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Una News: सीड ड्रिल से मक्की की बिजाई करना हुआ महंगा

Wed, 06 May 2026 12:42 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Wed, 06 May 2026 12:42 AM IST
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Sowing maize with seed drills has become expensive.
चकसराय (ऊना)। इन दिनों किसान मक्की की बिजाई में व्यस्त नजर आ रहे हैं। देर रात हुई बारिश के चलते किसानों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है। खेतों में बनी पर्याप्त नमी के कारण किसान ट्रैक्टर और सीड ड्रिल मशीन के साथ तेजी से मक्की की बुआई करते दिखाई दे रहे हैं। सीड ड्रिल से मक्की की बिजाई करना इस बार महंगा हो गया है। ट्रैक्टर मालिक बलवान सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष ड्रिल मशीन की बुआई का रेट 18 रुपये प्रति मिनट था लेकिन बढ़ती महंगाई के चलते इस साल इसे बढ़ाकर 20 रुपये प्रति मिनट करना पड़ा है, जो करीब 1200 रुपये प्रति घंटे बनता है। डीजल, मशीनों के रखरखाव और अन्य खर्चों में वृद्धि के कारण यह बढ़ोतरी जरूरी हो गई है।
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स्थानीय किसान लक्की कुमार ने बताया कि इस बार मक्की की बिजाई करना पिछले साल के मुकाबले महंगा जरूर हुआ है लेकिन समय पर हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि अगर बारिश समय पर नहीं होती तो किसानों को पहले खेतों में सिंचाई करनी पड़ती, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते लेकिन इस बार बारिश के कारण किसानों को सिंचाई से छुटकारा मिल गया, जिससे उनके समय की बचत हुई है।
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उन्होंने बताया कि मक्की की फसल अगस्त माह तक तैयार हो जाएगी। इसके बाद सितंबर महीने के पहले सप्ताह में इन्हीं खेतों में आलू की बिजाई की जाएगी। लक्की कुमार ने यह भी कहा कि वे एक साल में तीन फसलों की पैदावार लेकर अपनी आय बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। किसान गुरमेल सिंह का कहना है कि महंगाई के कारण खेती की लागत बढ़ी है लेकिन समय पर हुई बारिश ने काफी हद तक राहत दी है। इससे बीज का अंकुरण अच्छा होता है और फसल की पैदावार भी बेहतर रहती है। इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है।
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किसान मोहन सिंह ने कहा कि सीड ड्रिल मशीन से काम तेजी से हो रहा है, जिससे मजदूरी का खर्च कम लगता है। हालांकि रेट बढ़ा है लेकिन समय की बचत और सही बुआई के कारण यह फायदेमंद है। अगर मौसम आगे भी अनुकूल रहा, तो किसानों को अच्छा उत्पादन मिलेगा।
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