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Una News: एनजीटी ने खामियों से भरी ऊना की खनन रिपोर्ट पर हिमाचल सरकार को भेजा नोटिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ऊना जिले की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) 2024 को लेकर हिमाचल सरकार, भू-विज्ञान विभाग और पर्यावरण मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता रोहित कटवाल ने दायर की है, जिसमें रिपोर्ट को खामियों से भरी और अवैज्ञानिक बताया गया है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि डीएसआर-2024, 2017 की रिपोर्ट की नकल है और इसके आधार पर अवैध रेत खनन और स्टोन क्रशिंग बढ़ी हैं। उन्होंने पिछले साल धमकी और हमला होने की भी जानकारी दी। याचिका में कहा गया है कि रिपोर्ट में जरूरी प्री-मानसून और पोस्ट-मानसून सर्वे, वार्षिक रिचार्ज दर और हिल स्लोप माइनिंग की कैरिंग कैपेसिटी का वैज्ञानिक आकलन नहीं है।
इसके चलते स्टोन क्रशर इकाइयों ने अनियंत्रित खनन किया, जिससे वन कटान, भूमि क्षरण और वन्यजीव विस्थापन हुआ। रोहित कटवाल ने 2025 में ड्रोन फुटेज और तस्वीरों सहित कई शिकायतें दीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने ट्रिब्यूनल से अवैध खनन से हुए पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान का आकलन, जिम्मेदारों की पहचान और जुर्माना लगाने की मांग की है।
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याचिका में दावा है कि हर रात 500–1,000 टिपर अवैध रूप से ऊना की नदी घाटियों से खनिज सामग्री पंजाब भेज रहे हैं, जो खनन विभाग और पुलिस की मौजूदगी में हो रहा है। ऊना जिला लंबे समय से अवैध खनन का केंद्र रहा है; 2021 में एनजीटी ने स्वां नदी में तीन माह का प्रतिबंध लगाया था, लेकिन खनन जारी है।
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ऊना। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ऊना जिले की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) 2024 को लेकर हिमाचल सरकार, भू-विज्ञान विभाग और पर्यावरण मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता रोहित कटवाल ने दायर की है, जिसमें रिपोर्ट को खामियों से भरी और अवैज्ञानिक बताया गया है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि डीएसआर-2024, 2017 की रिपोर्ट की नकल है और इसके आधार पर अवैध रेत खनन और स्टोन क्रशिंग बढ़ी हैं। उन्होंने पिछले साल धमकी और हमला होने की भी जानकारी दी। याचिका में कहा गया है कि रिपोर्ट में जरूरी प्री-मानसून और पोस्ट-मानसून सर्वे, वार्षिक रिचार्ज दर और हिल स्लोप माइनिंग की कैरिंग कैपेसिटी का वैज्ञानिक आकलन नहीं है।
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इसके चलते स्टोन क्रशर इकाइयों ने अनियंत्रित खनन किया, जिससे वन कटान, भूमि क्षरण और वन्यजीव विस्थापन हुआ। रोहित कटवाल ने 2025 में ड्रोन फुटेज और तस्वीरों सहित कई शिकायतें दीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने ट्रिब्यूनल से अवैध खनन से हुए पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान का आकलन, जिम्मेदारों की पहचान और जुर्माना लगाने की मांग की है।
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याचिका में दावा है कि हर रात 500–1,000 टिपर अवैध रूप से ऊना की नदी घाटियों से खनिज सामग्री पंजाब भेज रहे हैं, जो खनन विभाग और पुलिस की मौजूदगी में हो रहा है। ऊना जिला लंबे समय से अवैध खनन का केंद्र रहा है