अष्टमी मेले में एक हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिंतपूर्णी में 3 से 12 अगस्त तक आयोजित होने वाले श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले की सुरक्षा प्रबंधों को लेकर रूपरेखा तैयार कर ली गई है। एसपी ऊना अनुपम शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, भगदड़ और अफवाहों को रोकने, श्रद्धालुओं के जान माल की सुरक्षा, समाज विरोधी तथा देशद्रोही तत्वों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस और होमगार्ड के करीब एक हजार जवानों को सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। एएसपी ऊना मदन लाल कौशल को मेला पुलिस अधिकारी एवं डीएसपी अंब जितेंद्र चौधरी को सहायक मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेले को सुचारु और सफल बनाने के लिए मेला क्षेत्र को 8 पुलिस सेक्टरों में बांटा गया है।
सेक्टर 1 गगरेट के आशादेवी मंदिर से मुबारिकपुर तक होगा। सेक्टर 2 मुबारिकपुर से शिव मंदिर भरवाईं तक होगा। सेक्टर 3 शिव मंदिर से तलवाड़ा बाईपास पार्किंग स्थल से ऊना और कांगड़ा जिले की सीमा तक और भरवाईं पार्किंग स्थल से मोईन गांव के कुएं तक होगा। सेक्टर 4 नया बस अड्डा तलवाड़ा बाईपास से लेकर पुराना बस अड्डा तक होगा। सेक्टर 5 पुराना बस अड्डा से समनोली चौक और मंदिर द्वारा निर्मित बाईपास गांव मोईन के कुएं तक, अस्पताल रोड शिव मंदिर तालाब, प्रशासनिक भवन, शाहकोट वाली पौड़ियां और जगदंबा ढाबा वाली पौड़ियों तक होगा। सेक्टर 6 संजीव क्लीनिक से लेकर मुख्य बाजार तक होगा। सेक्टर 7 मंदिर परिसर व प्रवेश द्वार, निकासी द्वार वाली पौड़ियों और लिफ्ट व लंगर भवन और लक्कड़ बाजार से पुराना बस अड्डा तक होगा। सेक्टर 8 शास्त्री स्वीट्स से लेकर शीतला मंदिर तक और तलवाड़ा बाईपास से लेकर नए बस अड्डे तक होगा।
प्रत्येक सेक्टर में एक राजपत्रित पुलिस अधिकारी, अराजपत्रित अधिकारी ग्रेड-1 को बतौर सेक्टर प्रभारी तैनात किया गया है। मेले में आपराधिक मामलों का निपटारा करने के लिए तथा समस्त सेक्टरों में तालमेल बनाए रखने के लिए एक अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई है। इसमें एक कंट्रोल रूम भी होगा, जो दिन-रात काम करेगा। एसपी ने कहा कि मेले के दौरान किसी भी सेक्टर में यदि किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की समस्या होती है तो अफवाहों में ध्यान न दें और अपने कर्तव्य पालन का ध्यान दें। किसी भी आपात स्थिति अथवा सहायता के लिए श्रद्धालु और जनता पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।