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Una News: आलू की बिजाई फिर पकड़ेगी जोर, मौसम का डर बरकरार
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किसानों ने जोखिम उठाकर बिजाई शुरू करने का लिया फैसला
जमीन में अत्यधिक नमी के बावजूद बिजाई का दौर शुरू
किसानों ने कहा अब इंतजार करने के लिए समय नहीं बचा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। पिछले ढाई माह में लगातार बदलते मौसम ने किसानों की कैश क्रॉप मानी जाने वाली दो माह वाली आलू की फसल को प्रभावित किया है। कभी दो दिन मौसम साफ रहा तो फिर बारिश ने रोड़ा अटका दिया। इसके बावजूद किसान फसल लगाने के लिए अडिग हैं। कुछ किसानों ने तो बिजाई कर भी दी है, जबकि अन्य अब तैयारी में हैं। रविवार को कुछ स्थानों पर बारिश हुई और कुछ जगह मौसम ठीक रहा। जिन किसानों ने बीज खरीद लिया है, उनके लिए बीज का रखरखाव चुनौती बन गया है। कई किसानों ने बीज को आसपास के कोल्ड स्टोर में रख दिया है।
जानकारी के अनुसार ऊना जिले में करीब 2000 हेक्टेयर क्षेत्र में दो माह वाली आलू की फसल तैयार होती है। इस बार खराब मौसम के कारण बिजाई क्षेत्र आधे से भी कम रहने की संभावना है। सामान्यतः अगस्त के अंत और सितंबर की शुरुआत में बिजाई होती है, लेकिन इस बार एक सप्ताह की देरी हो चुकी है।
रेतीली भूमि वाले खेतों में बारिश के दूसरे या तीसरे दिन बिजाई संभव है, जबकि चिकनी या सघन मिट्टी वाले खेतों में पांच से सात दिन इंतजार करना पड़ेगा। यदि बीच में फिर बारिश हुई तो बिजाई करना मुश्किल हो जाएगा।
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किसान रविंद्र कुमार, विनोद कुमार, देसराज, अमित कुमार, प्रेम चंद और तरसेम लाल का कहना है कि अब आलू की बिजाई के लिए अधिक इंतजार करना उचित नहीं है। अब या तो जोखिम उठाना होगा या बिजाई न करने का फैसला लेना होगा। कुछ दिन और काटते रहने से फसल की पैदावार और दाम पर असर पड़ेगा। इसी वजह से गेहूं की बिजाई भी देरी से हो पाएगी।
कृषि विभाग की राय
उपनिदेशक कृषि विभाग कुलभूषण धीमान के अनुसार सितंबर के शुरुआती दिन भी आलू की बिजाई के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। वर्तमान में भूमि की नमी बिजाई लायक नहीं है, इसलिए कुछ दिन मौसम साफ होने का इंतजार करना चाहिए।
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जमीन में अत्यधिक नमी के बावजूद बिजाई का दौर शुरू
किसानों ने कहा अब इंतजार करने के लिए समय नहीं बचा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। पिछले ढाई माह में लगातार बदलते मौसम ने किसानों की कैश क्रॉप मानी जाने वाली दो माह वाली आलू की फसल को प्रभावित किया है। कभी दो दिन मौसम साफ रहा तो फिर बारिश ने रोड़ा अटका दिया। इसके बावजूद किसान फसल लगाने के लिए अडिग हैं। कुछ किसानों ने तो बिजाई कर भी दी है, जबकि अन्य अब तैयारी में हैं। रविवार को कुछ स्थानों पर बारिश हुई और कुछ जगह मौसम ठीक रहा। जिन किसानों ने बीज खरीद लिया है, उनके लिए बीज का रखरखाव चुनौती बन गया है। कई किसानों ने बीज को आसपास के कोल्ड स्टोर में रख दिया है।
जानकारी के अनुसार ऊना जिले में करीब 2000 हेक्टेयर क्षेत्र में दो माह वाली आलू की फसल तैयार होती है। इस बार खराब मौसम के कारण बिजाई क्षेत्र आधे से भी कम रहने की संभावना है। सामान्यतः अगस्त के अंत और सितंबर की शुरुआत में बिजाई होती है, लेकिन इस बार एक सप्ताह की देरी हो चुकी है।
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रेतीली भूमि वाले खेतों में बारिश के दूसरे या तीसरे दिन बिजाई संभव है, जबकि चिकनी या सघन मिट्टी वाले खेतों में पांच से सात दिन इंतजार करना पड़ेगा। यदि बीच में फिर बारिश हुई तो बिजाई करना मुश्किल हो जाएगा।
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किसान रविंद्र कुमार, विनोद कुमार, देसराज, अमित कुमार, प्रेम चंद और तरसेम लाल का कहना है कि अब आलू की बिजाई के लिए अधिक इंतजार करना उचित नहीं है। अब या तो जोखिम उठाना होगा या बिजाई न करने का फैसला लेना होगा। कुछ दिन और काटते रहने से फसल की पैदावार और दाम पर असर पड़ेगा। इसी वजह से गेहूं की बिजाई भी देरी से हो पाएगी।
कृषि विभाग की राय
उपनिदेशक कृषि विभाग कुलभूषण धीमान के अनुसार सितंबर के शुरुआती दिन भी आलू की बिजाई के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। वर्तमान में भूमि की नमी बिजाई लायक नहीं है, इसलिए कुछ दिन मौसम साफ होने का इंतजार करना चाहिए।