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उपमंडल स्तर पर स्थापित होंगे ऑक्सीजन स्टोरेज सेंटर
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ऊना। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बचाव को लेकर तैयारी पुख्ता करना शुरू कर दी हैं। लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों के चलते अब प्रशासन उपमंडल स्तर पर ऑक्सीजन स्टोरेज सेंटर बनाने जा रहा है। इसके लिए उपमंडल स्तर पर स्थानों को चयनित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद उपमंडल स्तर पर इसे शुरू कर दिया जाएगा। इन सेंटर का आपातकाल में प्रयोग किया जा सकेगा।
कोरोना के बढ़ते मामलों के देश और प्रदेश में सरकारें ऑक्सीजन को लेकर चिंतित है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भविष्य के लिए तैयारी मक्कमल कर रहा है। इस समय में जिले में ऑक्सीजन के लिए व्यापक प्रबंध हैं। इस संबंध उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन पुख्ता प्रबंध कर रहा है। उपमंडल स्तर पर ऑक्सीजन स्टोरेज के लिए केंद्र बनाने की तैयारी चल रही है। इससे आपातकाल में मरीजों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।
समय रहते मरीजों को मिलेगी ऑक्सीजन की सुविधा
कोरोना के गंभीर मरीजों को सांस में दिक्कत की वजह ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर उपमंडल स्तर पर ही इसके लिए पुख्ता इंतजाम होंगे तो मरीज को मरीज को ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया करवाने के लिए जिला मुख्यालय तक का सफर तय नहीं करना पड़ेगा। इसी मंशा से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए काम करना शुरू कर दिया है। प्रशासन की तरफ से संबंधित अधिकारियों के साथ रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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ऊना, हरोली और गगरेट में स्टोरेज सेंटर तैयार
ऊना। उपमंडल स्तर पर आक्सीजन स्टोरेज सेंटर खोले जा रहे हैं। इन सेंटर से कोविड केयर सेंटर में जरूरत पड़ने पर आक्सीजन सिलिंडर मुहैया करवाए जा सकेंगे। मरीजों की संख्या के हिसाब से ऑक्सीजन सिलिंडर स्टोर में रखे जाएंगे। ऊना जिला के पांच उपमंडल में से ऊना, हरोली और गगरेट में स्टोरेज सेंटर तैयार कर लिए गए हैं।
जरूरत पड़ने पर उनमें ऑक्सीजन की स्टोरेज की जा सकती है। साथ ही अंब और बंगाणा में भी जरूरत पड़ने पर स्टोरेज सेंटर बनाए जा सकते हैं। इन सेंटरों में गैस आपूर्ति के लिए टेंडर होंगे। टेंडर पाने वाली कंपनी ही सेंटर पर ऑक्सीजन आपूर्ति करेगी। जिला में जिन क्षेत्रों में कोविड केयर सेंटर हैं, उन उपमंडलों में ही प्राथमिकता के आधार पर सेंटर तैयार किए गए हैं। सेंटर के लिए स्वास्थ्य विभाग के भवन चिह्नित किए जा रहे हैं।
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कोरोना के बढ़ते मामलों के देश और प्रदेश में सरकारें ऑक्सीजन को लेकर चिंतित है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भविष्य के लिए तैयारी मक्कमल कर रहा है। इस समय में जिले में ऑक्सीजन के लिए व्यापक प्रबंध हैं। इस संबंध उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन पुख्ता प्रबंध कर रहा है। उपमंडल स्तर पर ऑक्सीजन स्टोरेज के लिए केंद्र बनाने की तैयारी चल रही है। इससे आपातकाल में मरीजों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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समय रहते मरीजों को मिलेगी ऑक्सीजन की सुविधा
कोरोना के गंभीर मरीजों को सांस में दिक्कत की वजह ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर उपमंडल स्तर पर ही इसके लिए पुख्ता इंतजाम होंगे तो मरीज को मरीज को ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया करवाने के लिए जिला मुख्यालय तक का सफर तय नहीं करना पड़ेगा। इसी मंशा से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए काम करना शुरू कर दिया है। प्रशासन की तरफ से संबंधित अधिकारियों के साथ रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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ऊना, हरोली और गगरेट में स्टोरेज सेंटर तैयार
ऊना। उपमंडल स्तर पर आक्सीजन स्टोरेज सेंटर खोले जा रहे हैं। इन सेंटर से कोविड केयर सेंटर में जरूरत पड़ने पर आक्सीजन सिलिंडर मुहैया करवाए जा सकेंगे। मरीजों की संख्या के हिसाब से ऑक्सीजन सिलिंडर स्टोर में रखे जाएंगे। ऊना जिला के पांच उपमंडल में से ऊना, हरोली और गगरेट में स्टोरेज सेंटर तैयार कर लिए गए हैं।
जरूरत पड़ने पर उनमें ऑक्सीजन की स्टोरेज की जा सकती है। साथ ही अंब और बंगाणा में भी जरूरत पड़ने पर स्टोरेज सेंटर बनाए जा सकते हैं। इन सेंटरों में गैस आपूर्ति के लिए टेंडर होंगे। टेंडर पाने वाली कंपनी ही सेंटर पर ऑक्सीजन आपूर्ति करेगी। जिला में जिन क्षेत्रों में कोविड केयर सेंटर हैं, उन उपमंडलों में ही प्राथमिकता के आधार पर सेंटर तैयार किए गए हैं। सेंटर के लिए स्वास्थ्य विभाग के भवन चिह्नित किए जा रहे हैं।