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Una News: रीता कुमारी बनी मेहनत, आत्मनिर्भरता और हिम्मत की मिसाल
Mon, 08 Dec 2025 06:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 08 Dec 2025 06:17 AM IST
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रीता कुमारी
बड़ूही(ऊना)। आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। वहीं तलमेहड़ा की 30 वर्षीय रीता कुमारी भी अपनी मेहनत और जज्बे से एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश कर रही हैं। जोल की रहने वाली रीता की शादी तलमेहड़ा में हुई है। बचपन से ही अपने पैरों पर खड़े होने का सपना रखने वाली रीता ने ग्रेजुएशन के बाद अपना कॅरिअर आधार कार्ड सेवा केंद्र से शुरू किया। उन्होंने बाकायदा प्रशिक्षण लेकर करीब आठ वर्षों तक आधार कार्ड बनाने संबंधित कार्य किए। इसी दौरान उन्होंने तकनीक और लोगों से संवाद करने का अच्छा अनुभव हासिल किया। साल 2021 में रीता की शादी हुई। उनके पति पंजाब में प्राइवेट नौकरी करते हैं। शादी के बाद भी रीता ने काम जारी रखा और आगे चलकर अपना कुछ करने की इच्छा और मजबूत हो गई। करीब एक साल पहले पति व घरवालों के सहयोग से उन्होंने चौकीमन्यार में कपड़ों की दुकान शुरू की, जो आज उनकी पहचान बन चुकी है। अपने काम और लगन के दम पर रीता आज 15 से 20 हजार रुपये तक की मासिक कमाई कर रही हैं। वह बताती हैं कि व्यस्तता कभी–कभी ज्यादा रहती है लेकिन अपने पैरों पर खड़े होने की खुशी सारी थकान मिटा देती है। रीता के चाचा की बेटी भी दुकान पर हाथ बंटाती है ताकि काम और सुचारु रूप से चल सके। छुट्टी वाले दिनों में उनके पति भी दुकान पर आकर पूरा सहयोग देते हैं। परिवार का यह समर्थन रीता के व्यवसाय को लगातार मजबूत कर रहा है।
रीता कहती हैं कि शुरू से ही आत्मनिर्भर बनना उनकी पहली प्राथमिकता रही। पहले आधार केंद्र में काम और अब खुद की दुकान दोनों ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। आज वह न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं कि यदि हिम्मत और विश्वास हो, तो कोई भी रास्ता मुश्किल नहीं। रीता कुमारी की यह यात्रा साबित करती है कि मेहनत, सपनों और परिवार के समर्थन से हर महिला अपनी पहचान खुद बना सकती है।
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रीता कहती हैं कि शुरू से ही आत्मनिर्भर बनना उनकी पहली प्राथमिकता रही। पहले आधार केंद्र में काम और अब खुद की दुकान दोनों ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। आज वह न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं कि यदि हिम्मत और विश्वास हो, तो कोई भी रास्ता मुश्किल नहीं। रीता कुमारी की यह यात्रा साबित करती है कि मेहनत, सपनों और परिवार के समर्थन से हर महिला अपनी पहचान खुद बना सकती है।
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