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गगरेट में टांय-टांय फिस्स हुआ बीडीसी चुनाव
ब्यूरो/ अमर उजाला, ऊना
Updated Tue, 19 Jan 2016 07:06 PM IST
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गगरेट(ऊना)। ब्लॉक समिति गगरेट के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के निर्णय को लेकर रखा गई चुनावी बैठक उस वक्त टांय-टांय फिस्स हो गई जब इस बैठक में दोनों ही दलों से समर्थित कोई भी प्रत्याशी नहीं पहुंचा।
यह चुनावा एक हाई प्रोफाइल ड्रामे के तहत टल गया। बैठक में न तो कांग्रेस का और न ही भाजपा का कोई पंचायत समिति सदस्य चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने पहुंचा। हालांकि चुनाव करवाने आए एसडीएम सुनील वर्मा समिति सदस्यों का एक बजे तक इंतजार करते रहे। चुनाव की आगामी तिथि 24 जनवरी तय की गई है। कांग्रेस व भाजपा अब अंक गणित में एक दूसरे से ऊपर होने के दावे करें लेकिन कोरम पूरा करने के लिए न तो कांग्रेस के पास संख्या बल था और न ही भाजपा के पास।
बीस सदस्यीय पंचायत समिति में कोरम पूरा करने के लिए चौदह सदस्य हाजिर होने चाहिए थे लेकिन दोनों दलों के पास इतने सदस्य नहीं थे। यही वजह रही कि कांग्रेस व भाजपा ने चुनाव से दूरी बनाए रखने में ही भलाई समझी। पंचायत समिति अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए पांच दिन का और समय मिल जाने के चलते अब दोनों दल पूरी शिद्दत के साथ जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। हालांकि अब चौबीस जनवरी को रखे गए चुनाव वाले दिन कोरम पूरा करने के लिए चौदह सदस्यों के हाजिर होने की शर्त नहीं होगी। ऐसे में यह तय है कि चौबीस जनवरी को हर हाल में चुनाव संपन्न हो जाएगा।
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मंगलवार को कांग्रेस समर्थित पंचायत समिति सदस्य विधायक राकेश कालिया के निवास स्थान भंजाल में डटे रहे तो भाजपा समर्थित समिति सदस्यों ने बड़ोह में कैंप डाला हुआ था। जाहिर है कि पंचायत समिति गगरेट के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव कांग्रेस के लिए नाक का सवाल बना हुआ है तो भाजपा इस चुनाव में जीत दर्ज कर यह जताने का प्रयास करेगी कि कांग्रेस का जनाधार अब खिसक चुका है। उधर एसडीएम सुनील वर्मा का कहना है कि मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए कोई भी समिति सदस्य हाजिर नहीं हुआ। अब चौबीस जनवरी को दोबारा चुनाव करवाया जाएगा।
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यह चुनावा एक हाई प्रोफाइल ड्रामे के तहत टल गया। बैठक में न तो कांग्रेस का और न ही भाजपा का कोई पंचायत समिति सदस्य चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने पहुंचा। हालांकि चुनाव करवाने आए एसडीएम सुनील वर्मा समिति सदस्यों का एक बजे तक इंतजार करते रहे। चुनाव की आगामी तिथि 24 जनवरी तय की गई है। कांग्रेस व भाजपा अब अंक गणित में एक दूसरे से ऊपर होने के दावे करें लेकिन कोरम पूरा करने के लिए न तो कांग्रेस के पास संख्या बल था और न ही भाजपा के पास।
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बीस सदस्यीय पंचायत समिति में कोरम पूरा करने के लिए चौदह सदस्य हाजिर होने चाहिए थे लेकिन दोनों दलों के पास इतने सदस्य नहीं थे। यही वजह रही कि कांग्रेस व भाजपा ने चुनाव से दूरी बनाए रखने में ही भलाई समझी। पंचायत समिति अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए पांच दिन का और समय मिल जाने के चलते अब दोनों दल पूरी शिद्दत के साथ जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। हालांकि अब चौबीस जनवरी को रखे गए चुनाव वाले दिन कोरम पूरा करने के लिए चौदह सदस्यों के हाजिर होने की शर्त नहीं होगी। ऐसे में यह तय है कि चौबीस जनवरी को हर हाल में चुनाव संपन्न हो जाएगा।
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मंगलवार को कांग्रेस समर्थित पंचायत समिति सदस्य विधायक राकेश कालिया के निवास स्थान भंजाल में डटे रहे तो भाजपा समर्थित समिति सदस्यों ने बड़ोह में कैंप डाला हुआ था। जाहिर है कि पंचायत समिति गगरेट के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव कांग्रेस के लिए नाक का सवाल बना हुआ है तो भाजपा इस चुनाव में जीत दर्ज कर यह जताने का प्रयास करेगी कि कांग्रेस का जनाधार अब खिसक चुका है। उधर एसडीएम सुनील वर्मा का कहना है कि मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए कोई भी समिति सदस्य हाजिर नहीं हुआ। अब चौबीस जनवरी को दोबारा चुनाव करवाया जाएगा।