{"_id":"583485364f1c1b272413b508","slug":"two-poltication-one-road-and-two-time-bhomi-pujan","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो नेता, एक सड़क और दो बार भूूमि पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो नेता, एक सड़क और दो बार भूूमि पूजन
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल तीस किलोमीटर सड़क और महज एक किलोमीटर के दायरे में दो-दो भूमि पूजन के बोर्ड। पहले सांसद तो बाद में मुख्यमंत्री ने एक ही सड़क का कर दिया भूमि पूजन। राजनीतिक श्रेय की होड़ में दो बड़े कद के नेता इस कदर उलझे कि एक ही सड़क के सुदृीढ़ीकरण का दो बार भूमि पूजन कर दिया गया। दिलचस्प तो यह है कि भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने जिस मार्ग के सुदृढ़ीकरण का हाल ही में भूमि पूजन किया, कांग्रेस ने उसी का नाम बदलकर मंगलवार को मुख्यमंत्री से भूमि पूजन करवा दिया।
विज्ञापन
इस बीच लोकनिर्माण विभाग की ओर से शाम को स्थापित किए गए बोर्ड पर सड़क परियोजना का नाम पंजाबर से बाथड़ी था, जबकि सुबह शुभारंभ से ठीक पहले इसे सफेद पेंट से मिटाकर नगनोली से ईसपुर कर दिया गया। कांग्रेस की मानें तो सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 10 करोड़ 27 लाख बीस हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं जो ईसपुर से नगनोली तक खर्च किए जाएंगे। सीएम ने इसी सड़क का बाकायदा मशीनरी लगाकर भूमि पूजन किया और काम शुरू करने को हरी झंडी दी। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री का दावा है कि कांग्रेस ने लोक निर्माण विभाग को साथ लेकर जो भूमि पूजन किया वही सही और मान्य है।
विज्ञापन
भाजपा ने अफरा-तफरी में श्रेय लेने के मकसद से बिना किसी जानकारी के इसका भूमि पूजन कर दिया। दूसरी ओर भाजपा के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत इस सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न चरणों में 15 करोड़ 22 लाख 85 हजार खर्च किए जाएंगे। कुल 30 किमी की इस सड़क में प्रारंभिक तौर पर 16 किमी के तीन चरणों के लिए बजट मंजूर हुआ है।
विज्ञापन
हरोली के भाजपा नेता प्रो. राम कुमार के मुताबिक पंजाबर से बाथड़ी तक के इस मार्ग के लिए पहले चरण में नगनोली से इसपुर 9 किलोमीटर, बढेड़ा से हरोली तक 5 किमी और पालकवाह से कर्मपुर तक 2 किमी के टेंडर हो चुके हैं। जिन पर 10 करोड़ 27 लाख खर्च किए जाएंगे। जबकि शेष हिस्से की प्रक्रिया लंबित है। राम कुमार का कहना है कि केंद्रीय योजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन सांसद द्वारा करना स्वाभाविक और अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा इसका जबरन श्रेय न केवल सरकार की निराशा बल्कि बौखलाहट को भी दर्शाता है।
बहरहाल, मौके पर लोगों में यही चर्चा थी कि योजनाओं के राजनीतिक श्रेय में जनता के मुद्दे कहीं पीछे छूट रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा के सिपहसालार बेशक इसे अपनी-अपनी पार्टी की देन मानते हों, लेकिन एक ही योजना का दो बार भूमि पूजन सियासी गलियारों में चर्चा का विषय जरूर बन गया है।