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टीसीपी के खिलाफ ग्रामसभा की बैठक में एकजुट होकर उठाए आवाज : सत्ती
Wed, 02 Oct 2024 08:05 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 02 Oct 2024 08:05 AM IST
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ऊना। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने बुधवार को जिला भर की ग्राम पंचायतों में होने वाली विशेष ग्राम सभा की बैठक को लेकर ग्रामीणों से एकजुट होने की अपील की है। उनका यह आह्वान प्रदेश सरकार के कई ग्राम पंचायतों को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) में शामिल करने के विरोध में है।
सत्ती ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अन्यायपूर्ण निर्णय लेकर 40 ग्राम पंचायतों को टीसीपी में शामिल किया है। इससे ग्रामीणों पर महंगाई के दौर में आर्थिक बोझ लादने का काम किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपनी पंचायत की विशेष ग्राम सभा में एकजुट होकर पहुंचे और अपने पंचायत प्रधानों के माध्यम से प्रस्ताव पारित करते सरकार के इस फैसले का विरोध करें।
विधायक ने कहा कि कई गांव ऐसे हैं जो न केवल शहर से दूर हैं, बल्कि किसी भी नेशनल या स्टेट हाईवे से भी नहीं जुड़े हैं। ऐसे गांवों को विकास के नाम पर टीपीसी में डालकर वहां के लोगों की मुसीबत को और बढ़ा दिया गया है। सरकार का यह फैसला न्याय संगत नहीं है। इसका हर मंच पर विरोध किया जाएगा।
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सत्ती ने कहा कि ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में इस मुद्दे पर विशेष प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य 5 अक्तूबर को इस मसले को सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से उठाना है, ताकि सरकार को इस फैसले को वापस लेने पर मजबूर किया जा सके।
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सत्ती ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अन्यायपूर्ण निर्णय लेकर 40 ग्राम पंचायतों को टीसीपी में शामिल किया है। इससे ग्रामीणों पर महंगाई के दौर में आर्थिक बोझ लादने का काम किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपनी पंचायत की विशेष ग्राम सभा में एकजुट होकर पहुंचे और अपने पंचायत प्रधानों के माध्यम से प्रस्ताव पारित करते सरकार के इस फैसले का विरोध करें।
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विधायक ने कहा कि कई गांव ऐसे हैं जो न केवल शहर से दूर हैं, बल्कि किसी भी नेशनल या स्टेट हाईवे से भी नहीं जुड़े हैं। ऐसे गांवों को विकास के नाम पर टीपीसी में डालकर वहां के लोगों की मुसीबत को और बढ़ा दिया गया है। सरकार का यह फैसला न्याय संगत नहीं है। इसका हर मंच पर विरोध किया जाएगा।
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सत्ती ने कहा कि ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में इस मुद्दे पर विशेष प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य 5 अक्तूबर को इस मसले को सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से उठाना है, ताकि सरकार को इस फैसले को वापस लेने पर मजबूर किया जा सके।