ़ी होनी चाहिए। सरकारी सेवा में कार्यरत अभिभावकों के बच्चों के लिए 11वीं व 12वीं हिमाचल में पढ़ी होनी अनिवार्य है। बाहरी राज्यों से संबंध रखने वाले, लेकिन हिमाचल में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को सीमित पात्रता, नॉन-रेजिडेंट हिमाचली छात्रों को स्टेट कोटे से बाहर किया जाना एक उचित निर्णय है। कहा कि राज्य के सीमित संसाधनों और मेडिकल सीटों का बेहतर और न्यायसंगत उपयोग तभी संभव है जब नीति साफ हो और हिमाचल के छात्रों को प्राथमिकता मिले।
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संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से एमबीबीएस कोर्स में स्टेट कोटे की पात्रता को लेकर किए गए अहम बदलावों का निजी स्कूल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा ने स्वागत किया है। कहा कि इस निर्णय से वह छात्र जो वास्तव में हिमाचल प्रदेश से संबंधित हैं और यहां की शैक्षणिक व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं, उन्हें न्याय मिलेगा। साथ ही यह सुधार मेडिकल सीटों पर अनावश्यक बाहरी दबाव को भी कम करेगा। कोटे के लिए अब कम से कम दो कक्षाएं (8वीं, 10वीं, 11वीं या 12वीं) हिमाचल में पढ़ी होनी चाहिए। सरकारी सेवा में कार्यरत अभिभावकों के बच्चों के लिए 11वीं व 12वीं हिमाचल में पढ़ी होनी अनिवार्य है। बाहरी राज्यों से संबंध रखने वाले, लेकिन हिमाचल में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को सीमित पात्रता, नॉन-रेजिडेंट हिमाचली छात्रों को स्टेट कोटे से बाहर किया जाना एक उचित निर्णय है। कहा कि राज्य के सीमित संसाधनों और मेडिकल सीटों का बेहतर और न्यायसंगत उपयोग तभी संभव है जब नीति साफ हो और हिमाचल के छात्रों को प्राथमिकता मिले।