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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने खुले में कूड़ा फेंकने पर नगर परिषद को ठोका 11 लाख जुर्माना
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Pollution Control Board fined the city council 11 lakhs for throwing garbage in the open
ऊना। खुले में कूड़ा फेंकने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर परिषद को 11 लाख रुपये जुर्माना किया है। शहर के साथ सटे रामपुर क्षेत्र में खुले में डंपिंग साइट पर कूड़ा फेंकने पर यह कार्रवाई की गई है।
नगर परिषद को खुले में कूड़ा फेंकने पर आने वाले दिनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से नगर परिषद को कई बार खुले में कूड़ा फेंकने को लेकर चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बावजूद नगर परिषद ने खुले में कूड़ा फेंकने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त कार्रवाई करते हुए नगर परिषद को 11 लाख का जुर्माना किया। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर परिषद कूड़े का सही प्रकार से निष्पादन को लेकर को सवाल खड़े किए हैं।
बता दें कि नगर परिषद ने रामपुर क्षेत्र में खुले में पिछले कई माह से कूड़ा फेंका जा रहा है। नगर परिषद की तरफ से मलाहत में कूड़ा संयंत्र प्लांट लाखों रुपये की लागत से स्थापित किया है। इस प्लांट को लेकर मलाहत के ग्रामीण कूड़ा संयंत्र प्लांट का विरोध कर रहे हैं। इस मामले को लेकर अदालत ने कुछ नियमों को पूरा करने के बाद फैसला नगर परिषद के हक में किया है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में कूड़े का प्लांट शुरू करने का विरोध कर रहे हैं।
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दूसरी तरफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मामले में सख्ती दिखाते हुए 11 लाख रुपये जुर्माना किया है। इस मामले पर अब नगर परिषद के लिए भविष्य में परेशानी बढ़ती दिख रही है। एक तरफ नगर परिषद शहर को स्वच्छ रखने के लिए डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना को चलाने के लिए काम कर रही है। वहीं दूसरी तरफ शहर से एकत्रित कूड़े को खुले में फेंक कर नियमों की अवहेलना करते हुए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का कार्य कर रही है।
इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता प्रवीण धीमान ने बताया कि नगर परिषद को कई बार चेतावनी देने के बाद बीते माह 11 लाख रुपये का जुर्माना भरने को लेकर नोटिस भेजा है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। नगर परिषद की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने बताया कि उन्हें नोटिस की जानकारी नहीं है। सरकारी नियमों के अनुसार ही कूड़े का निष्पादन किया जाएगा।
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नगर परिषद को खुले में कूड़ा फेंकने पर आने वाले दिनों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से नगर परिषद को कई बार खुले में कूड़ा फेंकने को लेकर चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बावजूद नगर परिषद ने खुले में कूड़ा फेंकने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त कार्रवाई करते हुए नगर परिषद को 11 लाख का जुर्माना किया। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर परिषद कूड़े का सही प्रकार से निष्पादन को लेकर को सवाल खड़े किए हैं।
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बता दें कि नगर परिषद ने रामपुर क्षेत्र में खुले में पिछले कई माह से कूड़ा फेंका जा रहा है। नगर परिषद की तरफ से मलाहत में कूड़ा संयंत्र प्लांट लाखों रुपये की लागत से स्थापित किया है। इस प्लांट को लेकर मलाहत के ग्रामीण कूड़ा संयंत्र प्लांट का विरोध कर रहे हैं। इस मामले को लेकर अदालत ने कुछ नियमों को पूरा करने के बाद फैसला नगर परिषद के हक में किया है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में कूड़े का प्लांट शुरू करने का विरोध कर रहे हैं।
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दूसरी तरफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मामले में सख्ती दिखाते हुए 11 लाख रुपये जुर्माना किया है। इस मामले पर अब नगर परिषद के लिए भविष्य में परेशानी बढ़ती दिख रही है। एक तरफ नगर परिषद शहर को स्वच्छ रखने के लिए डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना को चलाने के लिए काम कर रही है। वहीं दूसरी तरफ शहर से एकत्रित कूड़े को खुले में फेंक कर नियमों की अवहेलना करते हुए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का कार्य कर रही है।
इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता प्रवीण धीमान ने बताया कि नगर परिषद को कई बार चेतावनी देने के बाद बीते माह 11 लाख रुपये का जुर्माना भरने को लेकर नोटिस भेजा है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। नगर परिषद की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने बताया कि उन्हें नोटिस की जानकारी नहीं है। सरकारी नियमों के अनुसार ही कूड़े का निष्पादन किया जाएगा।