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Una News: बैंक खाता आधार से सीड न करवाने पर दो साल से छात्रवृत्ति योजना लटकी
Tue, 18 Jun 2024 01:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 18 Jun 2024 01:25 AM IST
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हजारों पात्र विद्यार्थी योजना का लाभ मिलने से हैं वंचित
शिक्षा विभाग ने सभी कुलपति और उपनिदेशक को दिए निर्देश
जसवीर ठाकुर
ऊना। हिमाचल प्रदेश में पिछले दो सालों से अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने से हजारों विद्यार्थी वंचित रह गए हैं। योजना की राशि दो वर्ष से लटकी हुई है। इसके चलते इस योजना के तहत प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के पात्र विद्यार्थियों को लाभ नहीं मिला है। इसके पीछे मुख्य कारण इस योजना के तहत विद्यार्थियों के बैंक खाता आधार नंबर से सीड नहीं किए गए हैं, जिसके चलते इस योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि का पैसा विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर नहीं हो पाया है।
शिक्षा विभाग ने इस संदर्भ में समस्त कुलपति से लेकर सभी शिक्षा उपनिदेशक, प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक और निजी शैक्षणिक संस्थानों को पत्र जारी करके वस्तु स्थिति से अवगत करवा दिया है। बता दें कि शैक्षिक वर्ष 2022-23 और 2023-24 में केंद्र और राज्य प्रायोजित प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति जारी करने के लिए विद्यार्थियों के बचत बैंक खाते के साथ आधार को सीड करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में ऐसे 14,275 विद्यार्थी पाए गए हैं, जिनके बचत बैंक खाता के साथ आधार को सीड नहीं किया गया है। विद्यार्थियों के बैंक खाता आधार नंबर से सीड न होने के चलते विभाग द्वारा छात्रवृत्ति जारी नहीं की गई है। इसमें प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 19,813 विद्यार्थियों के आवेदन छात्रवृत्ति के लिए वेरीफाई किए गए थे। जिनमें से 15,711 को छात्रवृत्ति की राशि जारी कर दी गई है। जबकि 4102 को बैंक आधार नंबर से सीड न करने की सूरत में राशि जारी नहीं की गई है।
इसी तरह से वर्ष 2023-24 में 19455 विद्यार्थी वेरीफाई किए गए थे, जिनमें से 14,855 को छात्रवृत्ति जारी कर दी गई है, जबकि 4668 को छात्रवृत्ति जारी नहीं की गई है। इसी तरह से पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत 2022-23 में 23,450 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए वेरीफाई किया गया। इनमें से 20,742 को छात्रवृत्ति जारी की गई है। 2708 को छात्रवृत्ति जारी नहीं की गई है। इसी तरह से 2023-24 में 23,435 विद्यार्थी वेरीफाई किए गए हैं, जिनमें से 20,638 को छात्रवृत्ति जारी की गई है, जबकि 2797 बच्चों को बैंक खाता आधार नंबर से सीड न किए जाने की सूरत में राशि जारी नहीं की गई है।
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स्कूल मुखियों को सहयोग करने के निर्देश
शिक्षा विभाग उच्चतर उपनिदेशक ऊना राजेंद्र कौशल का कहना है कि इस योजना के तहत विद्यार्थियों के बैंक आधार नंबर से सीड न करने की सूरत में छात्रवृत्ति की राशि पिछले दो साल से रुक गई है। सभी स्कूल मुखियों को परिजनों से बातचीत कर बैंक खाते को आधार नंबर से सीड करवाने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
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शिक्षा विभाग ने सभी कुलपति और उपनिदेशक को दिए निर्देश
जसवीर ठाकुर
ऊना। हिमाचल प्रदेश में पिछले दो सालों से अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने से हजारों विद्यार्थी वंचित रह गए हैं। योजना की राशि दो वर्ष से लटकी हुई है। इसके चलते इस योजना के तहत प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के पात्र विद्यार्थियों को लाभ नहीं मिला है। इसके पीछे मुख्य कारण इस योजना के तहत विद्यार्थियों के बैंक खाता आधार नंबर से सीड नहीं किए गए हैं, जिसके चलते इस योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि का पैसा विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर नहीं हो पाया है।
शिक्षा विभाग ने इस संदर्भ में समस्त कुलपति से लेकर सभी शिक्षा उपनिदेशक, प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक और निजी शैक्षणिक संस्थानों को पत्र जारी करके वस्तु स्थिति से अवगत करवा दिया है। बता दें कि शैक्षिक वर्ष 2022-23 और 2023-24 में केंद्र और राज्य प्रायोजित प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति जारी करने के लिए विद्यार्थियों के बचत बैंक खाते के साथ आधार को सीड करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में ऐसे 14,275 विद्यार्थी पाए गए हैं, जिनके बचत बैंक खाता के साथ आधार को सीड नहीं किया गया है। विद्यार्थियों के बैंक खाता आधार नंबर से सीड न होने के चलते विभाग द्वारा छात्रवृत्ति जारी नहीं की गई है। इसमें प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 19,813 विद्यार्थियों के आवेदन छात्रवृत्ति के लिए वेरीफाई किए गए थे। जिनमें से 15,711 को छात्रवृत्ति की राशि जारी कर दी गई है। जबकि 4102 को बैंक आधार नंबर से सीड न करने की सूरत में राशि जारी नहीं की गई है।
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इसी तरह से वर्ष 2023-24 में 19455 विद्यार्थी वेरीफाई किए गए थे, जिनमें से 14,855 को छात्रवृत्ति जारी कर दी गई है, जबकि 4668 को छात्रवृत्ति जारी नहीं की गई है। इसी तरह से पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत 2022-23 में 23,450 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए वेरीफाई किया गया। इनमें से 20,742 को छात्रवृत्ति जारी की गई है। 2708 को छात्रवृत्ति जारी नहीं की गई है। इसी तरह से 2023-24 में 23,435 विद्यार्थी वेरीफाई किए गए हैं, जिनमें से 20,638 को छात्रवृत्ति जारी की गई है, जबकि 2797 बच्चों को बैंक खाता आधार नंबर से सीड न किए जाने की सूरत में राशि जारी नहीं की गई है।
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स्कूल मुखियों को सहयोग करने के निर्देश
शिक्षा विभाग उच्चतर उपनिदेशक ऊना राजेंद्र कौशल का कहना है कि इस योजना के तहत विद्यार्थियों के बैंक आधार नंबर से सीड न करने की सूरत में छात्रवृत्ति की राशि पिछले दो साल से रुक गई है। सभी स्कूल मुखियों को परिजनों से बातचीत कर बैंक खाते को आधार नंबर से सीड करवाने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।