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Una News: ऊना में गरजे पूर्व सैनिक, निकाली रोष रैली
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ऊना। वन रैंक वन पेंशन भाग दो में विसंगतियों को सिपाही से लेकर, जेसीओ, ऑनरेरी अधिकारी तक के सभी पूर्व सैनिक सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार को मांगों को लेकर जिले के 500 पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने एमसी पार्क ऊना से लेकर मिनी सचिवालय तक रोष रैली निकाली।
इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। इस दौरान सभी पूर्व सैनिकों ने सहायक आयुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन प्रेषित किए। इसके माध्यम से सरकार से वन रैंक वन पेंशन विसंगतियों को दूर करने की अपील की।
पूर्व सैनिकों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द समस्या का निदान नहीं किया गया तो पूर्व सैनिक छह अगस्त को दिल्ली के रामलीला मैदान पर देशभर से एकत्रित होकर रोष प्रदर्शन करेंगे। इससे पूर्व 500 पूर्व सैनिक और वीर नारियों ने शहीद स्मारक पर शहीद वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व सैनिक संघर्ष कमेटी की ओर से शक्तिचंद, डाॅ. बलदेव डोगरा, ओम प्रकाश शर्मा, हरीश चंद्र शर्मा, सुशील राणा (शौर्य चक्र), दौलत राम (सेना मेडल), एसपी शर्मा, चरण दास और जसवीर सिंह सहित अन्यों ने अपने विचार रखे।
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उन्होंने कहा कि ओआरओपी में पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांगता पेंशन और मिलिट्री सर्विस पे (जोखिम भत्ता) में बंदरबांट हुई है। सातवें पे कमीशन में भेदभाव किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने भी पीठ पीछे खंजर घोंपा है।
इसके अलावा दिव्यांगता पेंशन में भी एक जवान को 11,000 रुपये तो अधिकारी को 2.41 लाख रुपये पेंशन देकर भेदभाव किया जा रहा है। विधवा पेंशन का कम देना और तीन-तीन लड़ाइयां लड़ने वाले सैनिकों को ओआरओपी में शामिल नहीं किया गया है। अधिकारियों की ओर से जानबूझकर गलतियां की जा रही हैं।
यह भेदभाव का सारा खेल देख अब पूर्व सैनिकों की सहनशीलता खत्म हो चुकी है और अब न चाहते हुए उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। सरकार इस बात की शीघ्र जांच करें कि आखिर पूर्व सैनिकों के साथ अन्याय किसने किया और कैसे हुआ? ज्यादा संख्या में अधिकारी क्यों दिव्यंगता पेंशन ले रहे हैं, इसकी भी स्टीक जांच हो।
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इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। इस दौरान सभी पूर्व सैनिकों ने सहायक आयुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन प्रेषित किए। इसके माध्यम से सरकार से वन रैंक वन पेंशन विसंगतियों को दूर करने की अपील की।
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पूर्व सैनिकों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द समस्या का निदान नहीं किया गया तो पूर्व सैनिक छह अगस्त को दिल्ली के रामलीला मैदान पर देशभर से एकत्रित होकर रोष प्रदर्शन करेंगे। इससे पूर्व 500 पूर्व सैनिक और वीर नारियों ने शहीद स्मारक पर शहीद वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व सैनिक संघर्ष कमेटी की ओर से शक्तिचंद, डाॅ. बलदेव डोगरा, ओम प्रकाश शर्मा, हरीश चंद्र शर्मा, सुशील राणा (शौर्य चक्र), दौलत राम (सेना मेडल), एसपी शर्मा, चरण दास और जसवीर सिंह सहित अन्यों ने अपने विचार रखे।
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उन्होंने कहा कि ओआरओपी में पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांगता पेंशन और मिलिट्री सर्विस पे (जोखिम भत्ता) में बंदरबांट हुई है। सातवें पे कमीशन में भेदभाव किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने भी पीठ पीछे खंजर घोंपा है।
इसके अलावा दिव्यांगता पेंशन में भी एक जवान को 11,000 रुपये तो अधिकारी को 2.41 लाख रुपये पेंशन देकर भेदभाव किया जा रहा है। विधवा पेंशन का कम देना और तीन-तीन लड़ाइयां लड़ने वाले सैनिकों को ओआरओपी में शामिल नहीं किया गया है। अधिकारियों की ओर से जानबूझकर गलतियां की जा रही हैं।
यह भेदभाव का सारा खेल देख अब पूर्व सैनिकों की सहनशीलता खत्म हो चुकी है और अब न चाहते हुए उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। सरकार इस बात की शीघ्र जांच करें कि आखिर पूर्व सैनिकों के साथ अन्याय किसने किया और कैसे हुआ? ज्यादा संख्या में अधिकारी क्यों दिव्यंगता पेंशन ले रहे हैं, इसकी भी स्टीक जांच हो।