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Una News: बारिश की उम्मीद कम, किसानों ने खेतों में बिना नमी के ही कर दी गेहूं की बिजाई
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गैर सिंचित इलाकों में भी किसानों ने बिजाई प्रक्रिया की पूरी
किसानों ने कहा-बिजाई के दो हफ्ते में बारिश होती है तो बीज हो जाएगा अंकुरित
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में करीब ढाई माह से बारिश नहीं हुई है। इससे गैर सिंचित क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई में देरी हुई है। कई क्षेत्रों में किसानों ने गेहूं की फसल की बिजाई बिना बारिश के ही कर दी। इसमें गैस सिंचित इलाके भी शामिल हैं। किसानों का मानना है कि अगर बारिश फसल बिजाई के कुछ समय बाद हो गई तो भी फसल की वृद्धि अच्छे तरीके से हो जाएगी। लेकिन, देरी से फसल की बिजाई पैदावार को प्रभावित करती है।
जानकारी के मुताबिक जिले में करीब 35000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर गेहूं की बिजाई होती है। इसमें से 65 प्रतिशत हिस्सा ऐसा है, जहां सिंचाई सुविधा नहीं है और बारिश पर निर्भर खेती होती है। नवंबर की शुरुआत में गेहूं की बिजाई आरंभ हो जाती है। इस बार बारिश के इंतजार में बिजाई प्रक्रिया रुकी रही। किसानों को उम्मीद रही कि 10 नवंबर के आसपास बारिश होगी। लेकिन, आधा माह बीतने के बाद भी बारिश नहीं हुई। इसके बाद किसानों ने बिना बारिश के ही गेहूं की बिजाई करना उचित समझा।
किसान रवि कुमार, सुरेश सैनी, राकेश स्याल, बलबीर चंद, आकाश ठाकुर सहित अन्य ने कहा कि गेहूं की बिजाई समय पर होना बेहद जरूरी है। वर्तमान में खेतों में नमी बिल्कुल भी नहीं है। मजबूरन इसी स्थिति में बिजाई करनी पड़ी। उम्मीद है कि कुछ दिन के भीतर बारिश होगी और फसल अच्छे तरीके से अंकुरित हो पाएगी। उन्होंने कहा कि अगर दो सप्ताह तक बारिश नहीं होती तो फसल खराब होना तय है।
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कोट्स
Iजिलेभर के किसानों को कृषि विभाग की ओर से गेहूं का उन्नत बीज उपलब्ध करवाया गया है। बारिश नहीं होने के कारण कई इलाकों में बिजाई प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उम्मीद है कि जल्द बारिश होगी, जिससे किसान बेहतर तरीके से बिजाई कर पाएंगे। I
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।
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किसानों ने कहा-बिजाई के दो हफ्ते में बारिश होती है तो बीज हो जाएगा अंकुरित
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में करीब ढाई माह से बारिश नहीं हुई है। इससे गैर सिंचित क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई में देरी हुई है। कई क्षेत्रों में किसानों ने गेहूं की फसल की बिजाई बिना बारिश के ही कर दी। इसमें गैस सिंचित इलाके भी शामिल हैं। किसानों का मानना है कि अगर बारिश फसल बिजाई के कुछ समय बाद हो गई तो भी फसल की वृद्धि अच्छे तरीके से हो जाएगी। लेकिन, देरी से फसल की बिजाई पैदावार को प्रभावित करती है।
जानकारी के मुताबिक जिले में करीब 35000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर गेहूं की बिजाई होती है। इसमें से 65 प्रतिशत हिस्सा ऐसा है, जहां सिंचाई सुविधा नहीं है और बारिश पर निर्भर खेती होती है। नवंबर की शुरुआत में गेहूं की बिजाई आरंभ हो जाती है। इस बार बारिश के इंतजार में बिजाई प्रक्रिया रुकी रही। किसानों को उम्मीद रही कि 10 नवंबर के आसपास बारिश होगी। लेकिन, आधा माह बीतने के बाद भी बारिश नहीं हुई। इसके बाद किसानों ने बिना बारिश के ही गेहूं की बिजाई करना उचित समझा।
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किसान रवि कुमार, सुरेश सैनी, राकेश स्याल, बलबीर चंद, आकाश ठाकुर सहित अन्य ने कहा कि गेहूं की बिजाई समय पर होना बेहद जरूरी है। वर्तमान में खेतों में नमी बिल्कुल भी नहीं है। मजबूरन इसी स्थिति में बिजाई करनी पड़ी। उम्मीद है कि कुछ दिन के भीतर बारिश होगी और फसल अच्छे तरीके से अंकुरित हो पाएगी। उन्होंने कहा कि अगर दो सप्ताह तक बारिश नहीं होती तो फसल खराब होना तय है।
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Iजिलेभर के किसानों को कृषि विभाग की ओर से गेहूं का उन्नत बीज उपलब्ध करवाया गया है। बारिश नहीं होने के कारण कई इलाकों में बिजाई प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उम्मीद है कि जल्द बारिश होगी, जिससे किसान बेहतर तरीके से बिजाई कर पाएंगे। I
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।