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Una News: विज्ञान विषय में विद्यार्थियों के पंख बने टीजीटी अध्यापक हरदीप सिंह
Thu, 05 Sep 2024 03:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 05 Sep 2024 03:11 AM IST
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हरदीप सिंह।संवाद
ऊना। विज्ञान विषय में जिले के नए आयाम तक पहुंचाने और विद्यार्थियों के रचनात्मक कल्पनाओं के पंख बने त्यूड़ी स्कूल के टीजीटी अध्यापक हरदीप सिंह राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए चयनित हुए हैं।
बड़ी बात यह भी है कि वह इस वर्ष ऊना जिला के इकलौते अध्यापक हैं, जिन्हें यह सम्मान प्राप्त होगा। उन्होंने विज्ञान विषय के अलावा अन्य गतिविधियों में भी विद्यार्थियों को शानदार तरीके से प्रशिक्षित किया। इससे विद्यार्थियों को जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को दिखाने का मौका मिला। यही नहीं लाखों के इनाम भी पाए। जानकारी के अनुसार 30 दिसंबर 1980 को ऊना के गांव भलोह में जन्मे हरदीप सिंह के पिता गुरबचन सिंह भी अध्यापक थे। पिता के पद चिन्हों पर चलते हुए उन्होंने भी अध्यापक के क्षेत्र में सेवाएं देने का निश्चय किया। उन्होंने अपने अध्यापक सफर की शुरुआत जून 2006 से की। राजकीय माध्यमिक विद्यालय बगोटी जिला शिमला में टीजीटी मेडिकल के रूप में तैनाती मिली। साल 2009 में स्थानांतरण के उपरांत राजकीय उच्च विद्यालय धलवाड़ी पहुंचे। जहां उन्होंने बच्चों के नामांकन को बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण शिक्षा पर विशेष बल दिया। साल 2013 में हरदीप सिंह की देखरेख में तैयारी धलवाड़ी स्कूल का जैव विविधता रजिस्टर राज्य भर में सर्वोत्तम रहा था। स्कूल के तुलसी इको क्लब इंचार्ज के रूप में 2014 में राज्य स्तरीय इको क्लब प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल किया, जो ऊना जिले के लिए पहला इनाम था। स्टाफ तथा क्लब सदस्यों के सहयोग से इसी प्रतियोगिता में 2015 में प्रथम स्थान हासिल किया।
साल 2015 में उनका स्थानांतरण राजकीय उच्च विद्यालय त्यूड़ी हुआ। जहां 2016 में उनके छात्र अक्षय ठाकुर की वैज्ञानिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट को इंडियन साइंस कांग्रेस में जगह मिली। वह हिमाचल का पहला विद्यार्थी बना, जिसे पांच लाख रुपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ। विद्यालय से पिछले पांच साल से ही 25 बच्चे राज्य स्तरीय बाल विज्ञान प्रतियोगिता में भाग ले चुके। हरदीप सिंह के छात्र अक्षय कुमार, आशा रानी, कपिश शर्मा वैज्ञानिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
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त्यूड़ी स्कूल में बनाया प्रदेश का सबसे बड़ा साइंस पार्क
हरदीप सिंह बच्चों को विज्ञान बहुत ही रोचक तरीके से पढ़ाते हैं। इसी कारण से उन्हें इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो टेक्नोलॉजी मोहाली से अवार्ड ऑफ फैसिलिटेटर भी प्राप्त हुआ। उनकी तथा राजकीय उच्च पाठशाला के तब के मुख्य अध्यापक हरीश साहनी की देखरेख में हिमाचल का पहला तथा सबसे बड़ा साइंस पार्क त्यूडी विद्यालय में बनाया गया। उनकी अलग ही सोच के कारण हिमाचल का सबसे पहला नाइट स्काई वॉच प्रोग्राम का आयोजन करने वाला विद्यालय भी त्यूडी ही बना। बच्चों को चंद्रमा के गड्ढे, शनि के वलय तथा अन्य ग्रह की जानकारी देने हेतु पुष्पा गुजराल साइंस सिटी कपूरथला पंजाब से विशेष तौर पर उच्च क्षमता वाले टेलीस्कोप लाए गए। उनके पढ़ाए हुए बच्चे आज एमएससी कर रहे हैं। वहीं, तीन बच्चे अभी पीएचडी कर रहे हैं। कुछ विद्यार्थी सरकारी नौकरी में भी अपनी जगह बना चुके हैं।
हरदीप सिंह ने कहा कि इस मुकाम को हासिल करने में ईश्वर की कृपा, माता पिता के आशीष, गुरुजनों के मार्गदर्शन के साथ परिवार तथा सहकर्मियों का सहयोग एवं विद्यार्थियों की कर्तव्यनिष्ठा का बहुत योगदान है।
उधर उनकी इस उपलब्धि के लिए उच्च शिक्षा उप निदेशक राजेंद्र कौशल और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सोमलाल धीमान ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरदीप सिंह बीते कई वर्षों से शानदार अध्यापन के साथ अन्य गतिविधियों में रोचक तरीके से विद्यार्थियों को तैयार करते थे, जिससे उनके पढ़ाई व सिखाए बच्चों को अलग पहचान मिली। उन्होंने कहा निश्चित तौर पर हरदीप सिंह इस अवार्ड के हकदार हैं।
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बड़ी बात यह भी है कि वह इस वर्ष ऊना जिला के इकलौते अध्यापक हैं, जिन्हें यह सम्मान प्राप्त होगा। उन्होंने विज्ञान विषय के अलावा अन्य गतिविधियों में भी विद्यार्थियों को शानदार तरीके से प्रशिक्षित किया। इससे विद्यार्थियों को जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को दिखाने का मौका मिला। यही नहीं लाखों के इनाम भी पाए। जानकारी के अनुसार 30 दिसंबर 1980 को ऊना के गांव भलोह में जन्मे हरदीप सिंह के पिता गुरबचन सिंह भी अध्यापक थे। पिता के पद चिन्हों पर चलते हुए उन्होंने भी अध्यापक के क्षेत्र में सेवाएं देने का निश्चय किया। उन्होंने अपने अध्यापक सफर की शुरुआत जून 2006 से की। राजकीय माध्यमिक विद्यालय बगोटी जिला शिमला में टीजीटी मेडिकल के रूप में तैनाती मिली। साल 2009 में स्थानांतरण के उपरांत राजकीय उच्च विद्यालय धलवाड़ी पहुंचे। जहां उन्होंने बच्चों के नामांकन को बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण शिक्षा पर विशेष बल दिया। साल 2013 में हरदीप सिंह की देखरेख में तैयारी धलवाड़ी स्कूल का जैव विविधता रजिस्टर राज्य भर में सर्वोत्तम रहा था। स्कूल के तुलसी इको क्लब इंचार्ज के रूप में 2014 में राज्य स्तरीय इको क्लब प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल किया, जो ऊना जिले के लिए पहला इनाम था। स्टाफ तथा क्लब सदस्यों के सहयोग से इसी प्रतियोगिता में 2015 में प्रथम स्थान हासिल किया।
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साल 2015 में उनका स्थानांतरण राजकीय उच्च विद्यालय त्यूड़ी हुआ। जहां 2016 में उनके छात्र अक्षय ठाकुर की वैज्ञानिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट को इंडियन साइंस कांग्रेस में जगह मिली। वह हिमाचल का पहला विद्यार्थी बना, जिसे पांच लाख रुपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ। विद्यालय से पिछले पांच साल से ही 25 बच्चे राज्य स्तरीय बाल विज्ञान प्रतियोगिता में भाग ले चुके। हरदीप सिंह के छात्र अक्षय कुमार, आशा रानी, कपिश शर्मा वैज्ञानिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
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त्यूड़ी स्कूल में बनाया प्रदेश का सबसे बड़ा साइंस पार्क
हरदीप सिंह बच्चों को विज्ञान बहुत ही रोचक तरीके से पढ़ाते हैं। इसी कारण से उन्हें इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो टेक्नोलॉजी मोहाली से अवार्ड ऑफ फैसिलिटेटर भी प्राप्त हुआ। उनकी तथा राजकीय उच्च पाठशाला के तब के मुख्य अध्यापक हरीश साहनी की देखरेख में हिमाचल का पहला तथा सबसे बड़ा साइंस पार्क त्यूडी विद्यालय में बनाया गया। उनकी अलग ही सोच के कारण हिमाचल का सबसे पहला नाइट स्काई वॉच प्रोग्राम का आयोजन करने वाला विद्यालय भी त्यूडी ही बना। बच्चों को चंद्रमा के गड्ढे, शनि के वलय तथा अन्य ग्रह की जानकारी देने हेतु पुष्पा गुजराल साइंस सिटी कपूरथला पंजाब से विशेष तौर पर उच्च क्षमता वाले टेलीस्कोप लाए गए। उनके पढ़ाए हुए बच्चे आज एमएससी कर रहे हैं। वहीं, तीन बच्चे अभी पीएचडी कर रहे हैं। कुछ विद्यार्थी सरकारी नौकरी में भी अपनी जगह बना चुके हैं।
हरदीप सिंह ने कहा कि इस मुकाम को हासिल करने में ईश्वर की कृपा, माता पिता के आशीष, गुरुजनों के मार्गदर्शन के साथ परिवार तथा सहकर्मियों का सहयोग एवं विद्यार्थियों की कर्तव्यनिष्ठा का बहुत योगदान है।
उधर उनकी इस उपलब्धि के लिए उच्च शिक्षा उप निदेशक राजेंद्र कौशल और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सोमलाल धीमान ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरदीप सिंह बीते कई वर्षों से शानदार अध्यापन के साथ अन्य गतिविधियों में रोचक तरीके से विद्यार्थियों को तैयार करते थे, जिससे उनके पढ़ाई व सिखाए बच्चों को अलग पहचान मिली। उन्होंने कहा निश्चित तौर पर हरदीप सिंह इस अवार्ड के हकदार हैं।