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Una News: महान क्रांतिकारी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल जंयती पर दी श्रद्धांजलि
Wed, 12 Jun 2024 02:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 12 Jun 2024 02:28 AM IST
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जीएसएसएस घनारी में बने शहीद स्मारक पर पंडित राम प्रसाद विस्मिल की जयंती पर नमन करते एनएसएस स्वय
शहीद भगत सिंह क्लब एवं एनएसएस स्वयंसेवियों ने घनारी में किया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनारी में मंगलवार को शहीद स्मारक में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहीद भगत सिंह क्लब गगरेट एवं एनएसएस स्वयंसेवियों के सहयोग से भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महान योद्धा पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया गया। सर्वप्रथम उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। तत्पश्चात उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया।
शहीद भगत सिंह क्लब गगरेट के प्रधान मुनिष ठाकुर ने बताया कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर शत-शत नमन इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर हजारों क्रांतिकारियों को देश की आजादी की लड़ाई में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सतीश के. कालिया एवं सोनिका चौधरी ने बताया कि अपनी बहादुरी और सूझबूझ से अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ाने वाले महान क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल का जन्म आज ही के दिन साल 1897 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हुआ था। वह उच्च कोटि के कवि, शायर, अनुवादक और साहित्कार भी थे। उनकी प्रसिद्ध रचना सरफरोशी की तमन्ना...गाते हुए न जाने कितने क्रांतिकारी देश की आजादी के लिए फांसी के फंदे पर झूल गए। अंग्रेजों ने ऐतिहासिक काकोरी कांड में मुकदमे के नाटके के बाद 19 दिसंबर 1927 को उन्हें गोरखपुर की जेल में फांसी पर चढ़ा दिया था। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि उनके जीवन से प्रेरणा लें और हमेशा अपने देश की आन, बान एवं छान के लिए कार्य करें। इस अवसर पर राजिंद्र बंसल रणबीर राणा, आकाश कुमार, सतीश कुमार, अमृतपाल सिंह, मनजीत सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।
सचित्र
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दौलतपुर चौक (ऊना)। राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनारी में मंगलवार को शहीद स्मारक में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहीद भगत सिंह क्लब गगरेट एवं एनएसएस स्वयंसेवियों के सहयोग से भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महान योद्धा पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया गया। सर्वप्रथम उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। तत्पश्चात उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया।
शहीद भगत सिंह क्लब गगरेट के प्रधान मुनिष ठाकुर ने बताया कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर शत-शत नमन इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर हजारों क्रांतिकारियों को देश की आजादी की लड़ाई में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सतीश के. कालिया एवं सोनिका चौधरी ने बताया कि अपनी बहादुरी और सूझबूझ से अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ाने वाले महान क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल का जन्म आज ही के दिन साल 1897 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हुआ था। वह उच्च कोटि के कवि, शायर, अनुवादक और साहित्कार भी थे। उनकी प्रसिद्ध रचना सरफरोशी की तमन्ना...गाते हुए न जाने कितने क्रांतिकारी देश की आजादी के लिए फांसी के फंदे पर झूल गए। अंग्रेजों ने ऐतिहासिक काकोरी कांड में मुकदमे के नाटके के बाद 19 दिसंबर 1927 को उन्हें गोरखपुर की जेल में फांसी पर चढ़ा दिया था। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि उनके जीवन से प्रेरणा लें और हमेशा अपने देश की आन, बान एवं छान के लिए कार्य करें। इस अवसर पर राजिंद्र बंसल रणबीर राणा, आकाश कुमार, सतीश कुमार, अमृतपाल सिंह, मनजीत सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।
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