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कोटला बेला में दूषित पानी पीने को मजबूर
ब्यूरो/अमर उजाला/थानाकलां
Updated Fri, 05 Aug 2016 11:08 PM IST
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- फोटो : Getty Images
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उपमंडल बंगाणा की डोहगी पंचायत के गांव कोटला बेला की हरिजन आबादी के 15 परिवार भरी बरसात में पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि ये परिवार दो किलोमीटर दूर नलवाड़ी के एक प्राकृतिक स्रोत से दूषित पानी ला कर पीने को मजबूर हैं।
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गांव में आइपीएच विभाग ने नल तो लगा रखे हैं, लेकिन पिछले कई माह से विभाग के नलों में पानी की एक भी बूंद तक नहीं टपकी है। ग्रामीण प्रकाश चंद, जगतराम, अमर नाथ, छोटू राम, ज्ञान चंद, रमेश चंद, सुनीता देवी, अजय कुमार, हरबंस लाल, राकेश कुमार, ममता देवी, सरोज, वीना देवी आदि का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर विभाग से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन करीब एक साल बीत जाने के बावजूद समस्या का हल नहीं हो पाया है।
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लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से जमासनी माता मंदिर से लेकर कोटला बेला तक नई पाइप लाइन बिछाई जानी थी, लेकिन विभाग कुछ लोगों की मिली भगत से जानबूझ कर पाइप लाइन के काम को लटका रहा है। लोगों का कहना है कि यदि उक्त पाइप लाइन को निकालने में कोई आपत्ति है तो दूसरे स्थान से पाइप लाइन निकाल कर सप्लाई बहाल की जाए। लोगों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गांव में जल्द पेयजल सप्लाई बहाल करवाई जाए। उधर, जेई रवि शर्मा का कहना है कि उक्त गांव के लिए जो पाइप लाइन बिछाई जा रही है, उसमें गांव के कुछ लोगों को आपत्ति है। वे लाइन को निकालने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी अन्य स्थान से पाइप लाइन बिछाने की व्यवस्था की जा रही है।
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