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Una News: आश्रम और सत्संग भवन निर्माण पर भड़के ग्रामीण, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
Wed, 03 Jun 2026 12:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 03 Jun 2026 12:33 AM IST
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ऊना। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली ग्राम पंचायत हम्बोली में निर्माणाधीन आश्रम और सत्संग भवन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपायुक्त ऊना जतिन लाल को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि घनी आबादी के बीच आश्रम का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी आड़ में सत्संग भवन भी बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही यहां लाउड स्पीकरों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान कुछ धार्मिक ग्रंथों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि आने वाले समय में विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी हैं और तेज आवाज में प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में प्रयोग हो रहे भारी वाहनों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गांव की सड़कों की भार वहन क्षमता लगभग 16 टन तक है, जबकि निर्माण सामग्री ढोने के लिए 45 टन से अधिक भार वाले वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे सड़कों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि या तो आश्रम और भवन निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करवाया जाए अथवा इसे आबादी से दूर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
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कुछ दिन पहले भी गरमाया था मामला
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों और आश्रम प्रबंधन से जुड़े लोगों के बीच विवाद और हाथापाई की घटना भी सामने आई थी। उस दौरान दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया था तथा मामले में कुछ लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि उनकी शिकायतों पर विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन शुरू करने पर विचार करेंगे। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मामला ग्रामीणों के माध्यम से उनके ध्यान में आया है। मामले की जांच जारी है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि घनी आबादी के बीच आश्रम का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी आड़ में सत्संग भवन भी बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही यहां लाउड स्पीकरों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान कुछ धार्मिक ग्रंथों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि आने वाले समय में विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी हैं और तेज आवाज में प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
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ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में प्रयोग हो रहे भारी वाहनों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गांव की सड़कों की भार वहन क्षमता लगभग 16 टन तक है, जबकि निर्माण सामग्री ढोने के लिए 45 टन से अधिक भार वाले वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे सड़कों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि या तो आश्रम और भवन निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करवाया जाए अथवा इसे आबादी से दूर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
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कुछ दिन पहले भी गरमाया था मामला
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों और आश्रम प्रबंधन से जुड़े लोगों के बीच विवाद और हाथापाई की घटना भी सामने आई थी। उस दौरान दोनों पक्षों के कुछ लोग घायल हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया था तथा मामले में कुछ लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि उनकी शिकायतों पर विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन शुरू करने पर विचार करेंगे। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मामला ग्रामीणों के माध्यम से उनके ध्यान में आया है। मामले की जांच जारी है।