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चिंतपूर्णी सावन अष्टमी का मेला शांतिपूर्वक संपन्न
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भरवाईं (ऊना)। शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में श्रावण अष्टमी मेले सोमवार को संपन्न हो गए। इस बार मेले में बीते सालों के मुबाबले भीड़ देखने को नहीं मिली। सरकार की बंदिशें और बार्डर पर सख्ती के चलते चिंतपूर्णी श्रावण अष्टमी मेले में उम्मीद से बेहद कम श्रद्धालु पहुंचे।
इस बार श्रावण अष्टमी मेले में करीब सवा लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई है। मां के दर आने वाले श्रद्धालुओं में ज्यादा संख्या पंजाब से रही। पूरे मेले में श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें एक भी दिन भी देखने को नहीं मिली। इस कारण मां के भक्तों को चंद मिनटों में ही माता रानी के दर्शन हो गए। मंदिर प्रशासन ने मेले को लेकर पुख्ता प्रबंध किए थे, लेकिन भीड़ के कम होने के कारण यह प्रबंध धरे के धरे रह गए। एडीसी ऊना और मेला अधिकारी डॉ. अमित शर्मा ने चिंतपूर्णी में चल रहे श्रावण अष्टमी मेले के दौरान व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने चिंतपूर्णी सदन में श्रद्धालुओं को दी जाने वाले व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। साथ ही बाजार का भी निरीक्षण किया।
मेला अधिकारी अमित शर्मा चिंतपूर्णी में छोटे बच्चों के भीख मांगने को लेकर भी काफी गंभीर दिखे। उन्होंने कहा छोटे बच्चों का भीख मांगने का काम चिंतनीय है। इसे लेकर कोई ठोस कदम उठाना पड़ेगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर उन्होंने कहा कि कोरोना बंदिशों के कारण इस मेले में उम्मीद के मुताबिक श्रद्धालु मां के दरबार नहीं पहुंचे। इस कारण मेला शांतिपूर्वक ढंग से सपन्न हो गया।
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प्रशासनिक अधिकारियों को भी व्यवस्था बनाने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था बनाने में पूरा सहयोग दिया। मेले में लंगर पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। हिमाचल एंट्री के लिए सरकार के बॉर्डर पर सख्ती करने के आदेश जारी किए थे। इस वजह से श्रद्धालु मां के दर कम पहुंचे हैं।
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इस बार श्रावण अष्टमी मेले में करीब सवा लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई है। मां के दर आने वाले श्रद्धालुओं में ज्यादा संख्या पंजाब से रही। पूरे मेले में श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें एक भी दिन भी देखने को नहीं मिली। इस कारण मां के भक्तों को चंद मिनटों में ही माता रानी के दर्शन हो गए। मंदिर प्रशासन ने मेले को लेकर पुख्ता प्रबंध किए थे, लेकिन भीड़ के कम होने के कारण यह प्रबंध धरे के धरे रह गए। एडीसी ऊना और मेला अधिकारी डॉ. अमित शर्मा ने चिंतपूर्णी में चल रहे श्रावण अष्टमी मेले के दौरान व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने चिंतपूर्णी सदन में श्रद्धालुओं को दी जाने वाले व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। साथ ही बाजार का भी निरीक्षण किया।
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मेला अधिकारी अमित शर्मा चिंतपूर्णी में छोटे बच्चों के भीख मांगने को लेकर भी काफी गंभीर दिखे। उन्होंने कहा छोटे बच्चों का भीख मांगने का काम चिंतनीय है। इसे लेकर कोई ठोस कदम उठाना पड़ेगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर उन्होंने कहा कि कोरोना बंदिशों के कारण इस मेले में उम्मीद के मुताबिक श्रद्धालु मां के दरबार नहीं पहुंचे। इस कारण मेला शांतिपूर्वक ढंग से सपन्न हो गया।
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प्रशासनिक अधिकारियों को भी व्यवस्था बनाने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था बनाने में पूरा सहयोग दिया। मेले में लंगर पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। हिमाचल एंट्री के लिए सरकार के बॉर्डर पर सख्ती करने के आदेश जारी किए थे। इस वजह से श्रद्धालु मां के दर कम पहुंचे हैं।