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किराया माफी के लिए धरने पर बैठे दुकानदार
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ऊना में हड़ताल करते बस स्टैंड के दुकानदार। संवाद
- फोटो : Una
ऊना। किराया माफी के लिए दुकानें बंद कर धरना पर बैठे आईएसबीटी के दुकानदारों के समर्थन में प्रदेश व्यापार मंडल और टैक्सी यूनियन भी आगे आई है। दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने बुधवार को आईएसबीटी पहुंचकर धरने में बैठे दुकानदारों को अपना समर्थन दिया। इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष सुमेश कुमार शर्मा ने दो टूक कहा कि बस अड्डे के दुकानदारों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। अनदेेखी पर उन्होंने बाजार तक बंद करने की चेतावनी दी।
इस बीच, बुधवार को आईएसबीटी के दुकानदार एसडीएम सदर डा. निधि पटेल से मिले और उन्हें स्थिति से अवगत करवाकर ज्ञापन सौंपा। दुकानदारों ने किराया कम करने की मांग उठाई। हड़ताल में बैठे दुकानदारों को समर्थन देने पहुंचे प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुमेश कुमार शर्मा ने बताया कि दुकानदारों की अनदेखी की जा रही है। अभी तक वार्ता करने के लिए कोई नहीं पहुंचा है। कंपनी प्रबंधन ने जिस तरह के लोक लुभावनी चीजें बताई थी, उसके मुताबिक वर्तमान में कुछ नहीं हो रहा है।
एक हजार बसें, रोजाना 35 से 40 हजार लोगों की आवाजाही को लेकर कहा गया था, लेकिन वर्तमान की स्थिति सबके सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिनता गुणा कम लोग व बसें वर्तमान में आईएसबीटी पहुंच रही है, उतना गुणा किराया कम कर दिया जाए।
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दुकानदार ईशान ओहरी ने बताया कि वर्तमान में धंधा पूरी तरह से ठप है। ऐसे में मजबूर होकर दुकानों में ताले लगाकर धरने पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी प्रबंधन दुकानदारों को राहत प्रदान करें। वहीं, ट्रांसपोर्टर विशाल सिंह ने बताया कि आईएसबीटी में चालकों व परिचालकों को ठहरने की सुविधा तक नहीं है।
कंपनी दो साल से कुछ नहीं कर पाई है। ट्रांसपोर्टरों को भी दिक्क्तें पेश आ रही हैं। इस संबंध में एसडीएम सदर डा. निधि पटेल ने बताया कि दोनों पक्षों को वीरवार को बुलाया गया है। बातचीत कर मसला हल करने का प्रयास किया जाएगा।
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इस बीच, बुधवार को आईएसबीटी के दुकानदार एसडीएम सदर डा. निधि पटेल से मिले और उन्हें स्थिति से अवगत करवाकर ज्ञापन सौंपा। दुकानदारों ने किराया कम करने की मांग उठाई। हड़ताल में बैठे दुकानदारों को समर्थन देने पहुंचे प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुमेश कुमार शर्मा ने बताया कि दुकानदारों की अनदेखी की जा रही है। अभी तक वार्ता करने के लिए कोई नहीं पहुंचा है। कंपनी प्रबंधन ने जिस तरह के लोक लुभावनी चीजें बताई थी, उसके मुताबिक वर्तमान में कुछ नहीं हो रहा है।
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एक हजार बसें, रोजाना 35 से 40 हजार लोगों की आवाजाही को लेकर कहा गया था, लेकिन वर्तमान की स्थिति सबके सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिनता गुणा कम लोग व बसें वर्तमान में आईएसबीटी पहुंच रही है, उतना गुणा किराया कम कर दिया जाए।
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दुकानदार ईशान ओहरी ने बताया कि वर्तमान में धंधा पूरी तरह से ठप है। ऐसे में मजबूर होकर दुकानों में ताले लगाकर धरने पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी प्रबंधन दुकानदारों को राहत प्रदान करें। वहीं, ट्रांसपोर्टर विशाल सिंह ने बताया कि आईएसबीटी में चालकों व परिचालकों को ठहरने की सुविधा तक नहीं है।
कंपनी दो साल से कुछ नहीं कर पाई है। ट्रांसपोर्टरों को भी दिक्क्तें पेश आ रही हैं। इस संबंध में एसडीएम सदर डा. निधि पटेल ने बताया कि दोनों पक्षों को वीरवार को बुलाया गया है। बातचीत कर मसला हल करने का प्रयास किया जाएगा।