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Una News: क्षेत्रीय अस्पताल में 10 रुपये शुल्क लेने के बाद नहीं दी जा रही रसीद
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रसीद के अलावा पर्ची पर भी शुल्क नहीं किया जा रहा अंकित
अस्पताल प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर खड़े हो रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में ओपीडी पर्ची शुल्क के तौर पर प्रति पर्ची 10 रुपये वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस शुल्क की न तो कोई रसीद दी जा रही है और न ही पर्ची पर इसका उल्लेख किया जा रहा है। इससे अस्पताल प्रबंधन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिले के विभिन्न हिस्सों से हर रोज 600 से 700 मरीज उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचते हैं। इसके अलावा आपातकालीन मरीज भी यहां आते हैं। रोगी कल्याण समिति ने हाल ही में प्रति ओपीडी पर्ची 10 रुपये शुल्क लेना शुरू किया है। वरिष्ठ नागरिक फोरम ऊना के पैटर्न डीडी वशिष्ठ ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि पीजीआई चंडीगढ़ में भी पर्ची शुल्क लिया जाता है, लेकिन वहां पर्ची पर शुल्क अंकित किया जाता है जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहती है। ऊना अस्पताल प्रबंधन को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए और जल्द सुधार करना चाहिए ताकि किसी तरह के सवाल खड़े न हों। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक फोरम की आगामी बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के अन्य अस्पतालों में भी यदि ऐसी ही व्यवस्था लागू है तो वहां भी इसमें सुधार की जरूरत है।
यह मामला मेरे ध्यान में आया है। इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन को उचित दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इस समस्या का जल्द ही कोई हल निकाला जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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जतिन लाल, उपायुक्त ऊना एवं अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना
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अस्पताल प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर खड़े हो रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में ओपीडी पर्ची शुल्क के तौर पर प्रति पर्ची 10 रुपये वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस शुल्क की न तो कोई रसीद दी जा रही है और न ही पर्ची पर इसका उल्लेख किया जा रहा है। इससे अस्पताल प्रबंधन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिले के विभिन्न हिस्सों से हर रोज 600 से 700 मरीज उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचते हैं। इसके अलावा आपातकालीन मरीज भी यहां आते हैं। रोगी कल्याण समिति ने हाल ही में प्रति ओपीडी पर्ची 10 रुपये शुल्क लेना शुरू किया है। वरिष्ठ नागरिक फोरम ऊना के पैटर्न डीडी वशिष्ठ ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि पीजीआई चंडीगढ़ में भी पर्ची शुल्क लिया जाता है, लेकिन वहां पर्ची पर शुल्क अंकित किया जाता है जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहती है। ऊना अस्पताल प्रबंधन को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए और जल्द सुधार करना चाहिए ताकि किसी तरह के सवाल खड़े न हों। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक फोरम की आगामी बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के अन्य अस्पतालों में भी यदि ऐसी ही व्यवस्था लागू है तो वहां भी इसमें सुधार की जरूरत है।
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यह मामला मेरे ध्यान में आया है। इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन को उचित दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इस समस्या का जल्द ही कोई हल निकाला जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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जतिन लाल, उपायुक्त ऊना एवं अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना