{"_id":"57ecffe04f1c1b6152573bde","slug":"police-alert-at-chintpurni","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिंतपूर्णी मंदिर में सुरक्षा कड़ी, पांच सौ जवान संभालेंगे सुरक्षा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिंतपूर्णी मंदिर में सुरक्षा कड़ी, पांच सौ जवान संभालेंगे सुरक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला/भरवाईं/चिंतपूर्णी
Updated Thu, 29 Sep 2016 10:33 PM IST
विज्ञापन
हिमाचल के ऊना में स्थित मां चिंतपुर्णी का मंदिर भी प्रसिद्घ 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां भी मां सती के शरीर का एक हिस्सा गिर गया था। चिंतपुर्णी को मां चिनमास्तिका देवी के नाम से भी जाना जाता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में एक अक्तूबर से शुरू होने वाले आश्विन नवरात्रों को लेकर पुलिस प्रशासन ने पुख्ता प्रबंधों के दावे किए हैं। पुलिस ने उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद चिंतपूर्णी मंदिर में नवरात्रों को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी है। छिन्नमस्तिका धाम में एक अक्तूूबर से शुरू होने वाले नवरात्र मेलों के चलते मंदिर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
विज्ञापन
मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि मंदिर क्षेत्र में लगाए गए 75 सीसीटीवी कैमरों पर मंदिर कर्मचारियों के अलावा सुरक्षा कर्मी भी इस बार 24 घंटे नजर रखेंगे, जिससे जेबकतरों एवं अन्य असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सके। मंदिर में जेबकतरों पर विशेष फोकस करने के लिए होमगार्ड के जवानों को सिविल ड्रेस में लगाया जाएगा। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का मेटल डिटेक्टर से होकर ही प्रवेश होगा। नारियल मंदिर के अंदर लेकर जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। दर्शन पर्ची की जगह पर ही नारियल श्रद्धालुओं से ले लिया जाएगा, जिसे वे दर्शन के बाद वापस भी प्राप्त कर सकेंगे। मेले के दौरान डेढ़ सौ पुलिस कर्मी एवं तीन सौ अतिरिक्त होमगार्ड के जवानों की तैनाती की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए पीने के स्वच्छ जल की व्यवस्था भरवाईं से लेकर शीतला मंदिर तक कर दी गई है। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पुराने बस स्टैंड से दर्शन पर्ची लेकर ही मंदिर जाने की अपील की है, अन्यथा दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
मंदिर की सजावट के लिए विशेष प्रकार के देशी और विदेशी फूलों का प्रयोग किया जा रहा है, जो दिल्ली से एक श्रद्धालु कमल द्वारा फूलों की सजावट का काम करवाया जा रहा है। वहीं, फिरोजपुर के किशन मित्तल की ओर से रंग बिरंगी लाइटों की सजावट का काम करवाया जा रहा है। भरवाईं से लेकर चिंतपूर्णी मंदिर तक कीटनाशक एवं चूना स्प्रे करने के निर्देश सफाई कर्मियों को दिए गए हैं। शत चंडी पाठ मंदिर में पहले नवरात्र से शुरू किया जाएगा एवं नवमी के दिन पूर्णाहुति डाली जाएगी। अष्टमी के दिन मां को छप्पन प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया जाएगा। माता के नवरात्र व्रत रखने वालों को मंदिर के लंगर हॉल में व्रत का खाना सायं 4 से 6 बजे तक मिलेगा।
विज्ञापन
जिलाधीश एवं मंदिर आयुक्त विकास लाबरू ने बताया कि नवरात्र मेलों के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि नवरात्र मेले की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। माता के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट मात्र एक घंटे रात साढ़े 11 से सुबह साढ़े 12 बजे तक ही मंदिर की साफ-सफाई के लिए बंद रहेंगे।