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मरीज बढने पर अब आपातकाल वार्ड के बाहर नहीं होगा उपचार
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क्षेत्रीय अस्पताल ऊना का आपातकाल वार्ड। संवाद
- फोटो : Una
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में अब आपातकाल में एक साथ मरीज पहुंचने पर वार्ड के भीतर ही मरीजों का उपचार हो पाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने आपातकाल वार्ड के विस्तार के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। मातृ शिशु अस्पताल के नए भवन में शिफ्ट होते ही वार्ड के विस्तार को कार्य शुरू हो जाएगा।
इससे लोगों की लंबे अरसे से चली आ रही मांग पूरी हो जाएगी। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के आपातकाल वार्ड में वर्तमान समय में छह बेड की व्यवस्था की गई है। जगह की तंगी के चलते वार्ड में बेड की संख्या को बढ़ाया नहीं जा सकता। ऐसे में जल्द ही अस्पताल परिसर में बने मातृ-शिशु अस्पताल में गायनी वार्ड और ओपीडी शिफ्ट होने के बाद आपातकाल वार्ड के समीप काफी स्थान खाली हो जाएगा। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से इस खाली जगह का प्रयोग आपातकाल वार्ड के विस्तार के लिए किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने बजट के प्रावधान के लिए भी कदमताल शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार करीब एक माह के भीतर मातृ-शिशु अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद ही आपातकाल वार्ड का विस्तार कार्य शुरू होगा। क्षेत्रीय अस्पताल के आपातकाल वार्ड में जगह की कमी के चलते एक साथ छह से अधिक बेड नहीं लग पाते। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने पर अस्पताल प्रबंधन को मजबूरन ओपीडी के बाहर ही प्राथमिक उपचार करना पड़ता है।
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आपातकाल में बेड की संख्या बढ़ाने को लेकर प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही आठ नए बेड लगाकर मरीजों को सुविधा प्रदान की जाएगी।
-डॉ. रमन शर्मा, एमएस क्षेत्रीय अस्पताल
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ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में अब आपातकाल में एक साथ मरीज पहुंचने पर वार्ड के भीतर ही मरीजों का उपचार हो पाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने आपातकाल वार्ड के विस्तार के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। मातृ शिशु अस्पताल के नए भवन में शिफ्ट होते ही वार्ड के विस्तार को कार्य शुरू हो जाएगा।
इससे लोगों की लंबे अरसे से चली आ रही मांग पूरी हो जाएगी। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के आपातकाल वार्ड में वर्तमान समय में छह बेड की व्यवस्था की गई है। जगह की तंगी के चलते वार्ड में बेड की संख्या को बढ़ाया नहीं जा सकता। ऐसे में जल्द ही अस्पताल परिसर में बने मातृ-शिशु अस्पताल में गायनी वार्ड और ओपीडी शिफ्ट होने के बाद आपातकाल वार्ड के समीप काफी स्थान खाली हो जाएगा। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से इस खाली जगह का प्रयोग आपातकाल वार्ड के विस्तार के लिए किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने बजट के प्रावधान के लिए भी कदमताल शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार करीब एक माह के भीतर मातृ-शिशु अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद ही आपातकाल वार्ड का विस्तार कार्य शुरू होगा। क्षेत्रीय अस्पताल के आपातकाल वार्ड में जगह की कमी के चलते एक साथ छह से अधिक बेड नहीं लग पाते। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने पर अस्पताल प्रबंधन को मजबूरन ओपीडी के बाहर ही प्राथमिक उपचार करना पड़ता है।
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आपातकाल में बेड की संख्या बढ़ाने को लेकर प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही आठ नए बेड लगाकर मरीजों को सुविधा प्रदान की जाएगी।
-डॉ. रमन शर्मा, एमएस क्षेत्रीय अस्पताल