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Una News: बहुप्रतीक्षित लोहारली–चुरुड़ू पुल तैयार, जमीन विवाद ने रोकी आवाजाही
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चुरुड़ू की तरफ जमीन विवाद के चलते सड़क से संपर्क नहीं हो पाया
करीब तीन वर्षों से जारी है पुल का निर्माण, लोग सुविधा से वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
बडूही (ऊना)। गगरेट, चिंतपूर्णी और कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित लोहारली–चुरुड़ू पुल अब लगभग बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन परियोजना की राह में जमीन विवाद रोड़ा बन गया। पुल के एक छोर पर करीब एक मरला जमीन के विवाद में पुल का सड़क से संपर्क नहीं हो पाया। ऐसे में पुल पूरा तैयार होने के बावजूद इसका लाभ आम जनता को अभी तक नहीं मिल पाया। करीब 42 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने इस पुल का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका। पुल के लटके काम को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने रोष भी जताया। उन्होंने कहा कि जब तक विवाद सुलझता नहीं, एक लेन को यातायात के लिए खोल देना चाहिए।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्मित इस पुल पर स्लैब डालने का कार्य और ऊपर सड़क की टारिंग पूरी हो चुकी है। पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह से तैयार है और तकनीकी रूप से यह उपयोग के लिए तैयार बताया जा रहा। इस बीच चुरुड़ू गांव की ओर पुल को जोड़ने वाली संपर्क सड़क का कार्य जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है। इस कारण पुल को अभी तक यातायात के लिए नहीं खोला जा सका।
बॉक्स
न्यायालय से स्टे ऑर्डर लिया
बताया जा रहा कि चुरुड़ू गांव के ही एक व्यक्ति ने लगभग एक मरला जमीन को लेकर न्यायालय से स्टे ऑर्डर ले लिया गया। इसी कानूनी विवाद के चलते संपर्क सड़क का निर्माण कार्य रुक गया । ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के विवाद के कारण करोड़ों रुपये की परियोजना और हजारों लोगों की सुविधा प्रभावित हो रही, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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बॉक्स
सरकार से जल्द समाधान की मांग
शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर चुरुड़ू गांव के स्वर्ण सिंह ढिल्लों, पूर्व प्रधान राजिंदर सिंह, पूर्व प्रधान सुरेश कुमारी, कृषि सहकारी सेवा समिति के प्रधान गुरदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों ने एक स्वर में सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि जब तक कानूनी विवाद का निपटारा नहीं होता, तब तक पुल की कम से कम एक लेन को यातायात के लिए खोला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
यह पुल यातायात के लिए शुरु होने से गगरेट, चिंतपूर्णी और कुटलैहड़ क्षेत्रों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। वर्तमान में लोगों को ऊना, अंब और बडूही होते हुए लंबा और समय लेने वाला रास्ता तय करना पड़ता है। पुल के शुरू होने से न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। इस पुल से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा। इसके अलावा बरसात के मौसम में नदी के उफान के कारण होने वाली समस्याओं से भी लोगों को स्थायी राहत मिलेगी।
कोट्स
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ दिनेश जसवाल ने बताया कि पुल और संपर्क सड़क का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका। जो कानूनी अड़चन सामने आई है, उसके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे। जल्द ही पुल को जनता के लिए खोलने का प्रयास किया जाएगा।
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करीब तीन वर्षों से जारी है पुल का निर्माण, लोग सुविधा से वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
बडूही (ऊना)। गगरेट, चिंतपूर्णी और कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित लोहारली–चुरुड़ू पुल अब लगभग बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन परियोजना की राह में जमीन विवाद रोड़ा बन गया। पुल के एक छोर पर करीब एक मरला जमीन के विवाद में पुल का सड़क से संपर्क नहीं हो पाया। ऐसे में पुल पूरा तैयार होने के बावजूद इसका लाभ आम जनता को अभी तक नहीं मिल पाया। करीब 42 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने इस पुल का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका। पुल के लटके काम को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने रोष भी जताया। उन्होंने कहा कि जब तक विवाद सुलझता नहीं, एक लेन को यातायात के लिए खोल देना चाहिए।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्मित इस पुल पर स्लैब डालने का कार्य और ऊपर सड़क की टारिंग पूरी हो चुकी है। पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह से तैयार है और तकनीकी रूप से यह उपयोग के लिए तैयार बताया जा रहा। इस बीच चुरुड़ू गांव की ओर पुल को जोड़ने वाली संपर्क सड़क का कार्य जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है। इस कारण पुल को अभी तक यातायात के लिए नहीं खोला जा सका।
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न्यायालय से स्टे ऑर्डर लिया
बताया जा रहा कि चुरुड़ू गांव के ही एक व्यक्ति ने लगभग एक मरला जमीन को लेकर न्यायालय से स्टे ऑर्डर ले लिया गया। इसी कानूनी विवाद के चलते संपर्क सड़क का निर्माण कार्य रुक गया । ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के विवाद के कारण करोड़ों रुपये की परियोजना और हजारों लोगों की सुविधा प्रभावित हो रही, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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सरकार से जल्द समाधान की मांग
शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर चुरुड़ू गांव के स्वर्ण सिंह ढिल्लों, पूर्व प्रधान राजिंदर सिंह, पूर्व प्रधान सुरेश कुमारी, कृषि सहकारी सेवा समिति के प्रधान गुरदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों ने एक स्वर में सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि जब तक कानूनी विवाद का निपटारा नहीं होता, तब तक पुल की कम से कम एक लेन को यातायात के लिए खोला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
यह पुल यातायात के लिए शुरु होने से गगरेट, चिंतपूर्णी और कुटलैहड़ क्षेत्रों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। वर्तमान में लोगों को ऊना, अंब और बडूही होते हुए लंबा और समय लेने वाला रास्ता तय करना पड़ता है। पुल के शुरू होने से न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। इस पुल से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा। इसके अलावा बरसात के मौसम में नदी के उफान के कारण होने वाली समस्याओं से भी लोगों को स्थायी राहत मिलेगी।
कोट्स
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ दिनेश जसवाल ने बताया कि पुल और संपर्क सड़क का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका। जो कानूनी अड़चन सामने आई है, उसके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे। जल्द ही पुल को जनता के लिए खोलने का प्रयास किया जाएगा।