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मैहतपुर नपं की चाभी आजाद के हाथ
ब्यूरो/ अमर उजाला, ऊना
Updated Tue, 19 Jan 2016 06:57 PM IST
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मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय नगर पंचायत पर कब्जा जमाने को लेकर हो रही उठापटक पर 21 जनवरी को विराम लग जाने की उम्मीद जग गई है।
ताजा समीकरणों के मुताबिक बतौर आजाद विजयी उम्मीदवार रंजना के हाथ अब नगर पंचायत की चाभी आ गई है। आजाद उम्मीदवार के समर्थन से ही मैहतपुर नगर का नया अध्यक्ष तय होगा। वहीं, वार्ड एक से विजयी मंजू चंदेल को पहले से ही कांग्रेस के साथ माना जा रहा है। लिहाजा हवा पूरी तरह से कांग्रेस के पक्ष में हो गई है। वार्ड सात से विजयी आजाद पार्षद रंजना कंवर ने ‘अमर उजाला’ के साथ बातचीत में अपने दिल के राज खोले। इससे लगा कि वह 21 जनवरी को अपना समर्थन देकर मैहतपुर-बसदेहड़ा नगर पंचायत नई कमेटी का गठन कर इस धर्म संकट से बाहर निकल आएंगी।
भाजपा से नाराज महिला पार्षद ने कहा कि उन्हीं के वार्ड से भाजपा के दो नेता कहे जाने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने उन्हें एक साल पूर्व से ही भाजपा की ओर से चुनाव लड़ाने को तैयार किया, लेकिन जब वक्त आया तो उन्हें सौगात में धोखा मिला, यही वजह रही कि आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ा। रंजना की मानें तो उनके ससुर जितेंद्र सिंह भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं, मगर बदले हालात में वह अपनी बहू को अपने विवेक से काम लेने की ही सलाह दे रहे हैं। नवनियुक्त पार्षद रंजना के मुताबिक स्थानीय नपं में भ्रष्टाचार अपने चर्म पर है।
विकास को आए सरकारी धन की अगर संजीदगी से सरकार जांच करवाए तो महज दस फीसदी पैसा ही लगा है। बाकी कहां गया, यह जांच का विषय है। सरेआम सट्टे, जुए तथा पैग सेल की दुकानें सरकारी स्कूलों के आसपास चल रही हैं। जो भी पार्टी इन सबकी जांच करवाकर उन्हें बंद करवाने का वादा करेगी, उसे वह अपना समर्थन देंगी। आजाद पार्षद ने भरोसा दिलाया कि 21 जनवरी को नई कमेटी का गठन हो जाएगा।
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ताजा समीकरणों के मुताबिक बतौर आजाद विजयी उम्मीदवार रंजना के हाथ अब नगर पंचायत की चाभी आ गई है। आजाद उम्मीदवार के समर्थन से ही मैहतपुर नगर का नया अध्यक्ष तय होगा। वहीं, वार्ड एक से विजयी मंजू चंदेल को पहले से ही कांग्रेस के साथ माना जा रहा है। लिहाजा हवा पूरी तरह से कांग्रेस के पक्ष में हो गई है। वार्ड सात से विजयी आजाद पार्षद रंजना कंवर ने ‘अमर उजाला’ के साथ बातचीत में अपने दिल के राज खोले। इससे लगा कि वह 21 जनवरी को अपना समर्थन देकर मैहतपुर-बसदेहड़ा नगर पंचायत नई कमेटी का गठन कर इस धर्म संकट से बाहर निकल आएंगी।
भाजपा से नाराज महिला पार्षद ने कहा कि उन्हीं के वार्ड से भाजपा के दो नेता कहे जाने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने उन्हें एक साल पूर्व से ही भाजपा की ओर से चुनाव लड़ाने को तैयार किया, लेकिन जब वक्त आया तो उन्हें सौगात में धोखा मिला, यही वजह रही कि आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ा। रंजना की मानें तो उनके ससुर जितेंद्र सिंह भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं, मगर बदले हालात में वह अपनी बहू को अपने विवेक से काम लेने की ही सलाह दे रहे हैं। नवनियुक्त पार्षद रंजना के मुताबिक स्थानीय नपं में भ्रष्टाचार अपने चर्म पर है।
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विकास को आए सरकारी धन की अगर संजीदगी से सरकार जांच करवाए तो महज दस फीसदी पैसा ही लगा है। बाकी कहां गया, यह जांच का विषय है। सरेआम सट्टे, जुए तथा पैग सेल की दुकानें सरकारी स्कूलों के आसपास चल रही हैं। जो भी पार्टी इन सबकी जांच करवाकर उन्हें बंद करवाने का वादा करेगी, उसे वह अपना समर्थन देंगी। आजाद पार्षद ने भरोसा दिलाया कि 21 जनवरी को नई कमेटी का गठन हो जाएगा।
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