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अमावस्या तक तर्पण, पिंडदान शास्त्रों में श्रेष्ठ : अरविंद

Thu, 18 Sep 2025 05:04 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Sep 2025 05:04 PM IST
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Tarpan and Pind Daan till Amavasya are the best in scriptures: Arvind
22 सितंबर को नवरात्र के साथ त्योहारों का सीजन शुरू होगा
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गगरेट ( ऊना)। सात सितंबर से आरंभ हुए पितृ पक्ष के श्राद्ध 21 सितंबर अमावस्या को समाप्त होंगे। इसके बाद 22 सितंबर को नवरात्र के साथ त्योहारों का सीजन शुरू होगा। गगरेट के ज्योतिषी अरविंद चक्रवर्ती ने बताया कि भाद्रपद पूर्णिमा से अमावस्या तक तर्पण, पिंडदान और तिलांजलि करना शास्त्रों में श्रेष्ठ माना गया है। इससे पूर्वज प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं और परिवार पितृ ऋण से मुक्त होता है। श्राद्ध न मिलने पर भी अमावस्या के दिन श्राद्ध किया जा सकता है।

कौवों की कमी, कबूतर उठा रहे लाभ
श्राद्ध में कौवों को भोजन कराना पितरों की शांति का प्रतीक माना जाता है परंतु इन दिनों उनकी संख्या घटने से छतों पर अर्पित भोजन कबूतर और अन्य पक्षी खा रहे हैं। श्राद्ध में कौवों को हलवा, पूरी और खीर खिला कर लोग अपने पितरों को खुश करते हैं। हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष के श्राद्धों में कौवों को खिलाए जाने वाले भोजन से पितरों की शांति होती है।
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