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शहरी क्षेत्रों से ट्रकों की आवाजाही का समय होगा तय
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ऊना। नव वर्ष में सड़क सुरक्षा बढ़ाने को लेकर ऊना पुलिस बड़े स्तर पर मुहिम चलाएगी। मुहिम के सुचारू संचालन के लिए पुलिस कारगर रोड मैप तैयार कर रही है। पुलिस का यह रोड मैप जागरूकता, प्रवर्तन, डाटा विश्लेषण और आईटी व इंजीनियरिंग पर आधारित होगा। उक्त रोड मैप से पुलिस जिले में सड़क सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास करेगी।
जिला पुलिस 2021 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को कम करने के लिए अभियान को तेज करने की योजना बना रही है। जिला में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बड़े स्तर पर विश्लेषण किया गया है। इस विश्लेषण में चंडीगढ़ स्थित एक एनजीओ की मदद भी ली गई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अधिकांश दुर्घटनाओं के शिकार पैदल यात्री और दो पहिया वाहन चालक हो रहे हैं। जिला में अधिकांश दुर्घटनाएं राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुईं। कारण वाहनों में टक्कर और स्पीड रही। सड़क सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस ने परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक की है, ताकि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए इंजीनियरिंग पहल करने की रणनीति तैयार की जा सके। शहरी क्षेत्रों से ट्रकों की आवाजाही का समय तय किया जाएगा। वहीं आईटी आधारित समाधानों के संबंध में जिले में सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने के लिए पहल की जाएगी। ऊना शहर में एकीकृत ट्रैफिक नियंत्रण कक्ष और मैहतपुर, हरोली, संतोषगढ़ और अन्य क्षेत्रों में सूर्य नियंत्रण कक्ष विकसित किए जाएंगे। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से तेज गति, बिना हेलमेट के ड्राइविंग, ट्रिपल राइडिंग और इस तरह के अन्य ट्रैफिक उल्लंघन पर पैनी निगाह रखी जाएगी। सीसीटीवी नेटवर्क की जरूरतों के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
हादसों में आई कमी
वर्ष 2019 में नवंबर माह तक जिला में 245 सड़क हादसों में 122 लोगों ने जान गवाई थी। जबकि 411 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। वहीं वर्ष 2020 में नवंबर माह तक 163 सड़क हादसों में 52 लोगों ने जान गवाई है, जबकि 229 लोग घायल हुए हैं। कोरोना महामारी में लॉकडाउन के कारण वाहन दबाव कम रहने से भी जिले में सड़क हादसों में कमी आई है।
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जिला पुलिस 2021 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को कम करने के लिए अभियान को तेज करने की योजना बना रही है। जिला में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बड़े स्तर पर विश्लेषण किया गया है। इस विश्लेषण में चंडीगढ़ स्थित एक एनजीओ की मदद भी ली गई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अधिकांश दुर्घटनाओं के शिकार पैदल यात्री और दो पहिया वाहन चालक हो रहे हैं। जिला में अधिकांश दुर्घटनाएं राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुईं। कारण वाहनों में टक्कर और स्पीड रही। सड़क सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस ने परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक की है, ताकि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए इंजीनियरिंग पहल करने की रणनीति तैयार की जा सके। शहरी क्षेत्रों से ट्रकों की आवाजाही का समय तय किया जाएगा। वहीं आईटी आधारित समाधानों के संबंध में जिले में सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने के लिए पहल की जाएगी। ऊना शहर में एकीकृत ट्रैफिक नियंत्रण कक्ष और मैहतपुर, हरोली, संतोषगढ़ और अन्य क्षेत्रों में सूर्य नियंत्रण कक्ष विकसित किए जाएंगे। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से तेज गति, बिना हेलमेट के ड्राइविंग, ट्रिपल राइडिंग और इस तरह के अन्य ट्रैफिक उल्लंघन पर पैनी निगाह रखी जाएगी। सीसीटीवी नेटवर्क की जरूरतों के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
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हादसों में आई कमी
वर्ष 2019 में नवंबर माह तक जिला में 245 सड़क हादसों में 122 लोगों ने जान गवाई थी। जबकि 411 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। वहीं वर्ष 2020 में नवंबर माह तक 163 सड़क हादसों में 52 लोगों ने जान गवाई है, जबकि 229 लोग घायल हुए हैं। कोरोना महामारी में लॉकडाउन के कारण वाहन दबाव कम रहने से भी जिले में सड़क हादसों में कमी आई है।
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