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Una News: श्रावण के पहले वीरवार को बेड़ा छोड़ने वालों का लगा तांता
Fri, 19 Jul 2024 04:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 19 Jul 2024 04:25 AM IST
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लठियाणी घाट पर ऊना के अलावा हमीरपुर और बिलासपुर से पहुंचे लोग
लठियाणी (ऊना)। श्रावण मास के प्रथम वीरवार को गोबिंद सागर झील के लठियाणी घाट पर बेड़ा छोड़ने वालों का भारी मात्रा में तांता लगा रहा। इसमें जिला ऊना के अलावा जिला हमीरपुर एवं बिलासपुर के लोगों में भी बेड़ा छोड़ने को लेकर भारी उत्साह देखा गया। बेड़ा छोड़ने के लिए लोग अपने वाहनों के अलावा प्राइवेट वाहनों व टेंपू में भारी संख्या में आकर इस रस्म को अदा कर रहे हैं। कहा जाता है कि प्राचीन काल में भगवान रामचंद्रजी ने नदी पार करने के लिए केवट को सीता की अंगूठी देकर नदी पार की थी। तब से इस प्रथा की शुरुआत हुईं थी। तभी से लोगों ने नदी को पार करने के लिए मल्ला की पूजा कर उसे धन वस्त्र व लोगों को नदी के उस पार ले जाने के लिए किराए के रूप में धन देकर इस रस्म को अदा करते हैं। संवाद
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लठियाणी (ऊना)। श्रावण मास के प्रथम वीरवार को गोबिंद सागर झील के लठियाणी घाट पर बेड़ा छोड़ने वालों का भारी मात्रा में तांता लगा रहा। इसमें जिला ऊना के अलावा जिला हमीरपुर एवं बिलासपुर के लोगों में भी बेड़ा छोड़ने को लेकर भारी उत्साह देखा गया। बेड़ा छोड़ने के लिए लोग अपने वाहनों के अलावा प्राइवेट वाहनों व टेंपू में भारी संख्या में आकर इस रस्म को अदा कर रहे हैं। कहा जाता है कि प्राचीन काल में भगवान रामचंद्रजी ने नदी पार करने के लिए केवट को सीता की अंगूठी देकर नदी पार की थी। तब से इस प्रथा की शुरुआत हुईं थी। तभी से लोगों ने नदी को पार करने के लिए मल्ला की पूजा कर उसे धन वस्त्र व लोगों को नदी के उस पार ले जाने के लिए किराए के रूप में धन देकर इस रस्म को अदा करते हैं। संवाद