फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   This time, wheat sowing will be delayed on 1000 hectares of land in Una.

Una News: ऊना में 1000 हेक्टेयर भूमि पर इस बार देरी से होगी गेहूं की बिजाई

Tue, 28 Oct 2025 05:49 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Tue, 28 Oct 2025 05:49 AM IST
विज्ञापन
This time, wheat sowing will be delayed on 1000 hectares of land in Una.
ऊना। जिले के बंगाणा क्षेत्र में जहां गेहूं की बिजाई को लेकर किसानों से कमर कस ली, वहीं 1000 हेक्टेयर के करीब क्षेत्र ऐसा भी है जहां बिजाई प्रक्रिया देरी से शुरू होगी। यह क्षेत्र वर्तमान में आलू की फसल तैयार कर रहा है। इस बार भारी बरसात के चलते आलू की बिजाई में 15 से 25 दिन की देरी हुई है। इसका सीधा असर गेहूं की बिजाई पर होगा।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार जिले में 1500 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर आलू की फसल तैयार हो रही है। एक सितंबर के आसपास शुरू होने वाले आलू की बिजाई इस बार 15 से 25 सितंबर तक चली। सवा दो माह के बाद आलू को खेतों ने निकालकर मंडियों में पहुंचाया जाता है। यह फसल इस बार 15 नवंबर के बाद तैयार होगी। गेहूं की बिजाई नवंबर की शुरुआत से आरंभ होती है। कुल मिलाकर आलू की फसल तैयार करने वाले किसानों को इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह तक गेहूं की बिजाई करनी पड़ेगा।
विज्ञापन

बता दें कि जिला के बंगाणा इलाके में कृषि विभाग की ओर से 5000 क्विंटल गेहूं का बीज सप्लाई किया गया है। वहां किसान बिजाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं सिंचाई सुविधा वाले समतल इलाकों में अभी गेहूं बिजाई की कोई हलचल नहीं। उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि भारी बरसात के बाद गेहूं की बिजाई में देरी उन इलाकों में होगी, जहां आलू तैयार हो रहा है। कई किसान जल्दी तैयार होने वाले बीज का इस्तेमाल करेंगे और कई फसल में देरी को स्वीकार करते हुए बिजाई करेंगे। इसमें किसान कृषि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



कई किसान सालभर उगाते हैं आलू
ध्यान रहे जिले के कई अधिक भूमि वाले किसान सालभर में केवल आलू की दो फसलें उगाते हैं। इसमें एक फसल सितंबर से नवंबर तक, जिसे दो माह वाली फसल भी कहते हैं। दूसरी फसल दिसंबर से अप्रैल के मध्य तैयार होती है, जिसे चार माह वाली भी कहा जाता है। इसके अलावा किसान गेहूं व मक्की को छोड़ हरी सब्जियां भी तैयार करते हैं। ऐसे किसानों को गेहूं की बिजाई में देरी की चिंता नहीं रहती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed