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Una News: आलू की फसल पर फिर मौसम का खतरा, पहले बिजाई में देरी और अब जलभराव

Wed, 08 Oct 2025 12:00 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:00 AM IST
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Weather threatens potato crop again, first sowing delays and now waterlogging
ऊना में बारिश के दौरान आलू के खेतों में खडामें खडा़ पानी।संवाद
जारी है रुक-रुक कर बारिश का दौर
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जलभराव से फसल के बीज में पैदा हो सकती है सड़न
संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले के लिए कैश क्रॉप कही जाने वाली आलू की फसल पर मौसम का खतरा अभी टला नहीं है। पहले भारी बरसात के कारण इस फसल की बिजाई 15 से 20 दिन देरी से हुई थी, अब लगातार बारिश ने दोबारा इस फसल के लिए संकट खड़ा कर दिया है। रविवार से जिले में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है।
रविवार सुबह हुई बारिश को फसल के लिए पर्याप्त माना जा रहा था, लेकिन इसके बाद सोमवार और मंगलवार की बारिश से खेतों में दोबारा जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे सबसे अधिक खतरा आलू की फसल को बताया जा रहा है। चिंताजनक यह भी है कि बुधवार तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे हालात में किसान फसल के बचाव को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे हैं और बारिश रुकने का इंतजार करने को विवश हैं।
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आलू की फसल ऊना के किसानों की आर्थिकी का बड़ा सहारा मानी जाती है। इस फसल को अच्छे दाम मिलने पर किसान मक्की और गेहूं जैसी फसलों में हुए घाटे की भरपाई कर लेते हैं। इसी कारण जिले में किसान हर साल लगभग 1500 से 2000 हेक्टेयर भूमि पर आलू की खेती करते हैं। हालांकि, इस बार भारी बरसात के चलते खेती का रकबा घटा है।
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सामान्य परिस्थितियों में आलू की बिजाई एक सितंबर के आसपास शुरू हो जाती है, परंतु इस बार यह 15 से 20 सितंबर के बीच हुई। बिजाई के बाद जब खेतों की नमी सामान्य हुई ही थी तो दोबारा बारिश ने दस्तक दे दी।
किसानों रविंद्र कुमार, प्रेम चंद, देसराज, विनोद कुमार, विशाल सैनी और अजय ठाकुर सहित अन्य ने बताया कि आलू के बीज में सड़न का खतरा मंडरा रहा है। जलभराव बढ़ने पर फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। किसानों ने कहा कि फसल को बचाने के लिए बुधवार को मौसम का साफ रहना बेहद जरूरी है, ताकि वे खेतों से पानी की निकासी कर सकें। यदि ऐसा न हुआ तो उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उपनिदेशक जिला कृषि विभाग ऊना, कुलभूषण धीमान ने बताया कि बारिश से दोबारा खेतों में जरूरत से अधिक नमी बन गई है। हालांकि, मंगलवार तक की वर्षा से अभी कोई अत्यधिक चिंताजनक स्थिति नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहना फसल के लिए बेहद आवश्यक है।
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