{"_id":"6641323cb4173569b500b856","slug":"political-war-will-intensify-after-nomination-in-gagret-una-news-c-93-1-una1002-123874-2024-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: गगरेट में नामांकन के बाद तेज होगी सियासी जंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: गगरेट में नामांकन के बाद तेज होगी सियासी जंग
Mon, 13 May 2024 02:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 13 May 2024 02:48 AM IST
विज्ञापन
गगरेट(ऊना)। गगरेट उपचुनाव में अब सियासी जंग और तेज होगी। कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार के नामांकन भरने के बाद सियासत में और गर्मी आना तय हैं। 13 मई को कांग्रेस के उम्मीदवार राकेश कालिया अपने लाव लश्कर के साथ नामांकन भरेंगे। वहीं, भाजपा के उम्मीदवार चैतन्य शर्मा 14 मई को अपना नामांकन भरने को तैयार हैं।
अभी तक दोनों ही दलों के उम्मीदवार नुक्कड़ सभाओं के जरिए मतदाताओं से मिलकर अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हैं। अब नामांकन भरने के बाद नेताओं की रणनीति में भी बदलाव आएंगे। वहीं, बड़े नेता भी गगरेट विधानसभा में अपने-अपने दल के उम्मीदवार के पक्ष में जनसभाएं कर लोगों के बीच रह कर समर्थन जुटाएंगे। हॉट सीट रहे गगरेट के इस उपचुनाव में मुकाबला खासा दिलचस्प होने वाला हैं। इस बार के चुनाव में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि कोई भी मतदाता खुलकर सामने आने से परहेज कर रहा है या यूं कहें कि किसी से भी कोई बुरा नहीं बनना चाहता है।
गगरेट के इस उपचुनाव में दोनों ही दलों में भीतरघात की सम्भावनाओं से कतई इंकार नहीं किया जा सकता। कुछ छुटभैया नेता प्रलोभन में आकर पहले ही अपना पाला बदल चुके हैं। अभी मतदान को दो सप्ताह से ज्यादा का समय है। अभी इस तरह के लोग पता नहीं कितनी बार अपना पाला बदलेंगे और अंत में जिसका पाला भारी होगा, उसी में आकर अपनी राजनीति चमकाएंगे। बहरहाल अब नेता व पार्टी के वरिष्ठ नेता भी ऐसे छूटभेया नेताओं पर नजर रखे हुए हैं। गगरेट के इस हाई प्रोफ़ाइल चुनाव में सियासी तपिश बढ़ने के साथ आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका हैं। दोनों ही दलों के कर्मठ कार्यकर्त्ता फील्ड में उत्तरकर अपने उम्मीदवार की जीत दर्ज करने में जुट चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभी तक दोनों ही दलों के उम्मीदवार नुक्कड़ सभाओं के जरिए मतदाताओं से मिलकर अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हैं। अब नामांकन भरने के बाद नेताओं की रणनीति में भी बदलाव आएंगे। वहीं, बड़े नेता भी गगरेट विधानसभा में अपने-अपने दल के उम्मीदवार के पक्ष में जनसभाएं कर लोगों के बीच रह कर समर्थन जुटाएंगे। हॉट सीट रहे गगरेट के इस उपचुनाव में मुकाबला खासा दिलचस्प होने वाला हैं। इस बार के चुनाव में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि कोई भी मतदाता खुलकर सामने आने से परहेज कर रहा है या यूं कहें कि किसी से भी कोई बुरा नहीं बनना चाहता है।
विज्ञापन
गगरेट के इस उपचुनाव में दोनों ही दलों में भीतरघात की सम्भावनाओं से कतई इंकार नहीं किया जा सकता। कुछ छुटभैया नेता प्रलोभन में आकर पहले ही अपना पाला बदल चुके हैं। अभी मतदान को दो सप्ताह से ज्यादा का समय है। अभी इस तरह के लोग पता नहीं कितनी बार अपना पाला बदलेंगे और अंत में जिसका पाला भारी होगा, उसी में आकर अपनी राजनीति चमकाएंगे। बहरहाल अब नेता व पार्टी के वरिष्ठ नेता भी ऐसे छूटभेया नेताओं पर नजर रखे हुए हैं। गगरेट के इस हाई प्रोफ़ाइल चुनाव में सियासी तपिश बढ़ने के साथ आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका हैं। दोनों ही दलों के कर्मठ कार्यकर्त्ता फील्ड में उत्तरकर अपने उम्मीदवार की जीत दर्ज करने में जुट चुके हैं।
विज्ञापन