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Una News: घुघनकलां स्कूल भवन में बंदोबस्त कार्यालय खोलने पर भड़के ग्रामीण
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कुटलैहड़ के घुघनकलां स्कूल भवन में बंदोबस्त कार्यालय खोलने के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते
स्थानीय लोगों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, भूमि वापस लेने की चेतावनी
बोले- 49 वर्ष पूर्व 20 कनाल भूमि शिक्षा विभाग को दी है दान, राजस्व विभाग को नहीं,
छपरोह पंचायत का बंदोबस्त कार्यकाल घुघनकलां में नहीं खुलेगा : कृष्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के ककराणा गांव के अंतर्गत आने वाले घुघनकलां गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल को सरकार ने एक वर्ष पूर्व बंद कर दिया था। अब इस विद्यालय भवन में बंदोबस्त कार्यालय खोले जाने की खबर से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बंगाणा उपमंडल के कार्यकारी एसडीएम अमित कुमार को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह विद्यालय वर्ष 1972 में खोला गया था। उस समय ओंकार सिंह, शुभकरण सिंह, कमल सिंह, रणजीत सिंह, अशोक कुमार, राकेश सिंह, कश्मीर सिंह, गुरदयाल सिंह, गुरदेव, स्वर्ण सिंह, सोम सिंह, सुरजीत सिंह और उपेंद्र सिंह सहित कई लोगों ने 20 कनाल निजी भूमि शिक्षा विभाग को दान दी थी, ताकि गांव के बच्चों को उचित और निःशुल्क शिक्षा मिल सके।
विद्यालय बंद होने के बाद अब गांव के बच्चे लगभग पांच किलोमीटर दूर दूसरे स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं। इनमें तीन दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन में केवल शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां ही होनी चाहिए। यदि सरकार भवन में अन्य कार्यालय खोलना चाहती है या उसे खंडहर बनाना चाहती है, तो उनकी दी गई भूमि उन्हें वापस की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने स्कूल बंद होने के निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय शिमला में याचिका दायर की थी। अदालत ने स्कूल को नियमित करने के आदेश दिए थे, लेकिन शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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स्थानीय जिला पार्षद सदस्य कृष्ण पाल शर्मा ने कहा कि प्रस्तावित बंदोबस्त कार्यालय छपरोह पंचायत के अंतर्गत आता है, न कि घुघनकलां पंचायत के। ऐसे में इसे घुघनकलां के स्कूल भवन में खोलना न केवल अनुचित है बल्कि ग्रामीणों की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है।
बंगाणा उपमंडल के कार्यकारी एसडीएम अमित कुमार ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आया है और जल्द ही ग्रामीणों से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा।
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बोले- 49 वर्ष पूर्व 20 कनाल भूमि शिक्षा विभाग को दी है दान, राजस्व विभाग को नहीं,
छपरोह पंचायत का बंदोबस्त कार्यकाल घुघनकलां में नहीं खुलेगा : कृष्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के ककराणा गांव के अंतर्गत आने वाले घुघनकलां गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल को सरकार ने एक वर्ष पूर्व बंद कर दिया था। अब इस विद्यालय भवन में बंदोबस्त कार्यालय खोले जाने की खबर से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बंगाणा उपमंडल के कार्यकारी एसडीएम अमित कुमार को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह विद्यालय वर्ष 1972 में खोला गया था। उस समय ओंकार सिंह, शुभकरण सिंह, कमल सिंह, रणजीत सिंह, अशोक कुमार, राकेश सिंह, कश्मीर सिंह, गुरदयाल सिंह, गुरदेव, स्वर्ण सिंह, सोम सिंह, सुरजीत सिंह और उपेंद्र सिंह सहित कई लोगों ने 20 कनाल निजी भूमि शिक्षा विभाग को दान दी थी, ताकि गांव के बच्चों को उचित और निःशुल्क शिक्षा मिल सके।
विद्यालय बंद होने के बाद अब गांव के बच्चे लगभग पांच किलोमीटर दूर दूसरे स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं। इनमें तीन दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन में केवल शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां ही होनी चाहिए। यदि सरकार भवन में अन्य कार्यालय खोलना चाहती है या उसे खंडहर बनाना चाहती है, तो उनकी दी गई भूमि उन्हें वापस की जाए।
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बंगाणा उपमंडल के कार्यकारी एसडीएम अमित कुमार ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आया है और जल्द ही ग्रामीणों से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा।
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