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साबुन में पशु चर्बी का प्रयोग लोगों से धोखा
ब्यूरो/ अमर उजाला, ऊना
Updated Sat, 06 Feb 2016 07:34 PM IST
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मैहतपुर (ऊना)। कपड़े धोने के साबुन में पशु चर्बी के प्रयोग को लेकर ब्राह्मण-क्षत्रिय संयुक्त मंच ने कड़ा विरोध दर्ज करवाते हुए इस धंधे में लगे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
शुक्रवार को जारी एक बयान में ब्राह्मण/क्षत्रिय संयुक्त मंच के पदाधिकारियों में मंच के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर सर्वजीत सिंह, महासचिव पंडित शिवकिशोर वासुदेव, ब्राह्मण सभा के प्रदेशाध्यक्ष पंडित आरडी कौशिक, दयानंद सारस्वत, प्रभात कुमार, कैप्टन सतदेव सिंह, ठाकुर सीता राम समेत अनेक अन्य लोगों ने कहा कि साबुन बनाने वाले सभी कारखानों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और गाय समेत अन्य पशुओं की चर्बी से साबुन तैयार करने वाले कारखानेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। मंच के ओहदेदारों का कहना है कि साबुन बनाने में प्रयोग होने वाले कच्चे माल में तेल का इस्तेमाल होता है, लेकिन इस धंधे में संलिप्त बड़े बड़े कारोबारी तेल की जगह सस्ते दामों पर मुहैया होने वाले पशु चर्बी का प्रयोग करके न केवल उपभोक्ताओं से धोखा कर रहे हैं, बल्कि हिंदू भावनाओं की आस्था पर सीधा हमला बोल रहे हैं।
दोनों सभाओं के संयुक्त मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों सभाएं गौरक्षा दल के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में जितने में साबुन तैयार करने वाले कारखाने हैं, उनकी जांच होना लाजिमी है। हाल ही में गौरक्षा दल ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर साबुन में पशु चर्बी के इस्तेमाल के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। ब्राह्मण-क्षत्रिय संयुक्त मंच भी गौरक्षा दल के साथ इस मुद्दे पर आ खड़ा हुआ है। संयुक्त मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि आबकारी एवं कराधान के जिस नाके पर पशु चर्बी का कैंटर दाखिल हुआ था, उनके बिलों में पशु चर्बी सप्लाई होने की बात स्पष्ट शब्दों में अंकित है। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि यह हिंदुओं की भावनाओं से सरेआम खिलवाड़ का मामला है। मंच इस मुद्दे को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के संज्ञान में भी लाएगा।
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शुक्रवार को जारी एक बयान में ब्राह्मण/क्षत्रिय संयुक्त मंच के पदाधिकारियों में मंच के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर सर्वजीत सिंह, महासचिव पंडित शिवकिशोर वासुदेव, ब्राह्मण सभा के प्रदेशाध्यक्ष पंडित आरडी कौशिक, दयानंद सारस्वत, प्रभात कुमार, कैप्टन सतदेव सिंह, ठाकुर सीता राम समेत अनेक अन्य लोगों ने कहा कि साबुन बनाने वाले सभी कारखानों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और गाय समेत अन्य पशुओं की चर्बी से साबुन तैयार करने वाले कारखानेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। मंच के ओहदेदारों का कहना है कि साबुन बनाने में प्रयोग होने वाले कच्चे माल में तेल का इस्तेमाल होता है, लेकिन इस धंधे में संलिप्त बड़े बड़े कारोबारी तेल की जगह सस्ते दामों पर मुहैया होने वाले पशु चर्बी का प्रयोग करके न केवल उपभोक्ताओं से धोखा कर रहे हैं, बल्कि हिंदू भावनाओं की आस्था पर सीधा हमला बोल रहे हैं।
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दोनों सभाओं के संयुक्त मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों सभाएं गौरक्षा दल के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में जितने में साबुन तैयार करने वाले कारखाने हैं, उनकी जांच होना लाजिमी है। हाल ही में गौरक्षा दल ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर साबुन में पशु चर्बी के इस्तेमाल के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। ब्राह्मण-क्षत्रिय संयुक्त मंच भी गौरक्षा दल के साथ इस मुद्दे पर आ खड़ा हुआ है। संयुक्त मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि आबकारी एवं कराधान के जिस नाके पर पशु चर्बी का कैंटर दाखिल हुआ था, उनके बिलों में पशु चर्बी सप्लाई होने की बात स्पष्ट शब्दों में अंकित है। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि यह हिंदुओं की भावनाओं से सरेआम खिलवाड़ का मामला है। मंच इस मुद्दे को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के संज्ञान में भी लाएगा।
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