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Una News: बसाल में जलीं झुग्गियां, दूसरे दिन भी प्रशासन ने नहीं ली सुध
Fri, 12 Apr 2024 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 12 Apr 2024 12:30 AM IST
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पीडि़त परिवार आसपास क्षेत्रों में घर-घर जाकर भोजन मांग कर रहे गुजारा
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। बुधवार शाम गांव बसाल में आग लगने से 20 झुग्गियां जलने के बाद पीड़ित परिवारों की मदद के लिए प्रशासन की तरफ से दूसरे दिन भी कोई कदम नहीं उठाए गए। आग के कारण कई परिवारों का सब कुछ जल चुका है। आलम यह है कि छोटे-छोटे बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। इन परिवारों की प्रशासन ने अभी तक कोई भी सुध नहीं ली। यहां तक की पीड़ितों ने बताया कि ग्राम पंचायत प्रधान भी मौका देखने अभी तक नहीं पहुंचे, न ही किसी ने कोई मदद दी है।
पीड़ित बिहारी महतो पुत्र चौधरी महतो ने अपनी बेटी की शादी रखी हुई है। आग लगने के कारण शादी का सामान और 8000 रुपये भी जल गए। घटनास्थल पर प्रवासी वीरवार को भी सारा दिन अपनी झुग्गियों के पास जले हुए बर्तनों में अपना भविष्य ढूंढ रहे हैं। एक बच्चे की बाजू आग से जली है। जानकारी के अनुसार यह झुग्गियां सरकारी जमीन पर ही डाली गई हैं। पीड़ितों ने बताया कि वे लगभग 15 वर्षों से यहां पर रह रहे हैं। मजदूरी करके अपना पेट पालते हैं। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है। हमारी प्रशासन से अपील है कि मदद करें, ताकि हम दोबारा अपनी मजदूरी पर जा सकें। उधर, एडीएम महेंद्र पाल गुर्जर का कहना है कि एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद प्रदान की जाए। सचित्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। बुधवार शाम गांव बसाल में आग लगने से 20 झुग्गियां जलने के बाद पीड़ित परिवारों की मदद के लिए प्रशासन की तरफ से दूसरे दिन भी कोई कदम नहीं उठाए गए। आग के कारण कई परिवारों का सब कुछ जल चुका है। आलम यह है कि छोटे-छोटे बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। इन परिवारों की प्रशासन ने अभी तक कोई भी सुध नहीं ली। यहां तक की पीड़ितों ने बताया कि ग्राम पंचायत प्रधान भी मौका देखने अभी तक नहीं पहुंचे, न ही किसी ने कोई मदद दी है।
पीड़ित बिहारी महतो पुत्र चौधरी महतो ने अपनी बेटी की शादी रखी हुई है। आग लगने के कारण शादी का सामान और 8000 रुपये भी जल गए। घटनास्थल पर प्रवासी वीरवार को भी सारा दिन अपनी झुग्गियों के पास जले हुए बर्तनों में अपना भविष्य ढूंढ रहे हैं। एक बच्चे की बाजू आग से जली है। जानकारी के अनुसार यह झुग्गियां सरकारी जमीन पर ही डाली गई हैं। पीड़ितों ने बताया कि वे लगभग 15 वर्षों से यहां पर रह रहे हैं। मजदूरी करके अपना पेट पालते हैं। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है। हमारी प्रशासन से अपील है कि मदद करें, ताकि हम दोबारा अपनी मजदूरी पर जा सकें। उधर, एडीएम महेंद्र पाल गुर्जर का कहना है कि एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद प्रदान की जाए। सचित्र
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