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Una News: जलशक्ति विभाग का कारनामा, पुराने लेंटर पर ही डाल दिया नया
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80 के दशक का सोहारी पेयजल योजना का भवन जर्जर हालत में
विभाग की कार्यप्रणाली पर कई बार उठे हैं सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। जल शक्ति विभाग मंडल अंब के तहत आने वाली उठाऊ पेयजल योजना सोहारी पर विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने की दिशा में कदम उठाए हैं। हालांकि, इस राशि का जिस प्रकार उपयोग किया गया है, उस पर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। जानकारी के अनुसार सोहारी उठाऊ पेयजल योजना का पंप हाउस 1980 के दशक में निर्मित हुआ था और वर्तमान में इसकी स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। पंप हाउस की छत (लेंटर) धीरे-धीरे टूट रही है, जिससे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। विभाग ने इस खतरे को दूर करने के लिए पुराने कमजोर लेंटर को पूरी तरह हटाने के बजाय उसी पर एक नया लेंटर डालकर काम पूरा कर लिया। पुराने लेंटर का प्लास्टर लगातार झड़ रहा है और उसमें प्रयुक्त स्टील भी अब नजर आने लगा है।
बड़ा सवाल है कि यदि पुराना लेंटर सुरक्षित था तो नया लेंटर क्यों डाला गया। यदि वह जर्जर था तो उसे पूरी तरह हटाकर नए का निर्माण क्यों नहीं किया गया। जल शक्ति विभाग खंड चौकीमन्यार की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं, लेकिन उच्च अधिकारी अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं।
कनिष्ठ अभियंता रमेश चंद ने बताया कि बरसात के बाद जो प्लास्टर गिर रहा है, उसकी मरम्मत करवा दी जाएगी। लेंटर से पानी नीचे गिरने के चलते उसके ऊपर कंक्रीट डाली गई थी। जल्द ही मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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विभाग की कार्यप्रणाली पर कई बार उठे हैं सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। जल शक्ति विभाग मंडल अंब के तहत आने वाली उठाऊ पेयजल योजना सोहारी पर विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने की दिशा में कदम उठाए हैं। हालांकि, इस राशि का जिस प्रकार उपयोग किया गया है, उस पर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। जानकारी के अनुसार सोहारी उठाऊ पेयजल योजना का पंप हाउस 1980 के दशक में निर्मित हुआ था और वर्तमान में इसकी स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। पंप हाउस की छत (लेंटर) धीरे-धीरे टूट रही है, जिससे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। विभाग ने इस खतरे को दूर करने के लिए पुराने कमजोर लेंटर को पूरी तरह हटाने के बजाय उसी पर एक नया लेंटर डालकर काम पूरा कर लिया। पुराने लेंटर का प्लास्टर लगातार झड़ रहा है और उसमें प्रयुक्त स्टील भी अब नजर आने लगा है।
बड़ा सवाल है कि यदि पुराना लेंटर सुरक्षित था तो नया लेंटर क्यों डाला गया। यदि वह जर्जर था तो उसे पूरी तरह हटाकर नए का निर्माण क्यों नहीं किया गया। जल शक्ति विभाग खंड चौकीमन्यार की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं, लेकिन उच्च अधिकारी अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं।
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कनिष्ठ अभियंता रमेश चंद ने बताया कि बरसात के बाद जो प्लास्टर गिर रहा है, उसकी मरम्मत करवा दी जाएगी। लेंटर से पानी नीचे गिरने के चलते उसके ऊपर कंक्रीट डाली गई थी। जल्द ही मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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