बैंकों के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन
जिले के सरकारी बैंक कर्मचारियों ने बैंकों के हो रहे निजीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों ने मुख्यालय पर एकत्रित होकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। हड़ताल में पीएनबी, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, एसबीआई, कार्पोरेशन, ओबीसी, बैंक ऑफ महाराष्ट्रा, यूको बैंक सहित अन्य सरकारी बैंक कर्मचारियों केडी सैणी, बीडी शर्मा, राज कुमार, आरके शर्मा, राजेश शर्मा, बीएल, शमशेर सिंह, रोहित, सुरेश धीमान, नरेश शर्मा, शिवाजी, जसवीर सिंह, रणवीर वर्मा, सुभाष चंद, संजीव कुमार, रवि, सुनील, सुभाष, आशुतोष, जोगिंद्र, जरनैल, चंचल, हिमांशु, अंजनी शर्मा, सतपाल सिंह, संतोष कुमार सिंह, विक्रांत शर्मा, सर्वजीत सिंह आदि ने भाग लिया।
इस अवसर पर यूएफवीयू के जिला समन्वयक उमेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते देश भर में करीब 10 लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बैंकों का निजीकरण करने पर उतारू हैं। लोन के डिफाल्टरों के लिए भी सरकार कड़े नियम बनाए। कर्मचारी नेता मुकेश दुरेजा ने कहा कि केंद्र सरकार जनविरोधी बैंक सुधारो के नाम पर बैंकों का विलय किया जा रहा है, जो निंदनीय है। कर्मचारियों ने कहा कि यदि सरकार बैंकों का निजीकरण करती है तो यह आंदोलन भविष्य में उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।