{"_id":"523dd7966940f6a3ecbbc88bf09dba8c","slug":"political-hindi-news-62","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा के दुर्ग पर कांग्रेस का कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा के दुर्ग पर कांग्रेस का कब्जा
ब्यूरो/ अमर उजाला, ऊना
Updated Thu, 21 Jan 2016 07:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतोषगढ़ (ऊना)। संतोषगढ़ नगर परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद पर कब्जा कर चाहे कांग्रेस ने भाजपा के दुर्ग को ढहाने में कामयाबी हासिल कर ली हो, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेसी पार्षद अशोक कुमारी की ओर से नामांकन दाखिल किया जाना कांग्रेस के नेताओं को अखर रहा है।
नगर निकाय चुनाव में वार्डों में जीत हासिल करने वाली कांग्रेस का अगर एक और पार्षद अशोक कुमारी के पक्ष में मतदान कर देता तो कांग्रेस की नगर परिषद पर कब्जा करने की सारी उम्मीदें धरी की धरी रह जातीं।
अध्यक्ष पद के लिए वीना कुमारी के नाम पर पार्टी बैठक में सहमति होने के बावजूद अशोक कुमारी की ओर से मतदान के वक्त नामांकन दाखिल कर दिए जाने से कांग्रेस के स्थानीय नेता सकते में आ गए। अंदरखाते अशोक कुमारी के पक्ष में मत देने के लिए भाजपा ने पहले ही रणनीति तैयार कर रखी थी। वहीं कांग्रेसी पार्षदों की एकजुटता के चलते अशोक कुमारी एक मत के अंतर से अध्यक्ष पद से दूर हो गईं।
विज्ञापन
अध्यक्ष पद के लिए वीना का नाम तय हो जाने के बाद भी अशोक कुमारी के नामांकन भरे जाने को पार्टीं नेता पार्टीं के आदेशों की अनदेखी करार दे रहे हैं। अध्यक्ष पद पर वीना कुमारी के पक्ष में वार्ड दो से पार्षद गुरदेव सिंह, वार्ड तीन से पार्षद व्यासा देवी, वार्ड चार से पार्षद रविकांत, वार्ड सात से पार्षद अमरावती मतदान किया, जबकि अशोक कुमारी के पक्ष में भाजपा के वार्ड पांच के पार्षद निर्मला देवी, वार्ड आठ से भजन सिंह मान, वार्ड नौ से अंजना चब्बा ने मत दिया। उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेसी पार्षद गुरदेव सिंह के खिलाफ किसी के भी नामांकन न भरे जाने के चलते गुरदेव निर्विरोध उपाध्यक्ष बने।
विज्ञापन
नगर निकाय चुनाव में वार्डों में जीत हासिल करने वाली कांग्रेस का अगर एक और पार्षद अशोक कुमारी के पक्ष में मतदान कर देता तो कांग्रेस की नगर परिषद पर कब्जा करने की सारी उम्मीदें धरी की धरी रह जातीं।
विज्ञापन
अध्यक्ष पद के लिए वीना कुमारी के नाम पर पार्टी बैठक में सहमति होने के बावजूद अशोक कुमारी की ओर से मतदान के वक्त नामांकन दाखिल कर दिए जाने से कांग्रेस के स्थानीय नेता सकते में आ गए। अंदरखाते अशोक कुमारी के पक्ष में मत देने के लिए भाजपा ने पहले ही रणनीति तैयार कर रखी थी। वहीं कांग्रेसी पार्षदों की एकजुटता के चलते अशोक कुमारी एक मत के अंतर से अध्यक्ष पद से दूर हो गईं।
विज्ञापन
अध्यक्ष पद के लिए वीना का नाम तय हो जाने के बाद भी अशोक कुमारी के नामांकन भरे जाने को पार्टीं नेता पार्टीं के आदेशों की अनदेखी करार दे रहे हैं। अध्यक्ष पद पर वीना कुमारी के पक्ष में वार्ड दो से पार्षद गुरदेव सिंह, वार्ड तीन से पार्षद व्यासा देवी, वार्ड चार से पार्षद रविकांत, वार्ड सात से पार्षद अमरावती मतदान किया, जबकि अशोक कुमारी के पक्ष में भाजपा के वार्ड पांच के पार्षद निर्मला देवी, वार्ड आठ से भजन सिंह मान, वार्ड नौ से अंजना चब्बा ने मत दिया। उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेसी पार्षद गुरदेव सिंह के खिलाफ किसी के भी नामांकन न भरे जाने के चलते गुरदेव निर्विरोध उपाध्यक्ष बने।